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पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छोड़ी जिद, पेड़ों के चारों तरफ की सड़क खोदकर बनाई ‘ब्रीदिंग स्पेस’
Wed, 17 Jul 2019 10:15 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 17 Jul 2019 10:15 AM IST
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पेड़ों की देखरेख करते कर्मी
- फोटो : फाइल फोटो
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देर आयत दुरुस्त आयत...पीयू प्रशासन जिद छोड़कर पेड़ों के चारों ओर बनाई गई सड़क को खोदकर ‘ब्रीदिंग स्पेस’ बना रहा है, ताकि पेड़ सही तरीके से ‘सांस’ ले सकें। इस पर मंगलवार से काम शुरू हो गया। गांधी भवन से लेकर लॉ विभाग तक पेड़ों के चारों ओर बनाई गई सड़क को खोदा गया। इसके लिए कई मजदूर लगाए गए हैं।
कम से कम चार बाई चार का स्पेस पेड़ों से खाली किया जा रहा है। इसी सड़क के कारण दर्जनों पेड़ सूख चुके हैं और कई पेड़ सूखने के कगार पर हैं। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे पर कई बार खबरें प्रकाशित की थीं। इसके बाद पीयू के समाजशास्त्र के प्रो. विनोद कुमार चौधरी समेत कई पर्यावरण प्रेमी इन टाइलों के विरोध में सामने आ गए। उन्होंने इस पर कड़ा विरोध जताया।
गांधी भवन से लेकर लॉ डिपार्टमेंट तक पेड़ सूख रहे हैं। इसको लेकर मैंने नोटिस लगाया था कि पीयू इन पेड़ों की देख रेख करे या फिर हम इनका जिम्मा उठाएंगे। पीयू ने अब कुछ काम शुरू किया है।
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- प्रेम गर्ग, सीए
पेड़ों की जड़ों में कंकरीट डालकर उन्हें खत्म किया जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। पीयू प्रशासन पेड़ों की सुरक्षा के लिए पर्यावरण पॉलिसी बनाए।
- प्रो. विनोद कुमार चौधरी, समाज शास्त्र विभाग
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कम से कम चार बाई चार का स्पेस पेड़ों से खाली किया जा रहा है। इसी सड़क के कारण दर्जनों पेड़ सूख चुके हैं और कई पेड़ सूखने के कगार पर हैं। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे पर कई बार खबरें प्रकाशित की थीं। इसके बाद पीयू के समाजशास्त्र के प्रो. विनोद कुमार चौधरी समेत कई पर्यावरण प्रेमी इन टाइलों के विरोध में सामने आ गए। उन्होंने इस पर कड़ा विरोध जताया।
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गांधी भवन से लेकर लॉ डिपार्टमेंट तक पेड़ सूख रहे हैं। इसको लेकर मैंने नोटिस लगाया था कि पीयू इन पेड़ों की देख रेख करे या फिर हम इनका जिम्मा उठाएंगे। पीयू ने अब कुछ काम शुरू किया है।
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- प्रेम गर्ग, सीए
पेड़ों की जड़ों में कंकरीट डालकर उन्हें खत्म किया जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। पीयू प्रशासन पेड़ों की सुरक्षा के लिए पर्यावरण पॉलिसी बनाए।
- प्रो. विनोद कुमार चौधरी, समाज शास्त्र विभाग
सड़क बनाने में हुए धन के दुरुपयोग को जिम्मेदार लोगों से वसूला जाए
वैसे तो पंजाब यूनिवर्सिटी आर्थिक संकट से गुजर रहा है, कई ऐसी योजनाएं बनाई गईं जिन पर पैसा पानी की तरह बहाया गया। कुछ साल पहले लाखों की लागत से सड़क बना दी गई। पौधों की जड़ों तक सड़क पहुंची तो वह सूख गई। अब पेड़ों को बचाने के लिए पर्यावरण प्रेमी सामने आए तो विरोध के बाद पीयू प्रशासन ने सड़क खोदने का काम शुरू कर दिया।
पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि जितने धन का सड़क में दुरुपयोग हुआ है उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों से उसकी वसूली होनी चाहिए। जानकारों का कहना है कि यदि अधिकारी भविष्य की योजना बनाकर कार्य करते तो लाखों रुपये सड़क के नाम पर बर्बाद नहीं होते और पेड़ भी नहीं सूखते।
सूत्रों का कहना है कि निर्माण के नाम पर पैसे पर पैसे लगाए जा रहे हैं लेकिन सदुपयोग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बताया जाता है कि इसमें कमीशन का मोटा खेल होता है। यही कारण है कि उच्चाधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं देते। अब सवाल यह उठता है कि आखिर में पीयू के निर्माण विभाग या उद्यान विभाग ने पहले इसकी योजना क्यों नहीं बनाई कि पेड़ सड़क के कारण सूख जाएंगे।
पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि जितने धन का सड़क में दुरुपयोग हुआ है उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों से उसकी वसूली होनी चाहिए। जानकारों का कहना है कि यदि अधिकारी भविष्य की योजना बनाकर कार्य करते तो लाखों रुपये सड़क के नाम पर बर्बाद नहीं होते और पेड़ भी नहीं सूखते।
सूत्रों का कहना है कि निर्माण के नाम पर पैसे पर पैसे लगाए जा रहे हैं लेकिन सदुपयोग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बताया जाता है कि इसमें कमीशन का मोटा खेल होता है। यही कारण है कि उच्चाधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं देते। अब सवाल यह उठता है कि आखिर में पीयू के निर्माण विभाग या उद्यान विभाग ने पहले इसकी योजना क्यों नहीं बनाई कि पेड़ सड़क के कारण सूख जाएंगे।