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फैसलाः कॉलेजों को मान्यता देने के मानकों की जांच ऑनलाइन करेगा पीयू, कुछ ऐसी है तैयारी

Fri, 01 Feb 2019 01:06 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 01 Feb 2019 01:06 PM IST
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Punjab University Chandigarh Step Forward to Online Procedure about Affiliation to Colleges
ऑनलाइन - फोटो : फाइल फोटो
कॉलेजों को मान्यता देने के मानकों की जांच पंजाब यूनिवर्सिटी ऑनलाइन कराने की तैयारी कर रहा है। इस प्रक्रिया से कॉलेजों को जल्द मान्यता मिलेगी और इनका संचालन शुरू हो जाएगा। इंस्पेक्शन कमेटी पर खड़े होने वाले सवाल भी इस प्रक्रिया से दब जाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि मानकों को लेकर यदि कोई दिक्कत होती है तो उस पर ऑब्जेक्शन भी ऑनलाइन कमेटी ही लगाएगी। यह व्यवस्था नए शैक्षिक सत्र से लागू हो जाएगी। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पीयू से संबद्ध कॉलेजों की संख्या 192 है। इन कॉलेजों में लगभग 2.50 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके कारण कॉलेजों की डिमांड भी बढ़ी है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक दूरी न तय करनी पड़े, इसके लिए भी कॉलेज खुलना जरूरी है लेकिन कॉलेज खुलना आसान नहीं रहा। मानक इतने जटिल हैं कि उसकी पूर्ति कॉलेज प्रबंधन नहीं कर पाते। यही नहीं मानक पूरे हो जाते हैं तो कुछ में पेंच भी फंस जाता है। इसके कारण वर्षों इस प्रक्रिया में लग जाते हैं। पीयू पर इसको लेकर दबाव पड़ा तो अब मानकों की जांच की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है।
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ये मानक होंगे ऑनलाइन
इन मानकों में जमीन के अभिलेख, भवन, लाइब्रेरी बुक्स, प्रशिक्षित शिक्षकों का रिकॉर्ड, खेल मैदान आदि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि जिन कॉलेजों को मान्यता लेनी होगी तो वह इन मानकों की फोटो अपलोड करेंगे या फिर उसका रिकॉर्ड स्कैन कॉपी में डालेंगे। जैसे ही पीयू की इंस्पेक्शन कमेटी कॉलेज का रिकॉर्ड देखेगी तो उसमें यह फोटो व अभिलेख सामने दिखेंगे। मानकों में यदि कोई दिक्कत होगी तो उस पर ऑब्जेक्शन भी ऑनलाइन ही कमेटी लगाएगी। उसकी पूर्ति के लिए कॉलेज प्रबंधन को समय दिया जाएगा।
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सीनेट बैठक में हुआ था हंगामा
पिछले साल सीनेट की बैठक में सीनेटर विक्की गिल ने कहा था कि कॉलेजों की मान्यता के लिए इंस्पेक्शन कमेटी खेल करती है। इस कमेटी में सीनेट के सदस्यों को न लगाया जाए। इस मामले को लेकर दूसरा पक्ष सामने आ गया और हंगामा शुरू हो गया। मामला हाथापाई तक पहुंच गया था। इस प्रकरण के सार्वजनिक होने के बाद पीयू ने ऑनलाइन प्रक्रिया पर काम करना शुरू कर दिया। सूत्रों का कहना है कि यह व्यवस्था नए शैक्षिक सत्र से लागू हो जाएगी।


ऑनलाइन प्रक्रिया से कॉलेजों की रकम बचेगी
जिन कॉलेज को मान्यता लेनी होती है तो वह मानकों की जांच करवाते हैं। इंस्पेक्शन के लिए पीयू की टीम वहां जाती है। गाड़ी से आने जाने का पूरा खर्च कॉलेज प्रबंधन को उठाना पड़ता है। इसके अलावा अन्य खर्च भी आते हैं। सूत्र बताते हैं कि एक बार निरीक्षण करने पर डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आता है। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से कॉलेजों की यह रकम बचेगी जो अन्य कार्यों पर खर्च होगी।
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