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देश के टॉप थ्री म्यूजियम में शामिल होगा पंजाब यूनिवर्सिटी का मैन ऑफ म्यूजियम, जानिए खासियतें
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 01 Oct 2018 02:31 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी
- फोटो : file photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी का पूरे ग्लोब में नाम है। यहां की प्रतिभा हर जगह है। यहां की हर चीज देश व दुनिया में नजीर बनी है। इसी में शामिल होने जा रहा है एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट का मैन ऑफ म्यूजियम। विस्तार के साथ ही भोपाल, कोलकाता म्यूजियम के बाद देश के टॉप थ्री म्यूजियम में यह शामिल हो जाएगा। खासियत ये है कि विभाग के वैज्ञानिकों ने शिवालिक की पहाड़ियों से मिले स्कल पर रिसर्च किया और उसमें से दांत अलग किए। इन दांतों के आधार पर मानव की संरचना बनाई। यह सात मिलिनियर्स से 40 हजार साल तक के हैं। वैज्ञानिकों ने माना है कि इस काल में मानव मंकी से मॉडर्न बना है।
पहला मनुष्य था कृष्णाई मंकी
डिपार्टमेंट के वैज्ञानिकों को शिवालिक की पहाड़ी से दांत मिला था। उस पर रिसर्च हुआ तो पता चला कि यह पहला मनुष्य था, जिसका नाम प्लाईपैथिक कृष्णाई था। यह मंकी की तरह था और यह 22 मिलिनियर्स ओल्ड है। उसके बाद लूसी की खोज हुई। इसकी हाइट साढ़े तीन फुट की थी। दिमाग विकसित नहीं हुआ था। इस दौरान आदिमानव द्वारा प्रयोग किए जाने वाले हथियार मिले थे। होमोरेक्टर्स मानव की अगली पीढ़ी था। इस अवस्था में आकर आदि मानव पत्थरों से आग जलाना सीख गया। मांस को गर्म करे खाने लगे। उसके बाद इंडोनेशियन फ्लोरेंस आया, जिसका दिमाग विकसित होने लगा था।
सुअर व मनुष्य के दांत, दाड़ एक जैसे
एंथ्रोपोलॉजिस्ट एसआरके चोपड़ा ने मैन ऑफ म्यूजियम की शुरूआत की थी। इसमें घोड़े को दौड़ाने वाली हड्डी रखी है। इसकेअलावा गाय, भैंस, कछुआ, हाथी, सुअर, बंदर, मगरमच्छ, चूहा, खरगोश, जिराफ, गुरिल्ला के फोसिल्स हैं। इन सभी की रीढ़ की हड्डी, दांत, जबड़ा भी इस म्यूजियम में मौजूद है। यह भी आठ मिलिनियर्स पुरानी हैं। सुअर के दांत व दाड़ मनुष्य के दांतों से मैच किए हुए हैं। इसमें से कुछ फोसिल साइंटिस्ट को नर्मदा से मिले हैं। इसमें आंखों के ऊपर की हड्डी भी शामिल हैं।
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सोशल एंथ्रोपोलॉजी की वस्तुएं भी शामिल
इसी म्यूजियम में सोशल एंथ्रोपोलॉजी की वस्तुएं भी शामिल हैं। महिलाओं के सजावट की चीजें, घर में प्रयोग होने वाली वस्तुएं आदि शामिल हैं। अब नई वस्तुएं भी इसमें शामिल की जाएंगी। वह नए म्यूजियम में रखी जाएंगी। पूरे म्यूजियम को विस्तार देने केलिए प्रथम चरण में विभाग को 30 लाख रुपये मिले हैं।
मैन ऑफ म्यूजियम के लिए वैज्ञानिकों ने बड़ी मेहनत की है। यह देश के अच्छे म्यूजियम में शामिल है। अब इसका विस्तार किया जा रहा है। 30 लाख रुपये मिल गए हैं।
-- केवल कृष्ण, चेयरमैन, एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट
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पहला मनुष्य था कृष्णाई मंकी
डिपार्टमेंट के वैज्ञानिकों को शिवालिक की पहाड़ी से दांत मिला था। उस पर रिसर्च हुआ तो पता चला कि यह पहला मनुष्य था, जिसका नाम प्लाईपैथिक कृष्णाई था। यह मंकी की तरह था और यह 22 मिलिनियर्स ओल्ड है। उसके बाद लूसी की खोज हुई। इसकी हाइट साढ़े तीन फुट की थी। दिमाग विकसित नहीं हुआ था। इस दौरान आदिमानव द्वारा प्रयोग किए जाने वाले हथियार मिले थे। होमोरेक्टर्स मानव की अगली पीढ़ी था। इस अवस्था में आकर आदि मानव पत्थरों से आग जलाना सीख गया। मांस को गर्म करे खाने लगे। उसके बाद इंडोनेशियन फ्लोरेंस आया, जिसका दिमाग विकसित होने लगा था।
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सुअर व मनुष्य के दांत, दाड़ एक जैसे
एंथ्रोपोलॉजिस्ट एसआरके चोपड़ा ने मैन ऑफ म्यूजियम की शुरूआत की थी। इसमें घोड़े को दौड़ाने वाली हड्डी रखी है। इसकेअलावा गाय, भैंस, कछुआ, हाथी, सुअर, बंदर, मगरमच्छ, चूहा, खरगोश, जिराफ, गुरिल्ला के फोसिल्स हैं। इन सभी की रीढ़ की हड्डी, दांत, जबड़ा भी इस म्यूजियम में मौजूद है। यह भी आठ मिलिनियर्स पुरानी हैं। सुअर के दांत व दाड़ मनुष्य के दांतों से मैच किए हुए हैं। इसमें से कुछ फोसिल साइंटिस्ट को नर्मदा से मिले हैं। इसमें आंखों के ऊपर की हड्डी भी शामिल हैं।
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सोशल एंथ्रोपोलॉजी की वस्तुएं भी शामिल
इसी म्यूजियम में सोशल एंथ्रोपोलॉजी की वस्तुएं भी शामिल हैं। महिलाओं के सजावट की चीजें, घर में प्रयोग होने वाली वस्तुएं आदि शामिल हैं। अब नई वस्तुएं भी इसमें शामिल की जाएंगी। वह नए म्यूजियम में रखी जाएंगी। पूरे म्यूजियम को विस्तार देने केलिए प्रथम चरण में विभाग को 30 लाख रुपये मिले हैं।
मैन ऑफ म्यूजियम के लिए वैज्ञानिकों ने बड़ी मेहनत की है। यह देश के अच्छे म्यूजियम में शामिल है। अब इसका विस्तार किया जा रहा है। 30 लाख रुपये मिल गए हैं।
-- केवल कृष्ण, चेयरमैन, एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट