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पीयू में अब लॉ विभाग में एडमिशन आसान नहीं, बदल गए कई नियम

Sun, 15 Jan 2017 11:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 15 Jan 2017 11:25 AM IST
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punjab university chandigarh changed rules for admission in law department morning, evening shift
परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स - फोटो : amar ujala
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित डिपार्टमेंट ऑफ लॉ में दाखिला अब आसान नहीं होगा। कई नियम बदले गए हैं। अब 30 साल से अधिक उम्र वालों को अब मार्निंग शिफ्ट में भी दाखिला नहीं मिल सकेगा। 2017 से लॉ डिपार्टमेंट में मार्निंग शिफ्ट में सिर्फ 300 स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाएगा।
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कुछ दिन पहले ही पंजाब यूनिवर्सिटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर 2017-18 सत्र से इवनिंग शिफ्ट को बंद करने का फैसला ले लिया है। नौकरी पेशा लोगों के लिए इवनिंग कोर्स बंद होने से लॉ की डिग्री हासिल कर पाना संभव नहीं होगा। हर साल ट्राइसिटी से काफी आईएएस,आईपीएस और रिटायर्ड अधिकारी इवनिंग शिफ्ट में लॉ की पढ़ाई करते थे।
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पीयू प्रशासन ने डिपार्टमेंट ऑफ लॉ (तीन वर्षीय) में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र भी तय कर दी है। 30 साल की उम्र के बाद लॉ कोर्स में दाखिला नहीं दिया जाएगा। एससी और एसटी स्टूडेंट्स को पांच साल की छूट मिलेगी।
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21 जनवरी को पीयू सिंडीकेट में लग जाएगी मुहर

punjab university chandigarh changed rules for admission in law department morning, evening shift
परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स
उधर, बार काउंसिल ऑफ के निर्देश पीयू प्रशासन  ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस) पांच वर्षीय कोर्स में दाखिले के लिए 20 साल अधिकतम उम्र सीमा तय कर दी गई है। आगामी 21 जनवरी की सिंडीकेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। पीयू एफिलिएटेड सभी लॉ कॉलेजों को भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

आगामी सिंडीकेटमें यूथ वेलफेयर के तहत रिजर्व एक सीट के लिए नियम बदलने पर फैसला लिया जाएगा। भविष्य में इस सीट के लिए स्टूडेंट्स को सिर्फ पिछले तीन साल की उपलब्धियों को मेरिट बनाते हुए स्वीकार किया जाएगा। सिंडीकेट में डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के बीएससी कोर्स में 2017-18 सत्र से सीटों की संख्या 29 से 30 करने पर भी फैसला होगा।

एमफिल की सीटें होंगी कम
पीयू के पंजाबी विभाग में एमफिल की सीटों को 25 से घटाकर 15 करने की तैयारी है। उधर गुरु ग्रंथ साहिब स्टडीज में भी 25 एमफिल सीटों को 10 किया जाएगा। 2017-18 सत्र के लिए सीटें कम की गई हैं। इस संबंध में आगामी सिंडीकेट में प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। जानकारी अनुसार 16 नवंबर 2016 को स्कूल ऑफ पंजाबी स्टडीज चेयरपर्सन प्रो.उमा सेठी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। भविष्य में एमफिल थीसिस का मूल्यांकन भी सिर्फ एक बाहरी एग्जामिनर से कराया जाएगा।
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