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पंजाब यूनिवर्सिटी में खाली पड़ी हैं शिक्षकों की आधी सीटें, और सपना देखते हैं आसमां छूने का

Mon, 11 Feb 2019 04:03 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 11 Feb 2019 04:03 PM IST
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Punjab University Chandigarh Teachers Post Vacant
पंजाब यूनिवर्सिटी
पंजाब यूनिवर्सिटी का दुनियाभर में डंका बजता है। चाहे शिक्षा की गुणवत्ता की बात हो या फिर यहां के रिसर्च की, हर मामले में पीयू ने बाजी मारी है। इतना सब कुछ होने के बावजूद अफसोस की बात है कि यहां आधे से अधिक शिक्षकों व कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। इस वजह से शिक्षकों और कर्मचारियों पर लगातार भार बढ़ रहा है। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ साथ पीयू की रैकिंग पर भी पड़ रहा है। अगर समय रहते नई भर्तियां नहीं की गईं तो हालात कुछ अलग होंगे।
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आंकड़े बोलते हैं..
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 1377
तैनात शिक्षक : 700
खाली पद : 677

कर्मचारियों के स्वीकृत पद : 3300
तैनात कर्मचारी : 2300
खाली पद : 1000
क्लर्क से लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार तक की तैनाती 1100
खाली पद : 650

छात्रों की संख्या एक नजर में

पंजाब यूनिवर्सिटी से 196 कॉलेज संबद्ध हैं। इन कॉलेजों में दो लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसके अलावा हर साल 1.50 लाख विद्यार्थी प्राइवेट फार्म भरते हैं। यूसोल डिपार्टमेंट से 50 हजार विद्यार्थी रिकॉर्ड में हैं। साथ ही पीयू कैंपस के भी 15 से 16 हजार विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। कुल छात्रों की संख्या देखी जाए तो 4.15 लाख है। छात्रों की संख्या के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। पीयू कैंपस को भी शिक्षक पूरे चाहिए लेकिन गैस फैकल्टी आदि से काम चलाया जा रहा है।

ये पड़ रहा है असर
- शिक्षा की गुणवत्ता हो रही है प्रभावित
- समय पर रिसर्च प्रोजेक्ट नहीं हो पा रहे पूरे
- कर्मचारियों पर काम के चलते बढ़ रहा तनाव
- रिजल्ट आदि समय से निकालना बना चुनौती
- कार्यों में भी हो रही है देरी
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नहीं निकल रहा सकारात्मक परिणाम
कर्मचारियों के लगभग एक हजार पद खाली चल रहे हैं। वर्तमान में 400 पद भरे जाने चाहिए। इसके लिए कई बार ज्ञापन आदि दिए गए, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकले।
- दीपक कौशिक, अध्यक्ष, पीयू एम्प्लाइज यूनियन

जल्द लेना चाहिए निर्णय
कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण अन्य कर्मियों पर भार पड़ रहा है। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। पीयू प्रशासन को इसको लेकर जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए।
- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी, एसटी व ओबीसी एसोसिएशन

677 पद पड़े हैं रिक्त
पीयू में पुटा चुनाव के दौरान शिक्षकों की संख्या लगभग 700 थी। अभी 677 पद अभी रिक्त पड़े हैं। यदि यह पद भरे जाएं तो विद्यार्थियों को और लाभ मिलेगा।
- प्रो. राजेश गिल, अध्यक्ष पुटा

एमएचआरडी को है भेजा प्रस्ताव
खाली पदों को भरने के लिए प्रयास चल रहे हैं। एमएचआरडी को प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलेगी तो आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार
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