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पीयू में Phd दाखिले को लेकर असमंजस, पुटा ने कहा- साफ किए जाएं नियम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 04 Oct 2017 04:03 PM IST
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पीएचडी और एमफिल में दाखिले के लिए बदले गए नियमों से पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए डीयूआई को पत्र लिखकर स्थिति साफ करने को कहा है।
क्योंकि कई विभागों में पीएचडी केलिए सीटें खाली पड़ी हैं, जिन पर स्थिति साफ नहीं है कि किन नियमों के तहत दाखिला दिया जाना है? दरअसल 29 जून को डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल की तरफ से सभी विभागों में सर्कुलर जारी कर कहा गया था कि पीएचडी और एम फिल में नामांकन करने केलिए विभाग अपने स्तर पर श्रेणियां बनाएं।
वहीं अब 29 सितंबर को नया सर्कुलर जारी कहा गया है कि पीएचडी में दाखिले केलिए 50 फीसदी अकादमिक, 40 फीसदी इंटरव्यू और 10 फीसदी नंबर स्कालरशिप के रखे जाएंगे और सभी विभागों को इसी के तहत दाखिले करने होंगे।
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अब अलग-अलग विभागों की तरफ से आपत्ति जताई जा रही है कि पीएचडी और एम फिल में कुछ नामांकन पुरानी श्रेणी में हो चुकेहैं। अब बीच सत्र में नए नियम कैसे लागू किए जा सकेंगे।
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क्योंकि कई विभागों में पीएचडी केलिए सीटें खाली पड़ी हैं, जिन पर स्थिति साफ नहीं है कि किन नियमों के तहत दाखिला दिया जाना है? दरअसल 29 जून को डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल की तरफ से सभी विभागों में सर्कुलर जारी कर कहा गया था कि पीएचडी और एम फिल में नामांकन करने केलिए विभाग अपने स्तर पर श्रेणियां बनाएं।
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वहीं अब 29 सितंबर को नया सर्कुलर जारी कहा गया है कि पीएचडी में दाखिले केलिए 50 फीसदी अकादमिक, 40 फीसदी इंटरव्यू और 10 फीसदी नंबर स्कालरशिप के रखे जाएंगे और सभी विभागों को इसी के तहत दाखिले करने होंगे।
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अब अलग-अलग विभागों की तरफ से आपत्ति जताई जा रही है कि पीएचडी और एम फिल में कुछ नामांकन पुरानी श्रेणी में हो चुकेहैं। अब बीच सत्र में नए नियम कैसे लागू किए जा सकेंगे।