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बड़ी कवायदः नए सेशन से इन विभागों में दाखिले के लिए एंट्रेंस लेगी पीयू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Jan 2017 01:46 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी अगले सत्र से कई विभागों में भी एंट्रेंस टेस्ट के तहत दाखिले की तैयारी है। पिछली सीनेट में इस प्रस्ताव को लेकर काफी चर्चा हुई है। मामले में पीयू कुलपति ने कमेटी गठित कर रिपोर्ट देने को कहा है। एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का मकसद बेहतर स्टूडेंट का पीयू में दाखिला और पीयू को आर्थिक तौर पर भी मजबूत करना है।
पीयू सीनेटर रघुबीर दयाल ने दिसंबर में हुई सीनेट मीटिंग में फंड जुटाने के लिए सोशल साइंस विभागों में भी एंट्रेंस टेस्ट से दाखिले का सुझाव दिया। बंसल का तर्क है कि एंट्रेंस टेस्ट से पीयू को क्वालिटी स्टूडेंट्स के साथ फंड जुटाने में भी मदद मिलेगी। पीयू के करीब 10 सोशल साइंस विभागों में हर साल दाखिले के लिए कई हजार स्टूडेंट आवेदन करते हैं। मौजूदा समय में पीयू प्रशासन के सामने आर्थिक तंगी चल रही है।
यूजीसी ने भी पीयू को अपने स्तर पर फंड जुटाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पीयू प्रशासन विभिन्न तरीकों से फंड जुटाने की कोशिश में जुटा है। गौरतलब है कि हर साल पीयू को विभिन्न प्रोफेशनल और साइंस संकायों में दाखिले के लिए होने वाले एंट्रेंस टेस्ट से करोड़ों की कमाई होती है। जानकारी अनुसार अकेले एंट्रेंस से पीयू को करीब तीन करोड़ की इनकम होती है।
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हर साल 40 हजार स्टूडेंट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट(सीईटी) और ओसीईटी के लिए आवेदन करते हैं। पीयू स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस), लॉ तीन वर्षीय जैसे कोर्स में 4 से 5 हजार तक आवेदन आते हैं। इन कोर्स में एंट्रेंस टेस्ट से पीयू को सबसे अधिक कमाई होती है।
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पीयू सीनेटर रघुबीर दयाल ने दिसंबर में हुई सीनेट मीटिंग में फंड जुटाने के लिए सोशल साइंस विभागों में भी एंट्रेंस टेस्ट से दाखिले का सुझाव दिया। बंसल का तर्क है कि एंट्रेंस टेस्ट से पीयू को क्वालिटी स्टूडेंट्स के साथ फंड जुटाने में भी मदद मिलेगी। पीयू के करीब 10 सोशल साइंस विभागों में हर साल दाखिले के लिए कई हजार स्टूडेंट आवेदन करते हैं। मौजूदा समय में पीयू प्रशासन के सामने आर्थिक तंगी चल रही है।
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यूजीसी ने भी पीयू को अपने स्तर पर फंड जुटाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पीयू प्रशासन विभिन्न तरीकों से फंड जुटाने की कोशिश में जुटा है। गौरतलब है कि हर साल पीयू को विभिन्न प्रोफेशनल और साइंस संकायों में दाखिले के लिए होने वाले एंट्रेंस टेस्ट से करोड़ों की कमाई होती है। जानकारी अनुसार अकेले एंट्रेंस से पीयू को करीब तीन करोड़ की इनकम होती है।
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हर साल 40 हजार स्टूडेंट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट(सीईटी) और ओसीईटी के लिए आवेदन करते हैं। पीयू स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस), लॉ तीन वर्षीय जैसे कोर्स में 4 से 5 हजार तक आवेदन आते हैं। इन कोर्स में एंट्रेंस टेस्ट से पीयू को सबसे अधिक कमाई होती है।
एनआरआई दाखिले के लिए ऑनलाइन एंट्रेंस
एग्जाम के लिए उमड़ा स्टूडेंट्स का सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी के लगभग सभी विभागों में एनआरआई कोटे की सीटें निर्धारित हैं। लेकिन मौजूदा समय में काफी सीटें खाली रह जाती हैं। जानकारी के अनुसार अन्य स्टूडेंट्स के साथ अब एनआरआई कोटे की सीटों की फीस में भी अगले सत्र से बढ़ोतरी होगी।
पीयू प्रशासन एनआरआई सीटों को भरने के लिए नियमों में ढील देने पर भी विचार कर रहा है। विदेशी स्टूडेंट के लिए ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का प्रपोजल भी तैयार किया जा रहा है।
यूआईईटी को हर साल लाखों का नुकसान
पीयू के सबसे बड़े विभाग (2500 स्टूडेंट) यूआईईटी में हर साल 550 से अधिक स्टूडेंट को बीई प्रथम वर्ष में दाखिला मिलता है। लेकिन दूसरे साल में 50 से 70 अधिक सीटें खाली हो जाती हैं। जिससे पीयू को लाखों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
पीयू सीनेटर और यूआईईटी विभाग में डॉ. प्रवीण का कहना है कि यूआईईटी में भी लेट्रल एंट्री (दूसरे वर्ष में) की अनुमति दी जाए। जिससे खाली सीटों को भरकर फंड जुटाया जा सके। डॉ. प्रवीण के अनुसार पीयू रीजनल सेंटर में लेट्रल एंट्री की अनुमति देता है, लेकिन पीयू स्थित यूआईईटी के लिए अलग नियम बना रखे हैं।
सोशल साइंस विभागों में एंट्रेंस टेस्ट का मुद्दा मैं पिछले कई सीनेट में उठा चुका हूं। यह पीयू और स्टूडेंट दोनों के हित में होगा। पीयू को एंट्रेंस टेस्ट के प्रति देश के अन्य हिस्सों के स्टूडेंट्स को भी जागरूक करना चाहिए। एंट्रेंस टेस्ट से पीयू को आर्थिक तौर पर भी फायदा होगा।
- रघुबीर दयाल बंसल, सीनेटर पंजाब यूनिवर्सिटी
पीयू प्रशासन एनआरआई सीटों को भरने के लिए नियमों में ढील देने पर भी विचार कर रहा है। विदेशी स्टूडेंट के लिए ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने का प्रपोजल भी तैयार किया जा रहा है।
यूआईईटी को हर साल लाखों का नुकसान
पीयू के सबसे बड़े विभाग (2500 स्टूडेंट) यूआईईटी में हर साल 550 से अधिक स्टूडेंट को बीई प्रथम वर्ष में दाखिला मिलता है। लेकिन दूसरे साल में 50 से 70 अधिक सीटें खाली हो जाती हैं। जिससे पीयू को लाखों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
पीयू सीनेटर और यूआईईटी विभाग में डॉ. प्रवीण का कहना है कि यूआईईटी में भी लेट्रल एंट्री (दूसरे वर्ष में) की अनुमति दी जाए। जिससे खाली सीटों को भरकर फंड जुटाया जा सके। डॉ. प्रवीण के अनुसार पीयू रीजनल सेंटर में लेट्रल एंट्री की अनुमति देता है, लेकिन पीयू स्थित यूआईईटी के लिए अलग नियम बना रखे हैं।
सोशल साइंस विभागों में एंट्रेंस टेस्ट का मुद्दा मैं पिछले कई सीनेट में उठा चुका हूं। यह पीयू और स्टूडेंट दोनों के हित में होगा। पीयू को एंट्रेंस टेस्ट के प्रति देश के अन्य हिस्सों के स्टूडेंट्स को भी जागरूक करना चाहिए। एंट्रेंस टेस्ट से पीयू को आर्थिक तौर पर भी फायदा होगा।
- रघुबीर दयाल बंसल, सीनेटर पंजाब यूनिवर्सिटी