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पीयू ने पास किया 515.61 करोड़ का बजट, ये रखा लक्ष्य

Tue, 14 Feb 2017 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 14 Feb 2017 12:54 AM IST
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Punjab university passed budget of 515.61 crore, chandigarh news
Panjab University - फोटो : File Photo
पंजाब यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ फाइनेंस (बीओएफ) ने सोमवार को 2017-18 सत्र के लिए 515.61 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में हुई बीओएफ में 244.28 करोड़ का घाटा पेश किया गया है। 
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पंजाब यूनिवर्सिटी ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के निर्देश पर बजट में कोई नया फंड या प्रोजेक्ट शामिल नहीं किया है। पीयू बजट का 80 फीसदी से अधिक पैसा प्रोफेसर और कर्मचारियों की सैलरी पर ही खर्च होगा। 515.61 करोड़ बजट की अप्रूवल का मामला अब पीयू की आगामी सिंडीकेट और सीनेट मीटिंग में रखा जाएगा।
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बोर्ड ऑफ फाइनेंस में पीयू ने सभी तरह के सोर्स से 271.33 करोड़ की आय होने का अनुमान लगाया है। जबकि पीयू को कुल 244.28 करोड़ का घाटा होगा। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के तौर पर 424.64 करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि नॉन सैलरी का हिस्सा 90.96 करोड़ होगा।  पीयू की ओर से 2016-17 सत्र में सैलरी और पेंशन पर करीब 391.01 करोड़ खर्च किए गए थे। जबकि नॉन सैलरी प्लान का खर्च 82.68 करोड़ था। 
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पीयू प्रशासन कोई नई भर्ती या प्रोजेक्ट शुरू नहीं करेगा

Punjab university passed budget of 515.61 crore, chandigarh news
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ - फोटो : डेमो फोटो
सोमवार को हुई मीटिंग में पीयू प्रशासन की ओर से इनकम बढ़ाने को लेकर आगामी सत्र से फीस और अन्य फंड में बढ़ोतरी करने की प्लानिंग को लेकर भी बोर्ड सदस्यों को अवगत करवाया गया।

केंद्र सरकार और यूजीसी के सख्त निर्देश के बाद पीयू प्रशासन पर खर्च कम करने और खुद की आय बढ़ाने का भारी दबाव है। पीयू प्रशासन को फरवरी का वेतन देने के लिए अभी भी यूजीसी से करीब 30 करोड़ ग्रांट का इंतजार है। 
 
सी क्लास कर्मचारियों को जून तक राहत 
पीयू प्रशासन भारी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। पीयू ने सभी तरह की भर्ती पर रोक लगा दी है। 2011 के बाद नियुक्त कांट्रेक्ट कर्मचारियों पर भी छटनी की तलवार लटक रही है। बोर्ड ऑफ फाइनेंस मीटिंग में सी क्लास कर्मचारियों की रीइम्पलाइमेंट मामले में 30 जून 2017 तक एक्सटेंशन दे दी है।
 
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