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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने दुनियाभर के कोरोना डेटा का किया विश्लेषण, बोले...
Sat, 28 Mar 2020 01:56 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 28 Mar 2020 01:56 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी
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पंजाब यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने दुनियाभर के कोरोना डेटा का विश्लेषण किया है। साथ ही देश को आंकड़ों का मिलान उनसे किया गया तो एक बात साफ निकलकर आई है कि यदि 21 दिन के लॉकडाउन का भारत की जनता शत प्रतिशत पालन करती है तो 50 फीसदी कोरोना पर हम काबू पा लेंगे।
कोरोना का समूल नष्ट करने के लिए इस लॉकडाउन के बाद 21 दिन का लॉकडाउन और जरूरी है। क्योंकि उस समय तक देश पूरी तरह कोविड-19 के तीसरे चरण में आ जाएगा। इस दौरान पूरी जनता को धैर्य बनाकर काम करना होगा।
22 मार्च के लॉक डाउन से मिली भारत को संजीवनी
वैज्ञानिकों ने यह बात भी साफ कर दी कि यूरोप के एक दर्जन से अधिक देश ऐसे हैं जिनमें कोरोना उसी समय फैला जब इंडिया में पहला केस आया। यह स्टेज प्रथम थी। दुनिया के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना उन देशों में पूरी तरह फैल गया और तीसरे से चौथे चरण में आ गया, लेकिन समूचे भारत में कोरोना के तीसरे चरण शुरुआत नहीं हो पाई।
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कुछ स्टेट में जरूर तीसरे चरण के संकेत मिले हैं। वैज्ञानिकों के विश्लेषण में एक और बात निकलकर सामने आई है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से 22 मार्च को किए गए लॉकडाउन से काफी लाभ मिला है। यही कारण है कि दूसरे देशों की अपेक्षा इंडिया में स्थिति भयावह नहीं हुई।
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कोरोना का समूल नष्ट करने के लिए इस लॉकडाउन के बाद 21 दिन का लॉकडाउन और जरूरी है। क्योंकि उस समय तक देश पूरी तरह कोविड-19 के तीसरे चरण में आ जाएगा। इस दौरान पूरी जनता को धैर्य बनाकर काम करना होगा।
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22 मार्च के लॉक डाउन से मिली भारत को संजीवनी
वैज्ञानिकों ने यह बात भी साफ कर दी कि यूरोप के एक दर्जन से अधिक देश ऐसे हैं जिनमें कोरोना उसी समय फैला जब इंडिया में पहला केस आया। यह स्टेज प्रथम थी। दुनिया के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना उन देशों में पूरी तरह फैल गया और तीसरे से चौथे चरण में आ गया, लेकिन समूचे भारत में कोरोना के तीसरे चरण शुरुआत नहीं हो पाई।
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कुछ स्टेट में जरूर तीसरे चरण के संकेत मिले हैं। वैज्ञानिकों के विश्लेषण में एक और बात निकलकर सामने आई है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से 22 मार्च को किए गए लॉकडाउन से काफी लाभ मिला है। यही कारण है कि दूसरे देशों की अपेक्षा इंडिया में स्थिति भयावह नहीं हुई।
अगर नहीं चाहते लंबा हो लॉकडाउन तो घरों में रहें
पंजाब यूनिवर्सिटी के फार्मास्युटिकल डिपार्टमेंट के प्रोफेसर भूपिंदर सिंह भूप कहते हैं कि चंडीगढ़ में कोरोना स्टेज टू के आखिरी चरण में है। इसके अलावा देश के कई स्टेट भी दूसरे ही चरण में है, लेकिन तीसरा चरण आते देर नहीं लगेगी। 21 दिन के लॉकडाउन का शत-प्रतिशत पालन होता है तभी 50 फीसदी कोरोना पर काबू पाया जा सकता है।
100 फीसदी कोरोना को नष्ट करने के लिए 21 दिन का लॉक डाउन और जरूरी है। इसके लिए जनता को संयम बनाए रखना होगा। पीयू के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर एवं डीन साइंसेज डॉ. प्रिंस शर्मा कहते हैं कि 21 दिन के लॉकडाउन से कोरोना पूरी तरह नष्ट नहीं होगा।
50 से 60 फीसदी तक काबू पा लेंगे, लेकिन यह भी तभी होगा जब पूरा भारत घर से बाहर नहीं आए। तीसरी स्टेज शुरू होगी तो दिक्कतें बढ़ेंगी। उन्होंने जनता से कहा है कि लॉकडाउन और अधिक समय तक न हो, इसके लिए सबको घरों में रहना होगा।
100 फीसदी कोरोना को नष्ट करने के लिए 21 दिन का लॉक डाउन और जरूरी है। इसके लिए जनता को संयम बनाए रखना होगा। पीयू के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर एवं डीन साइंसेज डॉ. प्रिंस शर्मा कहते हैं कि 21 दिन के लॉकडाउन से कोरोना पूरी तरह नष्ट नहीं होगा।
50 से 60 फीसदी तक काबू पा लेंगे, लेकिन यह भी तभी होगा जब पूरा भारत घर से बाहर नहीं आए। तीसरी स्टेज शुरू होगी तो दिक्कतें बढ़ेंगी। उन्होंने जनता से कहा है कि लॉकडाउन और अधिक समय तक न हो, इसके लिए सबको घरों में रहना होगा।