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पीयू के स्टूडेंट नो व्हीकल जोन सिस्टम को दिखा रहे ठेंगा, रोज आ रहे है 2400 टू व्हीलर

Tue, 26 Jun 2018 03:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Jun 2018 03:33 PM IST
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punjab university chandigarh no vehicle zone system failed
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ कैंपस में नो व्हीकल जोन सिस्टम लागू नहीं हो पाया है। कैंपस के छात्र नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। स्टूडेंट्स को सिर्फ टू-व्हीलर इस्तेमाल करने का निर्देश है, जबकि वे धड़ल्ले से फोर-व्हीलर दौड़ा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस पर अब तक कोई रोक नहीं लगा पाई है। छात्र नियमों को दरकिनार कर फोर-व्हीलर लेकर धड़ल्ले से एकेडमिक ब्लाकर तक पहुंच जाते हैं।
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यहां क्लास अटेंड करने वाले छात्रों को तेज हार्न बजने से परेशानी होती है। बता दें कि पीयू प्रबंधन 10 बडे़ पार्किंग स्टैंड पहले से ही कैंपस में बनाए हुए हैं। हॉस्टल की मेन रोड, पीयू प्रशासनिक भवन, फिजिक्स डिपार्टमेंट की पार्किंग के बजाय छात्र अपने वाहन सड़कों पर पार्क कर देते हैं। इस तरह नो व्हीकल जोन बनाने का कोई फायदा नहीं हो रहा है। एक बात और भी है किपार्किंग की तुलना में पीयू में वाहनों की संख्या बहुत अधिक है।
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छात्र ही कराते हैं बाहरी वाहनों की इंट्री
पीयू कैंपस में रोजाना 2400 के करीब टू-व्हीलर खडे़ हो रहे हैं। पीयू के रिकार्ड में केवल 300 टू-व्हीलर को ही पार्क किया जाता है। इसमें हॉस्टल की पार्किंग के अलावा कैंपस की पार्किंग लॉट में खड़े वाहन शामिल होते हैं। बाहरी वाहनों की इंट्री स्टूडेंट अपने आईकार्ड पर करा देते हैं, जिससे इससे यहां पढ़ने वाले छात्रों को वाहन पार्क करने में परेशानी होती है। कैंपस के सुरक्षाकर्मी भी विवश नजर आते हैं। पीयू के एक पार्किंग स्टैंड में सौ वाहनों को पार्क करने की क्षमता है। वाहनों की संख्या अधिक और कैंपस की सड़कों पर पार्क होने से ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आउट साइडर्स के लिए अलग व्यवस्था
ऑउट साइडर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 के सामने ही पार्किंग बनाई गई है। हालांकि, कई ऐसे आउट साइडर्स कैंपस में आते हैं, जो अपनी पहचान बताकर आसानी से कैंपस में गाड़ियों की इंट्री करा लेते हैं। कैंपस की पार्किंग में कई ऐसे लावारिस वाहन होते हैं, जो महीनों तक खड़े रहते हैं। इन वाहनों के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं होती है। पूछने पर भी कोई उन वाहनों के बारे में बताने की जेहमत नहीं उठाता।


नो व्हीकल जोन सिस्टम को पीयू में लागू किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। जुलाई से इसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा। इसे फॉलो करवाने के लिए सिक्योरिटी स्टाफ की ओर से चेकिंग की जाएगी।
- रेनुका बी सालवन, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, पीयू
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