{"_id":"5ce3b75ebdec22072a55383a","slug":"punjab-university-hostal-warden-recruitment-rules-changed","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब यूनिवर्सिटी में अब वरिष्ठता से नहीं साक्षात्कार के जरिये तैनात होंगे वार्डन, एक नई शर्त भी","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पंजाब यूनिवर्सिटी में अब वरिष्ठता से नहीं साक्षात्कार के जरिये तैनात होंगे वार्डन, एक नई शर्त भी
Tue, 21 May 2019 02:02 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 21 May 2019 02:02 PM IST
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी इस बार वार्डन की तैनाती वरिष्ठता से नहीं बल्कि साक्षात्कार के आधार पर करेगा। जानकारों ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि इस नीति से मनमानी को बढ़ावा मिलेगा। साथ उन्हीं चेहरों पर मुहर लगेगी जिनको साक्षात्कार कमेटी चाहेगी। पीयू में मांग उठ रही है कि वार्डन की तैनाती में वरिष्ठता को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ एक और मानक जोड़ा जाना चाहिए। जिस फैकल्टी में छात्रों की संख्या अधिक है वहां के शिक्षकों को वार्डन बनाया जाना चाहिए ताकि हर फैकल्टी का प्रतिनिधित्व हो सके।
पीयू के कैलेंडर में वार्डन तैनाती के नियमों में वरिष्ठता को कोई स्थान नहीं दिया गया है, लेकिन शिक्षकों की मांग को ध्यान में रखकर पिछले वर्षों में इसके तहत वार्डन्स की तैनाती हुई है। सूत्रों का कहना है कि केवल वरिष्ठता के आधार पर ही तैनाती होने से उन विभागों के शिक्षक वार्डन नहीं बन पाए जिनमें छात्रों की संख्या सर्वाधिक थी। वहां से महज एक या दो वार्डन आए जबकि अन्य फैकल्टी से कई वार्डन बने। इसके अलावा कॉरस्पॉन्डन्स के शिक्षकों को भी वार्डन बनाया गया जबकि उनके छात्रों की संख्या हॉस्टलों में शून्य रही है।
अब दो वार्डनों का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात के डॉ. दिनेश कुमार और हॉस्टल नंबर आठ के डॉ. नरेश कुमार शामिल हैं। इनकी जगह तैनाती के लिए पीयू प्रशासन ने आवेदन मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए एक दर्जन से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीयू के कैलेंडर में वार्डन तैनाती के नियमों में वरिष्ठता को कोई स्थान नहीं दिया गया है, लेकिन शिक्षकों की मांग को ध्यान में रखकर पिछले वर्षों में इसके तहत वार्डन्स की तैनाती हुई है। सूत्रों का कहना है कि केवल वरिष्ठता के आधार पर ही तैनाती होने से उन विभागों के शिक्षक वार्डन नहीं बन पाए जिनमें छात्रों की संख्या सर्वाधिक थी। वहां से महज एक या दो वार्डन आए जबकि अन्य फैकल्टी से कई वार्डन बने। इसके अलावा कॉरस्पॉन्डन्स के शिक्षकों को भी वार्डन बनाया गया जबकि उनके छात्रों की संख्या हॉस्टलों में शून्य रही है।
विज्ञापन
अब दो वार्डनों का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात के डॉ. दिनेश कुमार और हॉस्टल नंबर आठ के डॉ. नरेश कुमार शामिल हैं। इनकी जगह तैनाती के लिए पीयू प्रशासन ने आवेदन मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए एक दर्जन से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किए हैं।
विज्ञापन
एक नजर वार्डन्स पर...
पीयू में दस हॉस्टल हैं। इसमें तीन वार्डन यूआईएलएस से आ रहे हैं। वहीं दो जंतु विज्ञान से। यूआईईटी से दो शिक्षक वार्डन हैं, लेकिन उनमें से एक डॉ. नरेश का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में लगभग चार हजार से अधिक विद्यार्थियों के इस विभाग से महज एक ही वार्डन बचेगा। वहीं 200 से 500 छात्रों की संख्या वाले विभागों से वार्डन अधिक लिए गए हैं। हालांकि यह जांच का विषय है, लेकिन माना जा रहा है कि इस बार वार्डन की तैनाती में छात्रों की संख्या को मानक नहीं बनाया गया तो विरोध होना भी तय है।
वरिष्ठा नहीं साक्षात्कार से होती है तैनाती
वार्डन की तैनाती के लिए वीसी की ओर से कमेटी बनाई जाती है। उसमें साक्षात्कार के आधार पर तैनाती होती है, वरिष्ठता के आधार पर नहीं।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू
वरिष्ठा नहीं साक्षात्कार से होती है तैनाती
वार्डन की तैनाती के लिए वीसी की ओर से कमेटी बनाई जाती है। उसमें साक्षात्कार के आधार पर तैनाती होती है, वरिष्ठता के आधार पर नहीं।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू