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विरोध प्रदर्शनः 7वें वेतनमान को लेकर पीयू में शिक्षकों ने भरी हुंकार, हजारों शिक्षक आएंगे साथ

Sat, 19 Jan 2019 01:55 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 19 Jan 2019 01:55 PM IST
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Punjab University Chandigarh Teachers Protest for 7th Pay Commission
विरोध प्रदर्शन करते शिक्षक
सातवें वेतनमान समेत कई मांगों को लेकर सैकड़ों शिक्षकों ने हुंकार भरी और आंदोलन छेड़ते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने ऐलान किया कि वेतनमान का लाभ नहीं मिला तो उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही यह भी बताया कि आंदोलन कई चरणों में चलेगा। अभी अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और आखिरी आंदोलन 20 फरवरी को चंडीगढ़ में होगा। इसमें पंजाब के लगभग पांच हजार शिक्षक हिस्सा लेंगे। पंजाब फेडरेशन ऑफ यूनियन एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले धरना सुबह दस बजे शुरू हुआ। इसमें चंडीगढ़ के सभी कॉलेजों के शिक्षकों के अलावा पीयू के शिक्षकों ने भाग लिया।
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इस दौरान जनरल सेक्रेटरी डॉ. जगवंत सिंह ने कहा कि कई बार सातवें वेतनमान की मांग की जा चुकी है। सभी प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं, लेकिन शिक्षकों को आज तक लाभ नहीं दिया गया जबकि पूरे देश में लागू हो गया है। पड़ोस के राज्य हरियाणा में भी इसे लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लगातार शिक्षकों की अनदेखी की जा रही है। अब शिक्षकों के बर्दाश्त से बाहर हो गया है। पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल ने कहा सातवें वेतनमान के लिए केवल आश्वासन मिले, लेकिन हजारों शिक्षक इसका इंतजार कर रहे हैं। शिक्षकों की तैनाती के समय बेसिक वेतन 15600 रुपये दिया जा रहा है, जो बहुत कम है।
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काम लेने में सरकार आगे, सुविधाएं देने में पीछे
डॉ. घनश्याम द्विवेदी ने कहा कि खाली पदों पर शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को उसका लाभ मिल सके। डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षक देश का भविष्य गढ़ता है, कई जिम्मेदारियां उनके कंधों पर होती हैं। सर्वाधिक सरकारी कार्य भी उन्हीं से करवाए जाते हैं, लेकिन जब सुविधा देने की बारी आती है तो सरकारें पीछे हट जाती हैं। उन्होंने कहा कि सातवें वेतनमान का लाभ देशभर के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के शिक्षकों को मिलना शुरू हो गया, लेकिन यहां सरकार ने अब तक लागू नहीं किया है। शिक्षकों की जायज मांगें भी नहीं मानी जाती हैं। यही कारण रहा कि शिक्षकों को धरना प्रदर्शन करने पर विवश होना पड़ा।
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कब कहां होगा आंदोलन
पीयू के अलावा अब शिक्षकों का प्रदर्शन 24 जनवरी को अमृतसर के गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी में होगा। उसके बाद 31 जनवरी को पटियाला और 12 फरवरी को कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना में आंदोलन होगा। बड़ा आंदोलन 20 फरवरी को चंडीगढ़ में होगा। इस दिन शिक्षकों ने स्टेट बंद का ऐलान किया है। इस दौरान रैली भी निकाली जाएगी।

 
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