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3 साल में भी नैक के मानकों पर खरी नहीं उतर पाई पंजाब यूनिवर्सिटी, मिला 2022 तक का समय

Mon, 01 Apr 2019 01:46 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 01 Apr 2019 01:46 PM IST
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Punjab University Chandigarh Not able to Complete NAAC Condition for Ranking
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस - फोटो : file photo
पंजाब यूनिवर्सिटी नैक के मानकों को तीन साल में भी पूरा नहीं कर पाई। इसके चलते केंद्र सरकार की इस संस्था ने पीयू को 2022 तक का समय दिया है। यूनिवर्सिटी के पास तीन साल शेष हैं। यदि इस कार्यकाल में भी कुछ नहीं हो पाया तो पीयू की रैंकिंग पर बड़ा असर पड़ेगा। मार्च 2015 में नैक की टीम पीयू पहुंची थी। टीम को यहां छात्रावासों की संख्या पर्याप्त नहीं मिली।
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छात्रों की संख्या के अनुपात में रहने की जगह कम थी। संकाय की कमी, बोर्ड-चॉक विधि का शिक्षण के लिए चलन, सीबीसीएस विधि चलने, अपर्याप्त तकनीकी स्टाफ, कम प्लेसमेंट समेत कई बिंदुओं की कमी मिली थी। कई कमियां सामने आने के बाद नैक की टीम ने पीयू को समय पर मानकों की पूर्ति करने के लिए कहा, लेकिन तीन साल में भी वह पूरा नहीं हो पाया।
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हालांकि कुछ काम जरूर पीयू की ओर से किए गए हैं। जानकारों का कहना है कि 2022 तक भी मानकों की पूर्ति होना आसान नहीं है। मालूम हो कि नैक की टीम देशभर के शिक्षण संस्थानों का सर्वे वर्ष 2020 में करेगी, लेकिन पीयू के कामों की गति को देखते हुए उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया है।
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ये काम पूरे नहीं हो पाए

- मूल्य आधारित शिक्षा सभी कार्यक्रमों में एकीकृत नहीं हो पा रही है।
- सीबीसीएस सिस्टम पूरी तरह अभी लागू नहीं हो सका है।
- छात्रों के फीडबैक सभी विभागों से पूरी तरह नहीं मिल पा रहे हैं।
- अग्रिम शिक्षार्थियों की पहचान के लिए तंत्र विकसित किया जाना था, इस पर अभी काम चल रहा है।
- संकायों में स्टाफ की कमी है। इसकी अनुमति शासन से नहीं मिली।
- सफाई का आलम पुराने जैसा है। कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
- प्लेसमेंट की व्यवस्था में समुचित सुधार नहीं हो पाया।

ये काम पूरे हुए

- मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभागों द्वारा अनुसंधान के लिए संसाधन जुटाए गए।
- छात्रों की भागीदारी को ट्रैक करने के लिए संरचित तंत्र के लिए पोर्टल की व्यवस्था की गई।
- सामान व फाइलों के रखरखाव की स्थिति में सुधार हुआ।
- छात्रावासों की संख्या दस से बढ़कर 11 हो रही है। इसकेअलावा हॉस्टलों का उच्चीकरण हो रहा है।

जल्द पूरे होंगे कार्य
नैक के मानकों की पूर्ति के लिए काम लगातार चल रहा है। जल्द ही यह पूरे हो जाएंगे। वर्ष 2022 से पहले हर मानक पूरे होंगे।
- डॉ. आशीष जैन, निदेशक, आईक्यूएसी
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