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इंतजार खत्म: पीयू में अब रिजल्ट के साथ ही डिग्री होगी हाथ में, ऐसे कर सकेंगे डाउनलोड
Tue, 29 Jan 2019 10:22 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Jan 2019 10:22 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पढ़ाई पूरी करने के बाद डिग्री हासिल करने के लिए अब विद्यार्थियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पीयू में सभी पीएचडी डिग्री, पीजी डिग्री और सर्टिफिकेट ऑनलाइन करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। पीयू से हर साल करीब 25 हजार छात्र पीजी डिग्री हासिल करते हैं, वहीं 500 के करीब छात्र पीएचडी करते हैं। इन सभी को इस साल से डिग्री ऑनलाइन ही दी जाएगी। अब रिजल्ट आने के साथ ही छात्रों के पास डिग्री भी आ जाएगी, जिसे वह आसानी से नैड की वेबसाइट पर जाकर लॉग इन कर डाउनलोड कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (नैड) के माध्यम से डिग्री मिलने के बाद से नकली डिग्री से कोई नौकरी व दाखिला नहीं ले पाएगा।
वेरिफाइड होगी डिग्री, विदेशों में भी मान्य
पीयू नए सेशन से स्टूडेंट्स की डिग्री ऑनलाइन जारी करने के लिए तैयार है। यूनिवर्सिटी जो डिग्री या सर्टिफिकेट ऑनलाइन जारी करेगी वह एग्जामिनेशन कंट्रोलर से वेरिफाइड होगी और इस पर वेरिफाइड मार्क भी रहेगा। यानी विदेश जाने के बाद अगर कहीं डिग्री की जरूरत भी पड़ी तो स्टूडेंट को उसे वेरिफाई कराने की टेंशन नहीं होगी। न ही डिग्री को साथ ले जाने की जरूरत होगी। जॉब के लिए भी एंप्लॉयर या इंस्टीट्यूशंस को बस कोड बताना होगा, वह खुद चेक कर सकेगा कि डिग्री असली है या नकली।
साल 2016 से अब तक का डाटा हुआ अपलोड
पीयू इस संबंध में काफी पहले से ही तैयारी शुरू कर चुका है। पीयू की तरफ से साल 2016 के बाद से अब तक का सारा डाटा नैड को भेजा जा चुका है। नैड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार अभी तक 4 लाख छह हजार 865 स्टूडेंट्स रजिस्ट्रर भी हो चुके हैं। जारी होने वाले यह सर्टिफिकेट डिजिटली साइन होने के साथ संबंधित अथॉरिटी से वेरिफाइड होंगे। इससे स्टूडेंट्स अपने डॉक्युमेंट्स तत्काल सब्मिट कर सकेंगे, वहीं वेरिफिकेशन करने वाली अथॉरिटी को ज्यादा जहमत नहीं उठानी पड़ेगी और वेरिफिकेशन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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वेरिफाइड होगी डिग्री, विदेशों में भी मान्य
पीयू नए सेशन से स्टूडेंट्स की डिग्री ऑनलाइन जारी करने के लिए तैयार है। यूनिवर्सिटी जो डिग्री या सर्टिफिकेट ऑनलाइन जारी करेगी वह एग्जामिनेशन कंट्रोलर से वेरिफाइड होगी और इस पर वेरिफाइड मार्क भी रहेगा। यानी विदेश जाने के बाद अगर कहीं डिग्री की जरूरत भी पड़ी तो स्टूडेंट को उसे वेरिफाई कराने की टेंशन नहीं होगी। न ही डिग्री को साथ ले जाने की जरूरत होगी। जॉब के लिए भी एंप्लॉयर या इंस्टीट्यूशंस को बस कोड बताना होगा, वह खुद चेक कर सकेगा कि डिग्री असली है या नकली।
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साल 2016 से अब तक का डाटा हुआ अपलोड
पीयू इस संबंध में काफी पहले से ही तैयारी शुरू कर चुका है। पीयू की तरफ से साल 2016 के बाद से अब तक का सारा डाटा नैड को भेजा जा चुका है। नैड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार अभी तक 4 लाख छह हजार 865 स्टूडेंट्स रजिस्ट्रर भी हो चुके हैं। जारी होने वाले यह सर्टिफिकेट डिजिटली साइन होने के साथ संबंधित अथॉरिटी से वेरिफाइड होंगे। इससे स्टूडेंट्स अपने डॉक्युमेंट्स तत्काल सब्मिट कर सकेंगे, वहीं वेरिफिकेशन करने वाली अथॉरिटी को ज्यादा जहमत नहीं उठानी पड़ेगी और वेरिफिकेशन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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नैड से स्टूडेंट्स को फायदे
-इंस्टीट्यूशंस की ओर से अपलोड सर्टिफिकेट्स तत्काल मिल जाएंगे।
-सर्टिफिकेट का ऑनलाइन और स्थायी रिकॉर्ड रहेगा।
-सर्टिफिकेट खोने, खराब होने और नष्ट होने का कोई खतरा नहीं रहेगा।
-अपने सर्टिफिकेट्स को कभी भी और कहीं से भी एक्सेस करने की फैसिलिटी रहेगी।
-गैजेटेड ऑफिसर से सर्टिफिकेट को सर्टिफाइड भी नहीं करना होगा।
इंस्टीट्यूशंस के फायदे
- सभी एकेडमिक सर्टिफिकेट को रखने का स्थाई और सिक्योर ऑनलाइन स्टोर होगा।
- डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के लिए कैंडिडेट्स को अब भटकने के बजाय इसे सीधे नैड से ही डाउनलोड किया जा सकेगा।
- नकली और जाली सर्टिफिकेट के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।
भविष्य में मिलेंगे इसके फायदे
पंजाब यूनिवर्सिटी का नैड से करार पहले ही हो चुका है। साल 2016 से अब तक के डाटा यूनिवर्सिटी की तरफ से भेजे जा चुके हैं। इस साल से सभी डिग्री ऑनलाइन ही दी जाएगी। नैड का पॉपुलर होने में कुछ साल लग सकता है, लेकिन भविष्य में इसके बहुत से फायदे होंगे।
- प्रो. परविंदर सिंह, एग्जाम कंट्रोलर, पीयू
-सर्टिफिकेट का ऑनलाइन और स्थायी रिकॉर्ड रहेगा।
-सर्टिफिकेट खोने, खराब होने और नष्ट होने का कोई खतरा नहीं रहेगा।
-अपने सर्टिफिकेट्स को कभी भी और कहीं से भी एक्सेस करने की फैसिलिटी रहेगी।
-गैजेटेड ऑफिसर से सर्टिफिकेट को सर्टिफाइड भी नहीं करना होगा।
इंस्टीट्यूशंस के फायदे
- सभी एकेडमिक सर्टिफिकेट को रखने का स्थाई और सिक्योर ऑनलाइन स्टोर होगा।
- डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के लिए कैंडिडेट्स को अब भटकने के बजाय इसे सीधे नैड से ही डाउनलोड किया जा सकेगा।
- नकली और जाली सर्टिफिकेट के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।
भविष्य में मिलेंगे इसके फायदे
पंजाब यूनिवर्सिटी का नैड से करार पहले ही हो चुका है। साल 2016 से अब तक के डाटा यूनिवर्सिटी की तरफ से भेजे जा चुके हैं। इस साल से सभी डिग्री ऑनलाइन ही दी जाएगी। नैड का पॉपुलर होने में कुछ साल लग सकता है, लेकिन भविष्य में इसके बहुत से फायदे होंगे।
- प्रो. परविंदर सिंह, एग्जाम कंट्रोलर, पीयू