{"_id":"5b0bc6b74f1c1bab6e8b4f85","slug":"punjab-university-hiked-fees-of-chandigarh-and-punjab-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टूडेंट्स को झटकाः पीयू ने संबद्ध चंडीगढ़ और पंजाब के कॉलेजों की फीस 5 फीसदी बढ़ाई","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
स्टूडेंट्स को झटकाः पीयू ने संबद्ध चंडीगढ़ और पंजाब के कॉलेजों की फीस 5 फीसदी बढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 May 2018 02:37 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी से संबद्ध चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त 192 कालेजों की फीस पांच फीसदी बढ़ा दी गई है। रविवार को हुई सीनेट की बैठक में इस पर बहस और कुछ बदलाव के बाद मोहर लग गई। खास बात यह है कि फीस पांच फीसदी, लेकिन एक हजार रुपये से ज्यादा नहीं बढ़ेगी। हालांकि बैठक में जब कालेजों की फीस बढ़ाने का मसला चला तो पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले सीनेट सदस्यों ने कहा कि पंजाब के कालेजों में जबरदस्त धांधली चल रही है। निजी कालेज मनमर्जी की फीस वसूल लेते हैं और टीचर्स को बहुत कम तनख्वाह देते हैं। तनख्वाह देने में लेटलतीफी भी की जाती है।
वीसी ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं। पंजाब सरकार को कई बार बताया जा चुका है कि कालेजों पर ध्यान देने की जरूरत है। वहीं सीनेट सदस्य आरडी बंसल ने कहा कि पांच फीसदी फीस तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन उसमें कुछ बदलाव किया जाना चाहिए। पीयू ने जो बिल्डिंग फंड को फीस स्ट्रक्चर से हटा दिया है, उसे नए नाम से एड करना चाहिए। 70 रुपये का शुल्क लेकर इसे रीजनल सेंटर डेवलपमेंट फंड का नाम दिया जाना चाहिए। इससे तीन साल में करीब दो करोड़ रुपये आएंगे, जिससे पीयू के रीजनल सेंटरों की हालत सुधारी जा सकती है। वीसी ने इस प्रस्ताव को सराहनीय बताया। आरडी बंसल ने कहा कि 70 रुपये ज्यादा बोझ भी नहीं है, क्योंकि नए फीस स्ट्रक्चर से कई शुल्क हटा दिए गए हैं।
पंजाब के कालेज बीमार, बनेगी शिकायत निवारण कमेटी
वीसी ने कहा कि पंजाब के कॉलेज बीमार हैं। कई बार मसला उठा है और सरकार को बताया भी गया है। वीसी ने कहा कि एक शिकायत निवारण कमेटी बनाई जाएगी, जो पंजाब के कालेजों में तैनात शिक्षकों की शिकायत का निवारण करने में मदद करेगी। साथ ही कालेजों को सीनेट की कार्रवाई मेल के जरिए भेजकर चेताया जाएगा कि उनकी मनमर्जी पर गवर्निंग बॉडी नजर रखे हुए हैं।
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पीयू सीनेट में लिए गए अन्य फैसले
- हंगामे के बाद पीयू में तैनात चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दविंद्र धवन को एक साल की एक्सटेंशन दी गई।
- डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू (वुमन) प्रो. नीना कप्लाश और एसोसिएट डीन रंजन कुमार को इस पद पर एक साल की एक्सटेंशन दी गई।
- डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया का सदस्य चुनने के लिए सीनेट के दौरान चुनाव हुआ। पीयू के डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. जगत भूषण तीन वोट से जीते। उन्हें 37 वोट मिले, जबकि आशिष जैन को 34 वोट पोल हुए।
- प्रो. शंकरजी झा को डीयूआई के पद पर एक साल के लिए दी गई नियुक्ती को मंजूरी दी गई।
135 शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट पर नोटिस
सीनेट सदस्य डॉ. जगदीश मेहता ने वीसी के सामने मुद्दा उठाया कि पीयू के कॉलेजों में तैनात करीब 135 शिक्षकों को डायरेक्टर हॉयर एजूकेशन ने नोटिस दिया है कि क्यों ना उनका पीएचडी इंक्रीमेंट काट लिया जाए। क्योंकि पीयू ने कैंपस में इंक्रीमेंट नहीं दिया। इस पर वीसी ने कहा कि मामला उनकी जानकारी में है और इस पर काम कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस बारे में बातचीत की जाएगी।
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वीसी ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं। पंजाब सरकार को कई बार बताया जा चुका है कि कालेजों पर ध्यान देने की जरूरत है। वहीं सीनेट सदस्य आरडी बंसल ने कहा कि पांच फीसदी फीस तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन उसमें कुछ बदलाव किया जाना चाहिए। पीयू ने जो बिल्डिंग फंड को फीस स्ट्रक्चर से हटा दिया है, उसे नए नाम से एड करना चाहिए। 70 रुपये का शुल्क लेकर इसे रीजनल सेंटर डेवलपमेंट फंड का नाम दिया जाना चाहिए। इससे तीन साल में करीब दो करोड़ रुपये आएंगे, जिससे पीयू के रीजनल सेंटरों की हालत सुधारी जा सकती है। वीसी ने इस प्रस्ताव को सराहनीय बताया। आरडी बंसल ने कहा कि 70 रुपये ज्यादा बोझ भी नहीं है, क्योंकि नए फीस स्ट्रक्चर से कई शुल्क हटा दिए गए हैं।
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पंजाब के कालेज बीमार, बनेगी शिकायत निवारण कमेटी
वीसी ने कहा कि पंजाब के कॉलेज बीमार हैं। कई बार मसला उठा है और सरकार को बताया भी गया है। वीसी ने कहा कि एक शिकायत निवारण कमेटी बनाई जाएगी, जो पंजाब के कालेजों में तैनात शिक्षकों की शिकायत का निवारण करने में मदद करेगी। साथ ही कालेजों को सीनेट की कार्रवाई मेल के जरिए भेजकर चेताया जाएगा कि उनकी मनमर्जी पर गवर्निंग बॉडी नजर रखे हुए हैं।
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पीयू सीनेट में लिए गए अन्य फैसले
- हंगामे के बाद पीयू में तैनात चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दविंद्र धवन को एक साल की एक्सटेंशन दी गई।
- डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू (वुमन) प्रो. नीना कप्लाश और एसोसिएट डीन रंजन कुमार को इस पद पर एक साल की एक्सटेंशन दी गई।
- डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया का सदस्य चुनने के लिए सीनेट के दौरान चुनाव हुआ। पीयू के डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. जगत भूषण तीन वोट से जीते। उन्हें 37 वोट मिले, जबकि आशिष जैन को 34 वोट पोल हुए।
- प्रो. शंकरजी झा को डीयूआई के पद पर एक साल के लिए दी गई नियुक्ती को मंजूरी दी गई।
135 शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट पर नोटिस
सीनेट सदस्य डॉ. जगदीश मेहता ने वीसी के सामने मुद्दा उठाया कि पीयू के कॉलेजों में तैनात करीब 135 शिक्षकों को डायरेक्टर हॉयर एजूकेशन ने नोटिस दिया है कि क्यों ना उनका पीएचडी इंक्रीमेंट काट लिया जाए। क्योंकि पीयू ने कैंपस में इंक्रीमेंट नहीं दिया। इस पर वीसी ने कहा कि मामला उनकी जानकारी में है और इस पर काम कर रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस बारे में बातचीत की जाएगी।