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पीयूः Phd एडमिशन में मनमानी आई सामने, वीसी से की गई शिकायत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Sep 2017 02:57 PM IST
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Punjab University VC Arun Grover
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पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी में दाखिले को लेकर मनमर्जी का मामला सामने आया है, जिसे लेकर वीसी अरुण ग्रोवर को शिकायत दी गई है। हरियाणा के पूर्व शिक्षा मंत्री रही और झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल की बेटी की पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी में एनरोलमेंट नहीं हुई तो दाखिलों में हो रही मनमर्जी का खुलासा हुआ।
पीयू के सभी विभाग अपनी मर्जी और अपने बनाए नियमों से पीएचडी और एम फिल में एनरोलमेंट कर रहे थे, जिस पर लगाम लगा दी गई है। पीयू केसभी विभागों में तय नियमों के तहत पीएचडी और एम फिल में नामांकन होगा। पीयू के वीसी की तरफ से इस बारे में सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। खास बात है कि अब अकादमिक और इंटरव्यू दोनों के नंबर परखे जाएंगे और एम फिल केलिए तो 12वीं केनंबर भी जोड़े जाएंगे।
क्या हुआ था भुक्कल की बेटी के साथ
गीता भुक्कल की बेटी सुकृति जूनियर रिसर्च फेलो है। यूजीसी से उसे फेलोशिप मिली हुई है और उसके नेट के पहले पेपर में 66, दूसरे में 50 और तीसरे में 74 नंबर हैं। वह पीयू के अंग्रेजी विभाग में पीएचडी करना चाहती थी, लेकिन उसे पिछले दिनों हुए इंटरव्यू में पांच नंबर देकर फेल कर दिया गया। जबकि उसकेपास फेलोशिप है और वह नेट पास है। एकेडमिक स्तर पर वह मेरिट में रही है और एकेडमिक नंबर ही नहीं जोड़े गए।
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मामला वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर के पास पहुंचा तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि कैसे विभाग अपने बनाए नियमों केहिसाब से पीएचडी में नामांकन करा रहे हैं। इसकेबाद नया सर्कुलर जारी किया गया। जिसमें एकेडमिक, इंटरव्यू और स्कॉलरशिप के नंबर जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
यह नियम बनाया गया है सभी विभागों केलिए
अब सभी विभागों से पीएचडी और एम फिल करने केलिए अब एक जैसे नियम बना दिए गए हैं। इन्हीं के तहत अब नामांकन करना होगा। कई विभागों में सीटें खाली पड़ी हैं और हो सकता है कि इनमें जल्द ही दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाए। हालांकि जिनके दाखिले हो चुके हैं, उन्हें नहीं हटाया जाएगा, लेकिन नए दाखिले नई प्रक्रिया से होंगे।
पीएचडी के लिए नियम. . .
20 प्रतिशत स्नातक और 30 प्रतिशत पोस्ट ग्रेजुएशन से नंबर जोड़े जाएंगे। 40 प्रतिशत नंबर इंटरव्यू केहोंगे, जिसमें से 30 प्रतिशत नामांकन करने वाली कमेटी के साथ बातचीत और 10 प्रतिशत लिखित प्रपोजल केमिलेंगे। एकेडमिक और इंटरव्यू से 90 प्रतिशत नंबर होने केबाद 10 प्रतिशत नंबर स्कोलरशिप या अन्य किसी उपलब्धि केरखे जाएंगे।
एम फिल के लिए. . .
इसमें दाखिला लेने केलिए अब 12वीं के 10 प्रतिशत, स्नातक के20 और पोस्ट ग्रेजुएशन के30 प्रतिशत नंबर जोड़ेजाएंगे। इसके बाद बचे 40 प्रतिशत नंबर इंटरव्यू केहोंगे।
पहले थे मनमर्जी के नियम
पहले पीएचडी और एम फिल केदाखिलों में विभाग अपनी मर्जी केनियमों से दाखिला देते थे। कोई विभाग इंटरव्यू से तो कोई अलग से एंट्रेंस टेस्ट कराकर पीएचडी में नामांकन मंजूर करता था। वीसी की तरफ से जारी किए गए नए सर्कुलर में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि कुछ विभाग अपनी मर्जी केमुताबिक 50 फीसदी नंबर होने का नियम बनाकर कट ऑफ लिस्ट तैयार कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
यूनिवर्सिटी ने नियमों को ताक पर रखा हुआ था। अब मनमर्जी के खिलाफ आवाज उठी तो गलती में सुधार किया गया। काफी बच्चे मेरिट में होने केबावजूद ऐसे गलत नियमों का शिकार हो जाते हैं और उनकेएकेडमिक नंबरों को नहीं जोड़ा जाता।
- गीता भुक्कल, विधायक झज्जर
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पीयू के सभी विभाग अपनी मर्जी और अपने बनाए नियमों से पीएचडी और एम फिल में एनरोलमेंट कर रहे थे, जिस पर लगाम लगा दी गई है। पीयू केसभी विभागों में तय नियमों के तहत पीएचडी और एम फिल में नामांकन होगा। पीयू के वीसी की तरफ से इस बारे में सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। खास बात है कि अब अकादमिक और इंटरव्यू दोनों के नंबर परखे जाएंगे और एम फिल केलिए तो 12वीं केनंबर भी जोड़े जाएंगे।
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क्या हुआ था भुक्कल की बेटी के साथ
गीता भुक्कल की बेटी सुकृति जूनियर रिसर्च फेलो है। यूजीसी से उसे फेलोशिप मिली हुई है और उसके नेट के पहले पेपर में 66, दूसरे में 50 और तीसरे में 74 नंबर हैं। वह पीयू के अंग्रेजी विभाग में पीएचडी करना चाहती थी, लेकिन उसे पिछले दिनों हुए इंटरव्यू में पांच नंबर देकर फेल कर दिया गया। जबकि उसकेपास फेलोशिप है और वह नेट पास है। एकेडमिक स्तर पर वह मेरिट में रही है और एकेडमिक नंबर ही नहीं जोड़े गए।
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मामला वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर के पास पहुंचा तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि कैसे विभाग अपने बनाए नियमों केहिसाब से पीएचडी में नामांकन करा रहे हैं। इसकेबाद नया सर्कुलर जारी किया गया। जिसमें एकेडमिक, इंटरव्यू और स्कॉलरशिप के नंबर जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
यह नियम बनाया गया है सभी विभागों केलिए
अब सभी विभागों से पीएचडी और एम फिल करने केलिए अब एक जैसे नियम बना दिए गए हैं। इन्हीं के तहत अब नामांकन करना होगा। कई विभागों में सीटें खाली पड़ी हैं और हो सकता है कि इनमें जल्द ही दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाए। हालांकि जिनके दाखिले हो चुके हैं, उन्हें नहीं हटाया जाएगा, लेकिन नए दाखिले नई प्रक्रिया से होंगे।
पीएचडी के लिए नियम. . .
20 प्रतिशत स्नातक और 30 प्रतिशत पोस्ट ग्रेजुएशन से नंबर जोड़े जाएंगे। 40 प्रतिशत नंबर इंटरव्यू केहोंगे, जिसमें से 30 प्रतिशत नामांकन करने वाली कमेटी के साथ बातचीत और 10 प्रतिशत लिखित प्रपोजल केमिलेंगे। एकेडमिक और इंटरव्यू से 90 प्रतिशत नंबर होने केबाद 10 प्रतिशत नंबर स्कोलरशिप या अन्य किसी उपलब्धि केरखे जाएंगे।
एम फिल के लिए. . .
इसमें दाखिला लेने केलिए अब 12वीं के 10 प्रतिशत, स्नातक के20 और पोस्ट ग्रेजुएशन के30 प्रतिशत नंबर जोड़ेजाएंगे। इसके बाद बचे 40 प्रतिशत नंबर इंटरव्यू केहोंगे।
पहले थे मनमर्जी के नियम
पहले पीएचडी और एम फिल केदाखिलों में विभाग अपनी मर्जी केनियमों से दाखिला देते थे। कोई विभाग इंटरव्यू से तो कोई अलग से एंट्रेंस टेस्ट कराकर पीएचडी में नामांकन मंजूर करता था। वीसी की तरफ से जारी किए गए नए सर्कुलर में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि कुछ विभाग अपनी मर्जी केमुताबिक 50 फीसदी नंबर होने का नियम बनाकर कट ऑफ लिस्ट तैयार कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
यूनिवर्सिटी ने नियमों को ताक पर रखा हुआ था। अब मनमर्जी के खिलाफ आवाज उठी तो गलती में सुधार किया गया। काफी बच्चे मेरिट में होने केबावजूद ऐसे गलत नियमों का शिकार हो जाते हैं और उनकेएकेडमिक नंबरों को नहीं जोड़ा जाता।
- गीता भुक्कल, विधायक झज्जर