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पीयू में फीस बढ़ोतरी से छात्र संगठन भड़के, वीसी का पुतला जलाया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:55 AM IST
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PU Fee Hike Protest
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से विभिन्न कोर्सों की फीस बढ़ाए जाने से छात्र संगठनों में खासी नाराजगी है। फैसले के अगले ही दिन सोमवार को स्टूडेंट्स यूनियन सड़कों पर उतर आई। कई छात्र संगठनों ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
सोमवार को स्टूडेंट्स फॉर सोसायटी (एसएफएस) ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए रोष मार्च निकाला। एसएफएस ने स्टूडेंट सेंटर पर पीयू के वीसी का पुतला भी जलाया। एसएफएस के अध्यक्ष दमनप्रीत ने कहा कि पीयू के इतिहास में यह सबसे शर्मनाक फैसला है। पीयू प्रशासन लगातार केंद्र सरकार की कठपुतली की तरह काम करते हुए उच्च शिक्षा का निजीकरण करने में लगा है। सौ से अधिक स्टूडेंट्स ने आर्ट ब्लॉक से रोष मार्च निकालना शुरू किया। दमन ने कहा कि रणनीति के तहत आगे भी इस मुद्दे पर वह संघर्ष कड़ा करेंगे।
दूसरे विकल्पों से जुटाया जाए रेवेन्यू
पीयू कैंपस स्टूडेंट काउंसिल के प्रेसिडेंट निशांत कौशल ने कहा कि वह फीस बढ़ोत्तरी का शुरू से विरोध करते रहे हैं। लेकिन स्टूडेंट काउंसिल अथॉरिटी नहीं है वह केवल अपने सुझाव ही पीयू अथॉरिटी को दे सकते हैं। कई सुझाव दिए हैं जिनसे रेवेन्यू जुटेगा और फीस बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी। कैंपस की सभी बिल्डिंग की छतों और खाली जगह पर सोलर पॉवर प्लांट लगाए जाने चाहिए। इससे कैंपस का बिजली बिल का खर्च कम होगा। पीयू के तहत आने वाले कॉलेजों की बिल्डिंग में शाम के समय प्राइवेट इंस्टीट्यूट को अपनी कक्षाएं लगाने के लिए किराए पर दी जा सकती हैं।
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सीनेेट-सिंडीकेट और दूसरी मीटिंग में टीए, डीए, मेहमाननवाजी पर काफी खर्चा होता है। इस तरह के गैरजरूरी खर्चे को कम किया जा सकता है। पीयू अथॉरिटी को गैरजरूरी कंस्ट्रक्शन से बचना चाहिए। साथ ही ऐसे डिपार्टमेंट जिनके कोर्सेज का कोई स्कोप ही नहीं है। उन्हें बंद कर बड़े खर्चे को कम किया जा सकता है। री-इंप्लाइमेंट की बजाए शिक्षक को सेवानिवृत होने पर समाज हित में बिना सेलरी के लालच में पढ़ाना चाहिए। दशकों से जो संस्थान उसकी रोजी-रोटी चला रहा था उसे भी संस्थान की माली हालत में काम आना चाहिए। निशंात ने कहा कि कहा कि केंद्र सरकार यूनिवर्सिटी को पैसा नहीं दे रही। केंद्र सरकार को फंड देना चाहिए।
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सोमवार को स्टूडेंट्स फॉर सोसायटी (एसएफएस) ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए रोष मार्च निकाला। एसएफएस ने स्टूडेंट सेंटर पर पीयू के वीसी का पुतला भी जलाया। एसएफएस के अध्यक्ष दमनप्रीत ने कहा कि पीयू के इतिहास में यह सबसे शर्मनाक फैसला है। पीयू प्रशासन लगातार केंद्र सरकार की कठपुतली की तरह काम करते हुए उच्च शिक्षा का निजीकरण करने में लगा है। सौ से अधिक स्टूडेंट्स ने आर्ट ब्लॉक से रोष मार्च निकालना शुरू किया। दमन ने कहा कि रणनीति के तहत आगे भी इस मुद्दे पर वह संघर्ष कड़ा करेंगे।
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दूसरे विकल्पों से जुटाया जाए रेवेन्यू
पीयू कैंपस स्टूडेंट काउंसिल के प्रेसिडेंट निशांत कौशल ने कहा कि वह फीस बढ़ोत्तरी का शुरू से विरोध करते रहे हैं। लेकिन स्टूडेंट काउंसिल अथॉरिटी नहीं है वह केवल अपने सुझाव ही पीयू अथॉरिटी को दे सकते हैं। कई सुझाव दिए हैं जिनसे रेवेन्यू जुटेगा और फीस बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी। कैंपस की सभी बिल्डिंग की छतों और खाली जगह पर सोलर पॉवर प्लांट लगाए जाने चाहिए। इससे कैंपस का बिजली बिल का खर्च कम होगा। पीयू के तहत आने वाले कॉलेजों की बिल्डिंग में शाम के समय प्राइवेट इंस्टीट्यूट को अपनी कक्षाएं लगाने के लिए किराए पर दी जा सकती हैं।
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सीनेेट-सिंडीकेट और दूसरी मीटिंग में टीए, डीए, मेहमाननवाजी पर काफी खर्चा होता है। इस तरह के गैरजरूरी खर्चे को कम किया जा सकता है। पीयू अथॉरिटी को गैरजरूरी कंस्ट्रक्शन से बचना चाहिए। साथ ही ऐसे डिपार्टमेंट जिनके कोर्सेज का कोई स्कोप ही नहीं है। उन्हें बंद कर बड़े खर्चे को कम किया जा सकता है। री-इंप्लाइमेंट की बजाए शिक्षक को सेवानिवृत होने पर समाज हित में बिना सेलरी के लालच में पढ़ाना चाहिए। दशकों से जो संस्थान उसकी रोजी-रोटी चला रहा था उसे भी संस्थान की माली हालत में काम आना चाहिए। निशंात ने कहा कि कहा कि केंद्र सरकार यूनिवर्सिटी को पैसा नहीं दे रही। केंद्र सरकार को फंड देना चाहिए।
इन कोर्सेज की इतनी बढ़ गई फीस
PU Fee Hike Protest
इन कोर्सेज की इतनी बढ़ गई फीस
कोर्स 2016-17 2017-18
एमसीए 14690 50000
एमए मास कॉम 5920 30000
एलएलएम 14700 25000
बीई केमिकल 7720 90000
बीए, बीकॉम 2200 10000
बीएससी 2320 15000
एमएससी 14570 20000
बीपीएड 2440 15000
एम फार्मेसी 14690 40000
एमबीए 9400 1 लाख
एमई 12850 40000
एमलिब 5920 15000
एलएलबी थ्री ईयर कोर्स 4000 25000
एमपीएड 3280 15000
बीफार्मा 5080 50000
एमएससी बायोटेक 11180 25000
एमटेक 14690 30000
कोर्स 2016-17 2017-18
एमसीए 14690 50000
एमए मास कॉम 5920 30000
एलएलएम 14700 25000
बीई केमिकल 7720 90000
बीए, बीकॉम 2200 10000
बीएससी 2320 15000
एमएससी 14570 20000
बीपीएड 2440 15000
एम फार्मेसी 14690 40000
एमबीए 9400 1 लाख
एमई 12850 40000
एमलिब 5920 15000
एलएलबी थ्री ईयर कोर्स 4000 25000
एमपीएड 3280 15000
बीफार्मा 5080 50000
एमएससी बायोटेक 11180 25000
एमटेक 14690 30000