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पीयू में फीस वृद्धि का विरोध तेज, दूसरे दिन भी स्टूडेंट्स का रोष मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 29 Mar 2017 09:21 AM IST
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दूसरे दिन भी स्टूडेंट्स का रोष मार्च
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से विभिन्न कोर्स के लिए बढ़ाई गई फीसों का विरोध और तेज हो गया है। मंगलवार को छात्रों ने रोष मार्च निकाल वीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसएफएस, एएसए, पीएसयू (ललकार) और सोई कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को स्टूडेंट्स के साथ ज्यादती का हवाला देते हुए इसका कड़ा विरोध किया।
स्टूडेंट सेंटर से इस विरोध की शुरुआत हुई। फिर सभी स्टूडेंट सेंटर से वीसी ऑफिस पहुंचे। सबने अपने हाथों में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ स्लोगन लिखे पोस्टर ले रखे थे। वीसी ऑफिस पर कुछ देर नारेबाजी करने के बाद उन्होंने वीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसएफएस छात्र नेता दमनप्रीत ने कहा कि पीयू को इस दलदल में पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र और पंजाब सरकार की है।
वीसी को तुरंत सीनेट की मीटिंग बुलाकर फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेना चाहिए। सोई कैंपस प्रेसिडेंट करन रंधावा ने कहा कि यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार इतनी फीस बढ़ी है। इस मुद्दे पर सभी स्टूडेंट्स को एकजुट होना चाहिए। सोमवार को भी छात्र संगठनों ने फीस बढ़ोतरी पर रोष मार्च निकालते हुए वीसी का पुतला फूका था।
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टीचिंग और नॉन टीचिंग एसोसिएशन भी आई साथ
वित्तीय संकट से पीयू की साख को बट्टा लग रहा है। देश के शुरुआती शिक्षण संस्थानों में से एक पीयू की हालत ऐसी है कि उसके पास अपने स्टाफ को सैलरी देने का भी रुपये नहीं हैं। इस माली हालत पर टीचिंग और नॉन टीचिंग एसोसिएशन साथ आ गई हैं। मंगलवार को दोनों एसोसिएशन ने साथ मिलकर एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने इस समस्या का कोई पक्का हल खोजने की मांग की। साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार से भी पीयू पर ध्यान देने की अपील की।
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स्टूडेंट सेंटर से इस विरोध की शुरुआत हुई। फिर सभी स्टूडेंट सेंटर से वीसी ऑफिस पहुंचे। सबने अपने हाथों में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ स्लोगन लिखे पोस्टर ले रखे थे। वीसी ऑफिस पर कुछ देर नारेबाजी करने के बाद उन्होंने वीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसएफएस छात्र नेता दमनप्रीत ने कहा कि पीयू को इस दलदल में पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र और पंजाब सरकार की है।
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वीसी को तुरंत सीनेट की मीटिंग बुलाकर फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेना चाहिए। सोई कैंपस प्रेसिडेंट करन रंधावा ने कहा कि यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार इतनी फीस बढ़ी है। इस मुद्दे पर सभी स्टूडेंट्स को एकजुट होना चाहिए। सोमवार को भी छात्र संगठनों ने फीस बढ़ोतरी पर रोष मार्च निकालते हुए वीसी का पुतला फूका था।
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टीचिंग और नॉन टीचिंग एसोसिएशन भी आई साथ
वित्तीय संकट से पीयू की साख को बट्टा लग रहा है। देश के शुरुआती शिक्षण संस्थानों में से एक पीयू की हालत ऐसी है कि उसके पास अपने स्टाफ को सैलरी देने का भी रुपये नहीं हैं। इस माली हालत पर टीचिंग और नॉन टीचिंग एसोसिएशन साथ आ गई हैं। मंगलवार को दोनों एसोसिएशन ने साथ मिलकर एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने इस समस्या का कोई पक्का हल खोजने की मांग की। साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार से भी पीयू पर ध्यान देने की अपील की।