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पीयू के खाली पदों को डेपुटेशन से भरने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़(सुमित सिंह श्योराण)
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:09 AM IST
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Panjab University
- फोटो : amar ujala
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के खाली पदों पर दूसरे राज्यों की यूनिवर्सिटी या सरकारी विभाग के कर्मचारियों को डेपुटेशन पर नियुक्ति मिल सकेगी। पीयू प्रशासन ने डेपुटेशन नियमों में संशोधन करने का फैसला लिया है। इस मामले को अमलीजामा पहनाने के लिए पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
अगस्त में पीयू बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए फिलहाल कैंपस में नई भर्तियों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया है। लेकिन अहम खाली पदों को भरने के लिए पीयू प्रशासन ने अब डेपुटेशन का विकल्प तैयार करने का फैसला लिया है।
पीयू की 9 अक्तूबर को हुई सीनेट बैठक में डेपुटेशन का मामला उठा गया था। कई सीनेट सदस्यों ने पीयू के प्रशासनिक, टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर भी डेपुटेशन से दूसरे सरकारी विभाग या यूनिवर्सिटी से नियुक्ति का प्रस्ताव रखा। पीयू कुलपति ने प्रस्ताव पर रजामंदी देते हुुए कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक्ता अनुसार कमेटी फैसला लेगी। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में अभी तक डेपुटेशन के कुछ ही मामलों में मंजूरी दी जाती रही है। काफी समय से पीयू कर्मचारी डेपुटेशन के नियमों को आसान किए जाने का मांग कर रहे थे।
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अगस्त में पीयू बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए फिलहाल कैंपस में नई भर्तियों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया है। लेकिन अहम खाली पदों को भरने के लिए पीयू प्रशासन ने अब डेपुटेशन का विकल्प तैयार करने का फैसला लिया है।
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पीयू की 9 अक्तूबर को हुई सीनेट बैठक में डेपुटेशन का मामला उठा गया था। कई सीनेट सदस्यों ने पीयू के प्रशासनिक, टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर भी डेपुटेशन से दूसरे सरकारी विभाग या यूनिवर्सिटी से नियुक्ति का प्रस्ताव रखा। पीयू कुलपति ने प्रस्ताव पर रजामंदी देते हुुए कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक्ता अनुसार कमेटी फैसला लेगी। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में अभी तक डेपुटेशन के कुछ ही मामलों में मंजूरी दी जाती रही है। काफी समय से पीयू कर्मचारी डेपुटेशन के नियमों को आसान किए जाने का मांग कर रहे थे।
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पीयू में टीचिंग के 700 और नॉन टीचिंग के 300 से अधिक पद खाली
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
- फोटो : डेमो फोटो
पीयू की ओर से तैयार किए जाने वाले प्लान के तहत साल में एक बार खाली पदों पर डेपुटेशन के लिए दूसरी यूनिवर्सिटी और अन्य विभाग के कर्मचारियों से आवेदन आमंत्रित करेगा। डेपुटेशन के आवेदन मांगने से संबंधित विभागों से खाली सीटों की जानकारी मांगी जाएगी। डेपुटेशन पर नियुक्ति पर फैसला कमेटी लेगी।
डेपुटेशन पर आने वाले कर्मचारियों को इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना होगा। डेपुटेशन का अधिकतम समय 5 साल तक हो सकेगा। हर साल कर्मचारी के कामकाज की रिव्यू रिपोर्ट संबंधित विभाग के अधिकारियों को रजिस्ट्रार या वीसी दफ्तर भेजनी होगी। सूत्रों के अनुसार पीयू प्रशासन अब इस पद को डेपुटेशन से भरने पर विचार कर रहा है। लेकिन अभी मामले में अगली सिंडीकेट और सीनेट में फैसला लिया जाएगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रोफेसर के 700 से अधिक पद और 300 पद नॉन टीचिंग स्टॉफ के खाली हैं। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पीयू इन पदों को अभी भरने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी जरूरत के हिसाब से इन पदों में से कुछ को डेपुटेशन से भर सकता है। सूत्रों के अनुसार पटियाला और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में डेपुटेशन पर प्रोफेसर की भी नियुक्ति होती है। अब पीयू भी इस प्रक्रिया को अपनाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
डेपुटेशन पर आने वाले कर्मचारियों को इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना होगा। डेपुटेशन का अधिकतम समय 5 साल तक हो सकेगा। हर साल कर्मचारी के कामकाज की रिव्यू रिपोर्ट संबंधित विभाग के अधिकारियों को रजिस्ट्रार या वीसी दफ्तर भेजनी होगी। सूत्रों के अनुसार पीयू प्रशासन अब इस पद को डेपुटेशन से भरने पर विचार कर रहा है। लेकिन अभी मामले में अगली सिंडीकेट और सीनेट में फैसला लिया जाएगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रोफेसर के 700 से अधिक पद और 300 पद नॉन टीचिंग स्टॉफ के खाली हैं। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पीयू इन पदों को अभी भरने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी जरूरत के हिसाब से इन पदों में से कुछ को डेपुटेशन से भर सकता है। सूत्रों के अनुसार पटियाला और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में डेपुटेशन पर प्रोफेसर की भी नियुक्ति होती है। अब पीयू भी इस प्रक्रिया को अपनाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।