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पंजाब यूनिवर्सिटी में 25 से धरने पर सैकड़ों नॉन-टीचिंग कर्मचारी, आरक्षण में रोस्टर का लाभ नहीं

Sun, 21 Apr 2019 12:20 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 21 Apr 2019 12:20 PM IST
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Punjab University Chandigarh Non Teaching Staff Planning to Protest from 25 April
सांकेतिक चित्र
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के सैकड़ों नॉन टीचिंग कर्मचारी 25 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें आरक्षण में रोस्टर का लाभ नहीं दिया जा रहा है। पहले तो कर्मचारियों का डाटा जुटाने के नाम पर तीन साल निकाल दिए गए और जब डाटा तैयार हुआ तो सिंडिकेट ने उसको अप्रूवल देने की बजाए, जांच के लिए कमेटी बना दी। नॉन टीचिंग कर्मचारियों का आरोप है कि दिसंबर 2018 में बनी कमेटी ने अब तक एक बैठक नहीं की है।
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पीयू एससी/एसटी/ओबीसी इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बारे उप राष्ट्रपति और पीयू के चांसलर एम. वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूजीसी के चेयरमैन, प्रो. डीपी सिंह और पीयू के वीसी प्रो राज कुमार को पत्र भी लिखा है। एससी एसटी इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह का कहना है कि पीयू अपने टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों के बीच सालों से भेदभाव करता आया है।
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टीचिंग कर्मचारियों को साल 2008 में ही प्रोमोशन में आरक्षण का लाभ का लाभ मिल गया, लेकिन नॉन-टीचिंग कर्मचारी अभी तक इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब पानी सिर के उपर जा चुका है। 25 अप्रैल को 100 से ज्यादा कर्मचारी छुट्टी लेकर धरने पर बैठेंगे। अगर मांगे फिर भी नहीं मानी जाएगी तो 28 अप्रैल को पीयू में कन्वोकेशन है, जिसमें उप राष्ट्रपति और पीयू के चांसलर एम. वेंकैया नायडू आ रहे हैं। उस दिन तक यह धरना जारी रहेगा।
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गौरतलब है कि संविधान में आरक्षण का प्रावधान साल 1950 में किया गया था और उसी के साथ यह देश भर के शिक्षण संस्थानों में लागू हो गया। आरक्षण को संस्थान कैसे लागू करेंगे, उसके लिए रोस्टर तैयार होता है। यह भी सब जगह हो गया है पर पंजाब यूनिवर्सिटी के नॉन टीचिंग कर्मचारियों को इसका लाभ अब तक नहीं मिल सका है।

कर्मचारियों को लेकर पीयू नहीं गंभीर

पीयू में एससी एसटी ओबीसी के नॉन टीचिंग कर्मचारियों की संख्या 2000 से अधिक है। इन कर्मचारियों के हितों के लिए काम कर रही एससी/एसटी/ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन वर्षों से आरक्षण में रोस्टर लागू करने की मांग कर रही है, लेकिन पीयू द्वारा इन मांगो को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिसकी वजह से दर्जनों कर्मचारियों को इसका लाभ ही नहीं मिल पाया और वह रिटायर हो गए। इस बारे में कर्मचारियों की तरफ से कई बार प्रदर्शन किए गए पर अब तक कोई हल नहीं निकला।

पीयू के नॉन टीचिंग कर्मचारियों के साथ वर्षों से धोखा किया जा रहा है। एक ही संस्थान के कर्मचारियों के साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है, इसके खिलाफ 25 अप्रैल को दिनभर सैकड़ों कर्मचारी छुट्टी कर हड़ताल पर बैठेंगे।
- हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी एसटी इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन
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