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सारंगपुर में 56 एकड़ में बनेगा पंजाब यूनिवर्सिटी का रिसर्च ब्लॉक और हॉस्टल, तैयार हुआ एक्शन प्लान
Tue, 02 Apr 2019 01:33 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 02 Apr 2019 01:33 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी देश दुनिया के रिसर्च स्कॉलरों के लिए अलग से ब्लॉक बनाने जा रहा है। इसके लिए सारंगपुर में 56 एकड़ जमीन खरीदी गई है। यह जमीन पीयू के नाम हो गई है। इस ब्लॉक में कई योजनाओं को उतारा जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार हो रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो पीयू में हर साल रिसर्च के लिए 300 विद्यार्थियों के दाखिले होते हैं। इतने ही रिसर्च स्कॉलर पहले से कार्य कर रहे हैं। इनके अलावा लगभग 150 विद्यार्थी रिसर्च कर रहे हैं। रिसर्च के जरिये पीयू को देश दुनिया में अलग पहचान मिली है।
इसी कारण इस क्षेत्र का वह विस्तार होने जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सारंगपुर में 56 एकड़ जमीन खरीद ली गई है। इस जमीन पर सभी रिसर्च स्कॉलर के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनमें रहने खाने की हर सुविधा मौजूद होगी। इन हॉस्टलों का मॉडल भी आधुनिक होगा ताकि विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित किया जा सके। यहां एक हजार से अधिक रिसर्च स्कॉलरों के लिए रहने की व्यवस्था होगी। शारीरिक अभ्यास के लिए ओपन जिम भी खुलेगा। हर हॉस्टल में तीन तीन मेस व कैंटीनें होंगी। इनमें खाने के लिए हर आइटमें मौजूद होंगे। विदेशी पकवान भी बनाए जाने की योजना है।
फैकल्टी के आवास भी यहीं बनेंगे
सूत्रों का कहना है कि छात्रों के अलावा फैकल्टी के आवास भी यहीं बनेंगे। उन्हें पीयू कैंपस में नहीं आना होगा। इसके अलावा जो स्टूडेंट रिसर्च की ट्रेनिंग लेंगे, उन्हें भी हॉस्टलों में जगह दिए जाने की योजना है। सूत्रों का कहना है कि नए शैक्षिक सत्र तक इस योजना को धरातल पर उतारा जा सकता है। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है।
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प्रो. ग्रोवर का था आइडिया
पीयू के पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर का यह विचार था। उन्होंने सपना देखा था कि सारंगपुर में रिसर्च ब्लॉक हो और उसी को ध्यान में रख कर जमीन खरीदी गई है। इस जमीन पर क्या क्या होगा? इसका प्लान पहले तैयार नहीं था। केवल मौखिक ही बातें हुई थीं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पीयू प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है।
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इसी कारण इस क्षेत्र का वह विस्तार होने जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सारंगपुर में 56 एकड़ जमीन खरीद ली गई है। इस जमीन पर सभी रिसर्च स्कॉलर के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनमें रहने खाने की हर सुविधा मौजूद होगी। इन हॉस्टलों का मॉडल भी आधुनिक होगा ताकि विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित किया जा सके। यहां एक हजार से अधिक रिसर्च स्कॉलरों के लिए रहने की व्यवस्था होगी। शारीरिक अभ्यास के लिए ओपन जिम भी खुलेगा। हर हॉस्टल में तीन तीन मेस व कैंटीनें होंगी। इनमें खाने के लिए हर आइटमें मौजूद होंगे। विदेशी पकवान भी बनाए जाने की योजना है।
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फैकल्टी के आवास भी यहीं बनेंगे
सूत्रों का कहना है कि छात्रों के अलावा फैकल्टी के आवास भी यहीं बनेंगे। उन्हें पीयू कैंपस में नहीं आना होगा। इसके अलावा जो स्टूडेंट रिसर्च की ट्रेनिंग लेंगे, उन्हें भी हॉस्टलों में जगह दिए जाने की योजना है। सूत्रों का कहना है कि नए शैक्षिक सत्र तक इस योजना को धरातल पर उतारा जा सकता है। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है।
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प्रो. ग्रोवर का था आइडिया
पीयू के पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर का यह विचार था। उन्होंने सपना देखा था कि सारंगपुर में रिसर्च ब्लॉक हो और उसी को ध्यान में रख कर जमीन खरीदी गई है। इस जमीन पर क्या क्या होगा? इसका प्लान पहले तैयार नहीं था। केवल मौखिक ही बातें हुई थीं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पीयू प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है।