{"_id":"5b1b99134f1c1bb36e8b6ffe","slug":"punjab-university-chandigarh-syndicate-meeting-on-sunday","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट से पहले ही मचा है बवाल, बैठक हुई तो होगा हंगामा","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट से पहले ही मचा है बवाल, बैठक हुई तो होगा हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:38 PM IST
विज्ञापन
Punjab University VC Arun Grover
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की सिंडिकेट की विशेष बैठक रविवार को तय हुई है, लेकिन बैठक से पहले ही बवाल होने लगा है। सिंडिकेट के 15 में से आधे से ज्यादा सदस्य बैठक में ना आने की चर्चांए सोशल मीडिया के ग्रुप में चला चुके हैं। जबकि वीसी हार हाल में सिंडिकेट की यह बैठक करवाना चाहते हैं। इस सिंडिकेट में सबसे बड़ा मसला चर्चा के लिए रजिस्ट्रार की एक्सटेंशन का रखा गया है। चूंकि सितंबर में रजिस्ट्रार का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
सिंडिकेट में एजेंडा रखा गया है कि रजिस्ट्रार को उनकी उम्र 60 साल होने तक की एक्सटेंशन दी जाए। सिंडिकेट की बैठक पर कुछ संशय बना हुआ है कि अगर सभी सदस्य ना आए तो प्रस्ताव पास कैसे होंगे? रजिस्ट्रार की एक्सटेंशन के अलावा एक दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव फैसला लेने के लिए एजेंडा में शामिल किए गए हैं। इसमें एक निजी कॉलेज को एफिलेशन देने और पीयू के हेल्थ सेंटर में मेडिकल ऑफिसर तैनात करने का भी प्रस्ताव है।
सोलर प्लांट पर लग सकती है मोहर
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रबंधन साउथ कैंपस में 500 किलोवाट के सोलर एनर्जी प्लांट को लगाने पर काम कर रहा है। इसकी मंजूरी के लिए मामला सिंडिकेट में रखा गया है। बिजली के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए इस प्रपोजल को बनाया है। अगर यह प्लांट शुरू हो जाता है तो बिजली के बिल में हर महीने करीब 90 हजार की बचत होगी। इसके बनने से बिजली की कमी से जूझ रही पीयू को काफी हद तक राहत भी मिलेगी। इसको तैयार करने का काम बाहरी कंपनी को दिया जाएगा और रखरखाव भी कंपनी करेगी।
विज्ञापन
बदले में पीयू को बेहद सस्ते दामों पर यानि 3.44 रुपये यूनिट बिजली मिलेगी। पीयू को इसके लिए सिर्फ जगह उपलब्ध करवानी होगी। 1 किलोवाट सोलर बिजली उत्पादन के लिए करीब 100 वर्ग फीट जगह की जरूरत होती है। ऐसे में 500 किलोवॉट सोलर प्लांट के लिए करीब 50 हजार वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी। इसके लिए साउथ कैंपस के यूआइईटी के ब्लॉक 1 व 2, बीएमएस ब्लॉक 1 व 2 और डेंटल इंस्टीट्यूट की छत का चयन किया गया है।
विज्ञापन
सिंडिकेट में एजेंडा रखा गया है कि रजिस्ट्रार को उनकी उम्र 60 साल होने तक की एक्सटेंशन दी जाए। सिंडिकेट की बैठक पर कुछ संशय बना हुआ है कि अगर सभी सदस्य ना आए तो प्रस्ताव पास कैसे होंगे? रजिस्ट्रार की एक्सटेंशन के अलावा एक दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव फैसला लेने के लिए एजेंडा में शामिल किए गए हैं। इसमें एक निजी कॉलेज को एफिलेशन देने और पीयू के हेल्थ सेंटर में मेडिकल ऑफिसर तैनात करने का भी प्रस्ताव है।
विज्ञापन
सोलर प्लांट पर लग सकती है मोहर
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रबंधन साउथ कैंपस में 500 किलोवाट के सोलर एनर्जी प्लांट को लगाने पर काम कर रहा है। इसकी मंजूरी के लिए मामला सिंडिकेट में रखा गया है। बिजली के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए इस प्रपोजल को बनाया है। अगर यह प्लांट शुरू हो जाता है तो बिजली के बिल में हर महीने करीब 90 हजार की बचत होगी। इसके बनने से बिजली की कमी से जूझ रही पीयू को काफी हद तक राहत भी मिलेगी। इसको तैयार करने का काम बाहरी कंपनी को दिया जाएगा और रखरखाव भी कंपनी करेगी।
विज्ञापन
बदले में पीयू को बेहद सस्ते दामों पर यानि 3.44 रुपये यूनिट बिजली मिलेगी। पीयू को इसके लिए सिर्फ जगह उपलब्ध करवानी होगी। 1 किलोवाट सोलर बिजली उत्पादन के लिए करीब 100 वर्ग फीट जगह की जरूरत होती है। ऐसे में 500 किलोवॉट सोलर प्लांट के लिए करीब 50 हजार वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी। इसके लिए साउथ कैंपस के यूआइईटी के ब्लॉक 1 व 2, बीएमएस ब्लॉक 1 व 2 और डेंटल इंस्टीट्यूट की छत का चयन किया गया है।