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पंजाब यूनिवर्सिटी इस बार नहीं बढ़ाएगी अपना बजट, आय कम.... इसलिए खर्च किया जाएगा कम
Wed, 23 Sep 2020 04:33 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 23 Sep 2020 04:33 PM IST
सार
- 2021-22 का बजट 580 करोड़ रुपये के आसपास रहेगा
- वर्तमान सत्र से बजट में छह से आठ करोड़ की हो सकती है कटौती
- कोरोना के कारण पंजाब यूनिवर्सिटी की आय हुई है प्रभावित
- न दुकानों का किराया आया, न कैंटीन का, फीस भी कम ही आ रही
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रुपये
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
कोरोना महामारी हर किसी के लिए नुकसानदायक साबित हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ भी इससे नहीं बच सकी। आय प्रभावित होने के बाद अब इसका असर आगामी दिनों के बजट पर पड़ने जा रहा है। 2021-22 के बजट में पांच से आठ करोड़ रुपये तक की कटौती होगी जबकि हर साल के बजट में पांच फीसदी यानी लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होती थी। शारीरिक रूप से उपस्थित होकर जिस कार्य पर पैसा खर्च होता था, वह इस बार नहीं होगा। यानी पीयू की आय कम हुई तो अब खर्च भी अगले बजट में उसी के अनुसार किया जाएगा।
माना जा रहा है कि इस बार का बजट लगभग 580 करोड़ रुपये का होगा। कोरोना के कारण पीयू की सेक्टर-14 स्थित मार्केट तीन माह तक बंद रही। इस मार्केट के जरिये पीयू को हर साल लगभग पांच करोड़ रुपये किराया मिलता है। तीन माह बंद होने के कारण घाटा हुआ। इसके अलावा 40 से अधिक विभागीय कैंटीन व स्टूडेंट सेंटर पर दुकानें संचालित होती हैं, वे भी कोरोना में नहीं खुल पाईं। छह माह से ये दुकानें बंद हैं। इन दुकानों व कैंटीन से लगभग सात करोड़ रुपये सालाना कमाई होती है।
छह माह बंद होने के कारण साढ़े तीन करोड़ की आमदनी कम हुई। इसी तरह औद्योगिक इकाइयों से जुड़कर पीयू आय कमाती है, वह भी प्रभावित हुई। 20 हॉस्टलों के जरिये पीयू हर साल 30 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करती है। हॉस्टल पिछले छह माह से बंद हैं। ऐसे में यहां भी पीयू को बड़ा नुकसान हुआ। कई अन्य चीजों से भी होने वाली आमदनी में कमी आई।
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माना जा रहा है कि इस बार का बजट लगभग 580 करोड़ रुपये का होगा। कोरोना के कारण पीयू की सेक्टर-14 स्थित मार्केट तीन माह तक बंद रही। इस मार्केट के जरिये पीयू को हर साल लगभग पांच करोड़ रुपये किराया मिलता है। तीन माह बंद होने के कारण घाटा हुआ। इसके अलावा 40 से अधिक विभागीय कैंटीन व स्टूडेंट सेंटर पर दुकानें संचालित होती हैं, वे भी कोरोना में नहीं खुल पाईं। छह माह से ये दुकानें बंद हैं। इन दुकानों व कैंटीन से लगभग सात करोड़ रुपये सालाना कमाई होती है।
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छह माह बंद होने के कारण साढ़े तीन करोड़ की आमदनी कम हुई। इसी तरह औद्योगिक इकाइयों से जुड़कर पीयू आय कमाती है, वह भी प्रभावित हुई। 20 हॉस्टलों के जरिये पीयू हर साल 30 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करती है। हॉस्टल पिछले छह माह से बंद हैं। ऐसे में यहां भी पीयू को बड़ा नुकसान हुआ। कई अन्य चीजों से भी होने वाली आमदनी में कमी आई।
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वेतन के अलावा अतिरिक्त खर्च नहीं करेगी पीयू
पीयू का बजट लगभग 580 करोड़ रुपये का होगा। इसमें वेतन के लिए 362 करोड़ रुपये का प्रावधान होगा। पेंशन पर 83 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वेतन-पेंशन के अलावा अन्य कार्य पीयू करने से इस बार बच रही है। पीयू की प्रयोगशालाओं पर चार से पांच करोड़ रुपये केमिकल आदि पर खर्च होते हैं। ऐसे में यह रकम भी पीयू बचाने जा रही है।
इसके अलावा खेल, सेमिनार, संगोष्ठियों पर खर्च होने वाली रकम नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक खर्च में भी कटौती होगी। हॉस्टलों के खर्च में भी कटौती किए जाने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार पीयू को केंद्र से करीब 250 करोड़ रुपये मिलते हैं। वहीं 155 करोड़ रुपये की आय फीस आदि माध्यमों से होती है। साथ ही 26 करोड़ रुपये पंजाब सरकार देती है।
पिछले वर्षों का बजट
वर्ष बजट (करोड़ में)
2020-21 586
2019-20 578
2018-19 548
2017-18 511
इसके अलावा खेल, सेमिनार, संगोष्ठियों पर खर्च होने वाली रकम नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक खर्च में भी कटौती होगी। हॉस्टलों के खर्च में भी कटौती किए जाने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार पीयू को केंद्र से करीब 250 करोड़ रुपये मिलते हैं। वहीं 155 करोड़ रुपये की आय फीस आदि माध्यमों से होती है। साथ ही 26 करोड़ रुपये पंजाब सरकार देती है।
पिछले वर्षों का बजट
वर्ष बजट (करोड़ में)
2020-21 586
2019-20 578
2018-19 548
2017-18 511