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निरफ रैंकिंग में परसेप्शन के कारण पिछड़ी पंजाब यूनिवर्सिटी, अब नाइपर और पीजीआई से लेगी सीख
Wed, 10 Apr 2019 01:54 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 10 Apr 2019 01:54 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस
- फोटो : file photo
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निरफ रैंकिंग में परसेप्शन के कारण पिछड़ा पीयू अब इस पर तेजी से काम करेगा। इसके लिए वह अपने ही विभाग यूआईपीए से सीख लेगा। आखिर इस विभाग ने किन बिंदुओं या किन तरीकों से परसेप्शन पर काम किया। इसके अलावा नाइपर व पीजीआई की भी उस टीम से जानकारी लेगा, जिसके जरिये परसेप्शन में उन्हें अधिक अंक मिले हैं। निरफ रैंकिंग के मानकों में एक मानक परसेप्शन का भी आता है।
इसके जरिये बाहरी लोगों से संबंधित संस्थान के बारे में जानकारी ली जाती है। यदि फीडबैक बेहतर मिलता है तो उसको उसी के मुताबिक अंक मिलते हैं। इस कार्य में निजी विश्वविद्यालय बेहतर कार्य करते हैं। हालांकि कई सरकारी संस्थान भी बाजी मारते हैं। इसी में पीयू पिछड़ गया है। पीयू को इस बार निरफ रैंकिंग के परसेप्शन बिंदु पर महज 27.09 अंक मिले हैं जबकि पीयू के ही यूआईपीएस विभाग को 86.49 अंक मिले हैं।
यानी यूआईपीएस की पिछले साल आई बेहतर रैंकिंग के मानकों को अन्य विभागों ने नहीं देखा और न ही पीयू ने उस विभाग की उपलब्धियों को बाहर तक नहीं पहुंचाया। पीयू के यूबीएस को वर्ल्ड रैंकिंग में 15वां स्थान मिला, लेकिन यहां परसेप्शन यह विभाग भी बेहतर नहीं कर पाया। इस विभाग को महज 15.49 ही अंक मिले हैं। नाइपर को परसेप्शन में 94.74 और पीजीआई को 64.87 अंक मिले हैं।
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पेक को भी करना होगा इस पर काम
निरफ रैंकिंग में परसेप्शन मानक के लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज यानी पेक को भी महज 16.27 अंक मिले हैं। पेक को भी इस बिंदु पर काम करना होगा। जानकार बताते हैं कि पेक की रैंकिंग पहले बेहतर आती थी, लेकिन अब धीरे धीरे डाउन हो रही है जबकि इसकी सरकारी संस्थानों में गिनती होती है। सरकार इस संस्थान पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। यहां दाखिला भी आसानी से नहीं मिलता है।
जल्द सामने आएंगे परिणाम
परसेप्शन के लिए पीयू काम बेहतर करेगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही परिणाम सामने आएंगे।
- डॉ. आशीष जैन, निदेशक आईक्यूएसी निदेशक
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इसके जरिये बाहरी लोगों से संबंधित संस्थान के बारे में जानकारी ली जाती है। यदि फीडबैक बेहतर मिलता है तो उसको उसी के मुताबिक अंक मिलते हैं। इस कार्य में निजी विश्वविद्यालय बेहतर कार्य करते हैं। हालांकि कई सरकारी संस्थान भी बाजी मारते हैं। इसी में पीयू पिछड़ गया है। पीयू को इस बार निरफ रैंकिंग के परसेप्शन बिंदु पर महज 27.09 अंक मिले हैं जबकि पीयू के ही यूआईपीएस विभाग को 86.49 अंक मिले हैं।
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यानी यूआईपीएस की पिछले साल आई बेहतर रैंकिंग के मानकों को अन्य विभागों ने नहीं देखा और न ही पीयू ने उस विभाग की उपलब्धियों को बाहर तक नहीं पहुंचाया। पीयू के यूबीएस को वर्ल्ड रैंकिंग में 15वां स्थान मिला, लेकिन यहां परसेप्शन यह विभाग भी बेहतर नहीं कर पाया। इस विभाग को महज 15.49 ही अंक मिले हैं। नाइपर को परसेप्शन में 94.74 और पीजीआई को 64.87 अंक मिले हैं।
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पेक को भी करना होगा इस पर काम
निरफ रैंकिंग में परसेप्शन मानक के लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज यानी पेक को भी महज 16.27 अंक मिले हैं। पेक को भी इस बिंदु पर काम करना होगा। जानकार बताते हैं कि पेक की रैंकिंग पहले बेहतर आती थी, लेकिन अब धीरे धीरे डाउन हो रही है जबकि इसकी सरकारी संस्थानों में गिनती होती है। सरकार इस संस्थान पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। यहां दाखिला भी आसानी से नहीं मिलता है।
जल्द सामने आएंगे परिणाम
परसेप्शन के लिए पीयू काम बेहतर करेगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जल्द ही परिणाम सामने आएंगे।
- डॉ. आशीष जैन, निदेशक आईक्यूएसी निदेशक