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पीयू में हर साल 10 फीसदी फीस बढ़ाने का सुझाव

Wed, 19 Jul 2017 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Jul 2017 12:57 AM IST
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Punjab university meeting, Tips to increase fees
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़। - फोटो : डेमो फोटो
वित्तीय संकट से जूझ रहे पीयू को उबारने के लिए बनाए गए थिंक टैंक की मंगलवार को बैठक हुई। पीयू की आर्थिक हालत ठीक करने के लिए अलग-अलग विचार आए। कुछ विचार ऐसे भी आए कि  ज्यादा फीस न बढ़ाकर इसकी एक सीमा तय कर दी जाए।
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ऐसा हो सकता है कि सालाना 10 फीसदी बढ़ोतरी की जाए। क्योंकि पीयू प्रबंधन अचानक कई गुणा फीस बढ़ाकर उस माहौल को दोहराना नहीं चाहता, जो बीते अप्रैल माह में हुआ था। साथ ही छोटी अवधि के कुछ नए कोर्स शुरू किए जाएं,  जिसमें नए स्टूडेंट दाखिला ले सकें। साथ ही पुराने कोर्सों में भी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। इसे ज्यादा स्टूडेंट, ज्यादा आमदनी के मकसद से बैठक में रखा गया। पीयू के वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर और थिंक के सदस्यों के बीच हुई बैठक  में सभी से सुझाव मांगे गए थे। थिंक टैंक में पीयू के एक्सपर्ट प्रोफेसर, सिनेटर और सिंडिकेट के सदस्य हैं। 
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बैठक के दौरान एक सुझाव आया कि कुछ विभागों को आपस में जोड़ दिया जाए, जिनका मूल एक सा है। इस दौरान उदाहरण दिया गया कि सोशल साइंस और भाषा विभाग को आपस में क्लब किया जा सकता है। वहीं दूसरा सुझाव आया कि जो छोटी अवधि के नए कोर्स शुरू करने की बात की जा रही है, उसके लिए सुविधाओं पर खर्च होगा। तो जवाब में कहा गया कि अगर कुछ विभाग आपस में क्लब हो जाते हैं तो खाली हुई जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।
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नए सेंटर आमंत्रित किए जाएं
एक एक्सपर्ट का विचार आया कि नए सेंटर स्थापित करने के लिए अलग-अलग सोसायटियों को आमंत्रित किया जा सकता है। जैसे हाल ही में पीयू के साउथ ब्लॉक में बायो नेस्ट सेंटर बनाने के लिए बायो-टेक्नोलॉजी काउंसिल ने करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये दिए हैं। इस तरह के और सेंटर स्थापित करने की कोशिश की जाए। पीयू में जो कॉमर्शियल साइट्स हैं, उनके किराये पर भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए। सभी सुझावों पर रिसर्च के लिए अलग-अलग कमेटियां भी बनाई गई। यह अभी थिंक टैंक के विचार हैं। इन पर काम करने के बाद फायदा-नुकसान जानने के बाद प्रस्ताव को मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा।
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