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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab University Chandigarh Dean of Colleges Sanjay Kaushik Interview

पंजाब यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ कॉलेज से खास बातचीत, बोले- सभी व्यवस्थाएं होंगी ऑनलाइन

Wed, 28 Nov 2018 10:31 AM IST
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 28 Nov 2018 10:31 AM IST
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Punjab University Chandigarh Dean of Colleges Sanjay Kaushik Interview
पंजाब यूनिवर्सिटी
पंजाब विश्वविद्यालय के नवनियुक्त डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि पीयू से संबद्ध सभी कॉलेजों की व्यवस्थाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था के बाद कॉलेजों के शिक्षकों, कर्मचारियों को यहां दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अब अपने क्षेत्र से ही समस्या का निराकरण आसानी से करा सकेंगे। कॉलेजों की मान्यता के लिए नियमों का सरलीकरण किए जाने पर जोर होगा। सर्वसम्मति से निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जाएगा। अधिक से अधिक कॉलेज खुलेंगे तो शिक्षा का प्रसार होगा। विद्यार्थियों को उन्हीं के इलाकों में लाभ मिल सकेगा। इस तरह के कई सवालों पर डीसीडीसी से वार्ता हुई। पेश हैं उसके अंश-
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सवाल : डीसीडीसी का चार्ज मिला है, आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
जवाब :
मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, मैं उसका बखूबी पालन करूंगा। प्राथमिकता होगी कि कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों आदि की समस्याओं का निस्तारण ऑनलाइन हो, उन्हें यहां तक दौड़ न लगानी पड़े। इसके लिए कोई सॉफ्टवेयर डेवलप करने पर जोर होगा। उससे कॉलेजों को जोड़कर ऑनलाइन ही शिकायतों का निस्तारण करेंगे।
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सवाल : कॉलेजों की मान्यता को लेकर नियम कठिन हैं, आसानी से मानक पूरे नहीं हो पाते?
जवाब :
कॉलेजों की मान्यता के लिए नियमों का पालन तो करना ही होगा, तभी मान्यता मिलेगी, लेकिन यदि कोई नियम कठिन है तो उसकी पूर्ति के लिए कुछ समय कॉलेजों को अतिरिक्त दिए जाने पर विचार किया जाएगा।
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सवाल : क्या कॉलेजों को ऑनलाइन मान्यता दिए जाने की योजना है?
जवाब :
मानकों की जांच जब होती है तो उसके लिए निरीक्षण जरूरी होता है, लेकिन उसका विकल्प कोई होगा तो देखा जाएगा। मान्यता के लिए कॉलेज कुछ सर्टिफिकेट ऑनलाइन दे सकें, इसके लिए योजना बनाई जाएगी।

सवाल : कॉलेजों में शिक्षक पूरे नहीं हैं, कई जगह प्रशिक्षित भी नहीं। कई जगह सैलरी न मिलने के मामले भी आए हैं, ऐसे में क्या करेंगे।
जवाब :
ऐसा तो कोई मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन सैलरी आदि की दिक्कतें होंगी तो वह दूर करवाने की कोशिश होगी।
सवाल : पीयू से संबद्ध कॉलेजों की संख्या कम है, स्टूडेंट्स भी इनसे कम ही जुड़ रहे हैं।
जवाब :
  पीयू आवेदन आने पर कॉलेजों को मान्यता प्रदान करता है। मानकों की जांच होती है। यदि आगे भी आएंगे तो मान्यता मानकों के आधार पर दी जाएगी। अनावश्यक रुकावट कोई नहीं लगाता। सभी के सहयोग से ही आगे बढ़ना है। सभी के सुझावों का पीयू स्वागत करता है।
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