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पंजाब यूनिवर्सिटी में लगे स्पेशल बैरीकेड से छात्र नेता नाराज, प्रशासन का तर्क- जरूरी है सुरक्षा देना

Mon, 25 Mar 2019 03:12 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 25 Mar 2019 03:12 PM IST
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Punjab University Chandigarh Student Council Leaders Against Barricade
पंजाब यूनिवर्सिटी में लगे स्पेशल बैरीकेड
पंजाब यूनिवर्सिटी में बैरीकेड इस समय चर्चा का विषय बने हुए हैं। सुरक्षा बढ़ाने को लेकर खासतौर पर डिजाइन करवा बनवाए गए बैरीकेड को लेकर एसएफएस ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि पीयू के वीसी ने प्रर्दशनकारियों को डराने का यह नया तरीका निकाला है। यह आम बैरिकेड से करीब दोगुने ऊंचे हैं। एसएफएस का कहना है कि ऐसे बैरिकेट्स तो बुड़ैल जेल में भी नहीं हैं। इनके बीच में जाली लगी है और उपर कटीले लोहे के रॉड लगे हैं, ताकि कोई भी इसे पार न कर सके।
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पीयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर का कहना है कि वह यूनिवर्सिटी को हर तरीके से सुरक्षित रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पीयू की पहचान उसकी शैक्षिक गतिविधियों को लेकर रही है, लेकिन बीते कुछ समय में पीयू कैंपस में कुछ ऐसी गतिविधियां हुई हैं, जिसकी वजह से कैंपस की सुरक्षा में काफी बढ़ौतरी की गई है। छात्र संगठनों द्वारा किया जाने वाला प्रदर्शन काफी हिंसक होता जा रहा है। यूनिवर्सिटी अपने कर्मचारियों व अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है इसलिए उन्होंने लाखों खर्च कर यह स्पेशल बैरीकेड बनवाए हैं।
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उल्लेखनीय है कि कैंपस में हाल ही में हुए प्रदर्शनों में छात्र संगठनों का प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया था कि कई बैरिकेट्स तोड़ दिए गए थे, इन सभी घटनाओं को देखते हुए पीयू ने यह नए बैरिकेट्स बनवाए हैं। यह बैरिकेट्स एडमिन ब्लॉक, पीयू के तीनों गेटों व अन्य स्थानों पर लगाए गए हैं।
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बुडै़ल जेल में भी ऐसे बैरिकेट्स नहीं है। नए वीसी के आने के बाद ये बैरिकेट्स लाए गए हैं। यह प्रर्दशनकारियों को डराने का तरीका है। वह चाहते हैं कि कोई भी अपनी आवाज न उठाए। यह स्टूडेंट्स के साथ पीयू अधिकारियों के लिए खतरनाक है।
- कनुप्रिया, प्रेजिडेंट, पीयूसीएससी

कैंपस में पहले भी किसी बैरिकेट्स की जरूरत नहीं थी। यहां हमेशा से काफी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन होता रहा है। लेकिन बीते दिनों एक छात्र संगठन का प्रदर्शन काफी हिंसक हो गया था जो कि होना नहीं चाहिए। प्रदर्शन करने का एक तरीका होता है, इससे फर्क नहीं पड़ेगा।
- परविंदर सिंह, सेक्रेटरी, एबीवीपी

पहले हमें जब बैरिकेट्स की जरूरत होती थी तो पुलिस से मांगने पड़ते थे इसलिए हमने नए बैरिकेट्स बनवाए हैं। प्रदर्शन करना सभी का हक हैं लेकिन उसका एक तरीका है। कोई अगर बैरिकेट फांदने की कोशिश करता है, तो उसे रोकना हमारी ड्यूटी है।
- अश्वनी कौल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, पीयू
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