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14 को पंजाब यूनिवर्सिटी का स्थापना दिवस, सजाने को एक फूल नहीं दे पाया हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट
Sat, 12 Oct 2019 02:11 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 12 Oct 2019 02:11 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पीयू हॉर्टिकल्चर विभाग में वर्कर्स की फौज है, लेकिन पीयू के 14 अक्तूबर को होने जा रहे स्थापना दिवस पर सजावट के लिए एक फूल तक नहीं है। बाहर से फूल लाने के लिए विभाग ने पीयू से 20 हजार रुपये की मांग की है। यह बात सामने आते ही शिक्षकों ने भी हैरत जताई है। उनका कहना है कि आखिर विभाग कर क्या रहा है? यही नहीं सालभर में जो भी कार्यक्रम होते हैं उनके लिए भी बाहर से ही फूल आते हैं। पीयू के हॉर्टिकल्चर विभाग में अधिकारियों समेत बागवानी के लिए 70 से अधिक वर्कर्स हैं। इनके अलावा सफाई कर्मचारी अलग से।
सर्वाधिक वर्करों की संख्या विभाग के पास है। विभाग का मुख्य काम पूरे परिसर को हरा भरा रखना, पौधों की सुरक्षा करना, नए पौधे लगाना और फूल तैयार करने समेत कई कार्य हैं। वर्तमान परिसर के हालात को देखें तो पेड़ लगातार सूख रहे हैं। तमाम पेड़ों के चारों ओर ईंटें लगवा दी गई हैं जो अब उखाड़ी जा रही हैं। छोटे छोटे निर्माण भी लाखों की कीमत से हो रहे हैं, जो फिजूलखर्ची बताए जा रहे हैं। इस तरह की कार्यशैली से विभाग कटघरे में है। पूरे कैंपस में चर्चा है कि सिर्फ अधिकारियों का विकास हो रहा है। कैंपस के लिए या पीयू के लिए कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
अब 14 अक्तूबर को पीयू का स्थापना दिवस है। यह दिवस महत्वपूर्ण होता है। इसमें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल अतिथि होंगे। कार्यक्रम भव्य होगा। मंच से लेकर गेट तक सजाए जाने हैं। इसके लिए हॉर्टिकल्चर विभाग का अहम रोल है, लेकिन विभाग के पास अपने परिसर में एक भी फूल नहीं हैं। 20 हजार रुपये की मांग पीयू से की गई है कि वह फूल बाहर से लाएंगे। इस पर पीयू के जिम्मेदार लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। जब हर चीज बाहर से आ रही है तो विभाग आखिर क्या कर रहा है। न पेड़ सुरक्षित हैं और न फुलवारी हो रही है।
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यही नहीं गमले भी विभाग दूसरे कार्यक्रम में भेजता है तो उसके लिए भी अलग से शुल्क लगता है। फूलों के शो के नाम पर साल में एक बार गुलदाऊदी होता है। उस पर लाखों रुपये का खर्च दिखाया जाता है।
फूल सीजनल होते हैं। इस समय नॉर्थ में फूल नहीं होते हैं। गेंदा आदि फूल दूसरे प्रदेशों में उगाए जाते हैं, इसलिए बाहर से मंगवाने पड़ रहे हैं।
- अनिल ठाकुर, डिविजनल इंजीनियर, हॉर्टिकल्चर विभाग
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सर्वाधिक वर्करों की संख्या विभाग के पास है। विभाग का मुख्य काम पूरे परिसर को हरा भरा रखना, पौधों की सुरक्षा करना, नए पौधे लगाना और फूल तैयार करने समेत कई कार्य हैं। वर्तमान परिसर के हालात को देखें तो पेड़ लगातार सूख रहे हैं। तमाम पेड़ों के चारों ओर ईंटें लगवा दी गई हैं जो अब उखाड़ी जा रही हैं। छोटे छोटे निर्माण भी लाखों की कीमत से हो रहे हैं, जो फिजूलखर्ची बताए जा रहे हैं। इस तरह की कार्यशैली से विभाग कटघरे में है। पूरे कैंपस में चर्चा है कि सिर्फ अधिकारियों का विकास हो रहा है। कैंपस के लिए या पीयू के लिए कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
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अब 14 अक्तूबर को पीयू का स्थापना दिवस है। यह दिवस महत्वपूर्ण होता है। इसमें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल अतिथि होंगे। कार्यक्रम भव्य होगा। मंच से लेकर गेट तक सजाए जाने हैं। इसके लिए हॉर्टिकल्चर विभाग का अहम रोल है, लेकिन विभाग के पास अपने परिसर में एक भी फूल नहीं हैं। 20 हजार रुपये की मांग पीयू से की गई है कि वह फूल बाहर से लाएंगे। इस पर पीयू के जिम्मेदार लोगों ने भी सवाल उठाए हैं। जब हर चीज बाहर से आ रही है तो विभाग आखिर क्या कर रहा है। न पेड़ सुरक्षित हैं और न फुलवारी हो रही है।
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यही नहीं गमले भी विभाग दूसरे कार्यक्रम में भेजता है तो उसके लिए भी अलग से शुल्क लगता है। फूलों के शो के नाम पर साल में एक बार गुलदाऊदी होता है। उस पर लाखों रुपये का खर्च दिखाया जाता है।
फूल सीजनल होते हैं। इस समय नॉर्थ में फूल नहीं होते हैं। गेंदा आदि फूल दूसरे प्रदेशों में उगाए जाते हैं, इसलिए बाहर से मंगवाने पड़ रहे हैं।
- अनिल ठाकुर, डिविजनल इंजीनियर, हॉर्टिकल्चर विभाग