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पीयू और संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में नहीं हुए दाखिले, अब की गई ये मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 05 May 2018 03:24 PM IST
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दाखिला
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पंजाब यूनिवर्सिटी और उससे संबद्ध कॉलेजों में इंजीनियरिंग की दाखिला प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण 200 से ज्यादा सीटें खाली रह गई थीं। आरटीआई में यह खुलासा होने के बाद दाखिला प्रक्रिया में सुधार करने की मांग की गई है। आरटीआई एक्टिविस्ट शिशुपाल ने इस संबंध में पीयू, सेक्टर-26 स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज और पीयू के होशियारपुर स्थित कैंपस से इंजीनियरिंग की सीटों के बारे में ब्योरा मांगा था।
आरटीआई से मिली जानकारी में पता चला कि होशियारपुर स्थित स्वामी सरवानंद गिरी रीजनल सेंटर में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में सामान्य श्रेणी की 28 सीटें हैं, जिसमें सिर्फ आठ ही भर पाई थी। इसी तरह अन्य श्रेणी की 37 में से सिर्फ दो सीट पर दाखिला हुआ था। इसके अलावा आईटी स्ट्रीम में सामान्य श्रेणी की 28 में से 15 और अन्य श्रेणी की 37 में से सिर्फ तीन सीट पर दाखिला हुआ था।
यूआईईटी में भी खाली रह गई थीं सीटें
पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में भी दाखिला प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण कुछ कोर्स में सीटें खाली रह गई थीं। यहां बायो टेक्नोलॉजी की सामान्य श्रेणी की 45 में से सात सीट खाली रही। इतना ही नहीं, अन्य श्रेणी की 36 में से सिर्फ दो सीट पर ही दाखिला हुआ था।
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प्रक्रिया में लाया जाए बदलाव
आरटीआई एक्टिविस्ट शिशुपाल ने कहा कि पीयू को अपनी दाखिला प्रक्रिया में बदलाव लाना चाहिए। निजी कॉलेजों में दाखिला पीयू के मुकाबले जल्द शुरू हो जाता है और बच्चे वहां दाखिला ले लेते हैं। जबकि पीयू के मुकाबले निजी कॉलेजों में फीस भी ज्यादा देनी पड़ती है। अगर पीयू दाखिला प्रक्रिया जल्द शुरू करे तो सीटें खाली नहीं रहेंगी।
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आरटीआई से मिली जानकारी में पता चला कि होशियारपुर स्थित स्वामी सरवानंद गिरी रीजनल सेंटर में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में सामान्य श्रेणी की 28 सीटें हैं, जिसमें सिर्फ आठ ही भर पाई थी। इसी तरह अन्य श्रेणी की 37 में से सिर्फ दो सीट पर दाखिला हुआ था। इसके अलावा आईटी स्ट्रीम में सामान्य श्रेणी की 28 में से 15 और अन्य श्रेणी की 37 में से सिर्फ तीन सीट पर दाखिला हुआ था।
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यूआईईटी में भी खाली रह गई थीं सीटें
पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में भी दाखिला प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण कुछ कोर्स में सीटें खाली रह गई थीं। यहां बायो टेक्नोलॉजी की सामान्य श्रेणी की 45 में से सात सीट खाली रही। इतना ही नहीं, अन्य श्रेणी की 36 में से सिर्फ दो सीट पर ही दाखिला हुआ था।
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प्रक्रिया में लाया जाए बदलाव
आरटीआई एक्टिविस्ट शिशुपाल ने कहा कि पीयू को अपनी दाखिला प्रक्रिया में बदलाव लाना चाहिए। निजी कॉलेजों में दाखिला पीयू के मुकाबले जल्द शुरू हो जाता है और बच्चे वहां दाखिला ले लेते हैं। जबकि पीयू के मुकाबले निजी कॉलेजों में फीस भी ज्यादा देनी पड़ती है। अगर पीयू दाखिला प्रक्रिया जल्द शुरू करे तो सीटें खाली नहीं रहेंगी।