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निरफ रैंकिंग को लेकर चांसलर वेंकैया नायड़ू ने नाराजगी जताई, पीयू ने सुधारने को योजना बनाई

Sun, 05 May 2019 10:13 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 05 May 2019 10:13 AM IST
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Punjab University Chandigarh Planning to Improve Niraf Ranking
वेंकैया नायडू - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में हाल में हुए दीक्षांत समारोह के दौरान चांसलर वेंकैया नायडू की ओर से निरफ रैंकिंग पर सवाल उठाए गए। इसलिए अब पीयू प्रशासन बड़ी योजना बना रहा है। चांसलर ने चेतावनी लहजे में कहा था कि इसमें सुधार की जरूरत है। अगले वर्ष तक रैंकिंग अच्छी होनी चाहिए। पीयू में अब उन प्वॉइंट्स पर काम होगा, जिनमें कम अंक मिले हैं।
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सबसे अधिक रिसर्च के पैरामीटर्स पर कार्य होगा। इसके साथ पीयू अपनी परसेप्शन पर भी काम करेगा। बता दें कि निरफ रैंकिंग में पीयू लगातार पिछड़ता जा रहा है। इस बार 34वीं रैंक हासिल हुई। जैसे ही पीयू के 28 अप्रैल के कन्वोकेशन में यह रैंक साझा की गई तो चांसलर वेंकैया नायडू ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बेहतर रैंक केलिए प्रयास किए जाएं।
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सूत्रों का कहना है कि कन्वोकेशन के बाद पीयू प्रशासन के जिम्मेदार लोगों ने रैंकिंग के लिए काम करना शुरू कर दिया है। हालांकि पीयू की अटल रैंकिंग देशभर में नौवें स्थान पर आई है, लेकिन केंद्र सरकार की निरफ रैंकिंग में अच्छे अंक आना जरूरी है। सूत्रों का कहना है कि रैंकिंग के लिए तय किए गए बिंदुओं पर हर माह बैठक होगी।
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मॉनीटरिंग के लिए भी एक समिति लगाई जाएगी ताकि कोई कमी न रहे। अक्तूबर माह से पहले यह सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी।

इन बिंदुओं पर पीयू करेगा काम

- रिसर्च पैरामीटर्स को मजबूत करना।
- निजी विश्वविद्यालयों की तरह पीयू का परसेप्शन मजबूत करना।
- मूल्य आधारित शिक्षा सभी कार्यक्रमों में एकीकृत करना।
- सीबीसीएस सिस्टम पूरी तरह लागू करवाना।
- छात्रों के फीडबैक सभी विभागों से पूरी तरह नहीं मिल पा रहे हैं, इसमें सुधार करना।
- अग्रिम शिक्षार्थियों की पहचान के लिए तंत्र विकसित किया जाना था, इस पर अभी काम चल रहा है।
- संकायों में स्टाफ की कमी है। इसकी अनुमति शासन दिलवाना।
- सफाई का आलम पुराने जैसा है। कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है, इसे दुरस्त करने की चुनौती।
- प्लेसमेंट की व्यवस्था में समुचित सुधार करने की चुनौती।

इनकी कमियां भी होंगी दुरुस्त

- मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभागों द्वारा अनुसंधान के लिए जुटाए गए संसाधन।
- छात्रों की भागीदारी को ट्रैक करने के लिए संरचित तंत्र के लिए पोर्टल की व्यवस्था।
- सामान व फाइलों के रखरखाव की स्थिति में सुधार।
- छात्रावासों की संख्या को बढ़ाना और सुविधाओं का आंकलन करना।

निरफ रैंकिंग में सुधार के लिए रणनीति बनाई जा रही है। जहां कमजोर रहे हैं उन बिंदुओं को मजबूत किया जा रहा है।
- डॉ. आशीष जैन, निदेशक, आईक्यूएसी
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