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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में अब एक क्लिक पर बचाए जाएंगे 25 लाख, समय की बचत भी होगी

Sun, 17 Feb 2019 01:21 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 17 Feb 2019 01:21 PM IST
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Punjab University Chandigarh Scheme to Save Time and Rupees 25 Lakh on a Click
online scheme
पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) पेपरलेस सिस्टम की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसकी शुरुआत परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से होने जा रही है। योजना लागू हुई तो परीक्षा नियंत्रक कार्यालय परीक्षा से पहले शिक्षकों को पेपर सेटिंग के लिए भेजे जाने वाले हार्ड कापियों के बंडल से ही 25 लाख रुपये बचा लेगा। योजना के मुताबिक, 11 हजार पेपर सेटर शिक्षकों को हार्ड कापी की जगह साफ्ट कापी भेजी जाएगी। इसके लिए हर शिक्षक की एक यूनिक आईडी जारी होगी। साथ ही इन शिक्षकों का पेमेंट भी ऑनलाइन ही कर दिया जाएगा। लगभग दो माह में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
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खास बात यह है कि इस योजना से पैसे की बचत तो होगी ही, काम भी बेहतर तरीके से होगा। आंकड़ों पर गौर करें तो पीयू में हर साल लगभग 3.50 लाख विद्यार्थी एग्जाम देते हैं। इन विद्यार्थियों के पेपर 11 हजार शिक्षक तैयार करते हैं। इसके लिए परीक्षा नियंत्रक विभाग हर शिक्षक को हार्ड कापियों का बंडल भेजता है। इसका वजन ही दो किलो से अधिक होता है। इस बंडल में एग्रीमेंट फार्म, कौन सी बुक फालो होगी, सैंपल पेपर, सिलेबस कापी आदि के कागज शामिल होते हैं। यह कापियां सभी पेपर सेटर्स को भेजी जाती हैं। वहां से यह भरकर विभाग के पास आती हैं। इन सभी कागजों की दो प्रतियां होती हैं।
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इसमें एक ऑफिस तो दूसरी प्रेस कापी होती है। इस कार्य पर हर साल लगभग 25 लाख रुपये खर्च होते हैं। कागजों की बड़ी संख्या में पीयू को आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा नियंत्रक विभाग इस पर काम कर रहा है। पहले से पीयू में एक पोर्टल काम कर रहा है। इस पोर्टल में उन शिक्षकों का डाटा है जो हर साल परीक्षा की कापियां चेक करते हैं। उन शिक्षकों के नाम, मोबाइल नंबर, विषय समेत कई जानकारियां पोर्टल पर उपलब्ध हैं। यही शिक्षक पीयू की परीक्षाओं के लिए पेपर सेट करते हैं। इसी पोर्टल में एक ऑप्शन अब पेपर तैयार करने वाले शिक्षकों के लिए बनाया जाएगा।
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उसके लिए हर शिक्षक की एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी। जैसे ही शिक्षकों के पास फार्म की साफ्ट कापी जाएगी तो वह उसे यूनिक आईडी से खोल लेंगे और समय पर उसे भरकर वापस भेज देंगे। इससे समय के साथ मैनपावर की भी बचत होगी। मालूम हो कि पीयू की सैफ लैब ने भी नमूनों की जांच के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर दी है। यहां पेपरलेस व्यवस्था की ओर कदम बढ़ाया गया है।

पेपर सेट करने वाले शिक्षकों को अब साफ्ट कॉपी भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पोर्टल में ऑप्शन होगा। जल्द ही इसके रिजल्ट सामने आएंगे। इस व्यवस्था से पीयू के 25 लाख रुपये तक की बचत होगी, जो कागजों पर खर्च होते थे।

- परविंदर सिंह, परीक्षा नियंत्रक, पीयू

पेपर तैयार करने वाले शिक्षकों के पास सॉफ्ट कापी पहुंचेगी तो इससे उनका काम और आसान होगा। साथ ही पीयू लाखों रुपये की बचत कर लेगा। यह रकम अन्य कार्यों पर खर्च होगी। सैफ लैब में भी पेपरलेस व्यवस्था हो रही है।
- प्रो. एसके मेहता, निदेशक, सैफ लैब
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