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झटकाः पंजाब यूनिवर्सिटी में 26 शिक्षकों की भर्तियों पर लगा ब्रेक, 1000 लोगों ने किया था आवेदन
Sat, 18 Jul 2020 11:24 AM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 18 Jul 2020 11:24 AM IST
सार
- सिंडिकेट ने दो बार किया भर्तियों का विरोध
- अभिलेखों की जांच भी नहीं हो पाई
- पिछले साल निकाली थीं भर्तियां
- इस साल नहीं हो पाएंगी भर्तियां
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विस्तार
पंजाब यूनिवर्सिटी एक साल में भी 26 शिक्षकों की भर्तियां नहीं कर पाया। सिंडिकेट ने इस पर दो बार अड़ंगा लगाया तो यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आज पीयू के सामने आर्थिक संकट खड़ा है। इसके चलते अब भर्तियों की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा।
वहीं दूसरी ओर इन भर्तियों के लिए आवेदन किए एक हजार से अधिक लोग इंतजार कर रहे हैं। पीयू ने पिछले साल 26 शिक्षकों की भर्तियां निकाली थीं। यह सभी पद असिस्टेंट प्रोफेसरों के थे। जैसे ही यह प्रस्ताव सिंडिकेट में पहुंचा तो विरोध हो गया।
ये आरोप लगे
आरोप लगे कि जिन विभागों को शिक्षकों की आवश्यकता थी वहां पद ही नहीं निकाले गए। जहां अधिक शिक्षक तैनात थे वहां भर्तियां निकाली गईं।
जांच के लिए बनाई कमेटी
इस पर एक कमेटी बनाई गई और सभी विभागों के रिकॉर्ड देखने के लिए प्रस्ताव पास हुआ। एक कमेटी ने रिकॉर्ड देखा तो नौ शिक्षकों की भर्ती के लिए हरी झंडी मिली। इन नौ शिक्षकों की भर्तियों पर भी आगे चलकर अड़ंगा लग गया। दो या तीन ही शिक्षकों की भर्तियां होने जा रही थी। अभिलेखों की जांच चल रही थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया लगभग बंद है।
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वहीं दूसरी ओर इन भर्तियों के लिए आवेदन किए एक हजार से अधिक लोग इंतजार कर रहे हैं। पीयू ने पिछले साल 26 शिक्षकों की भर्तियां निकाली थीं। यह सभी पद असिस्टेंट प्रोफेसरों के थे। जैसे ही यह प्रस्ताव सिंडिकेट में पहुंचा तो विरोध हो गया।
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ये आरोप लगे
आरोप लगे कि जिन विभागों को शिक्षकों की आवश्यकता थी वहां पद ही नहीं निकाले गए। जहां अधिक शिक्षक तैनात थे वहां भर्तियां निकाली गईं।
जांच के लिए बनाई कमेटी
इस पर एक कमेटी बनाई गई और सभी विभागों के रिकॉर्ड देखने के लिए प्रस्ताव पास हुआ। एक कमेटी ने रिकॉर्ड देखा तो नौ शिक्षकों की भर्ती के लिए हरी झंडी मिली। इन नौ शिक्षकों की भर्तियों पर भी आगे चलकर अड़ंगा लग गया। दो या तीन ही शिक्षकों की भर्तियां होने जा रही थी। अभिलेखों की जांच चल रही थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया लगभग बंद है।
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अभ्यर्थियों ने प्रगति के बारे में जाना तो नहीं दी जानकारी
पिछले दिनों आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने पीयू से इन भर्तियों की प्रगति के बारे में भी जाना था, लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई। कोरोना को बहाना बनाया गया। सूत्रों का कहना है कि अब यह भर्तियां ठंडे बस्ते में चली गईं।
सीनेट व सिंडिकेट के चुनाव के बाद कुछ बात बन सकती है। वह भी तभी जब दोनों सदनों में बदलाव दिखेगा। जानकारों का कहना है कि शिक्षकों की भर्तियों के लिए सिंडिकेट को सकारात्मक नजरिया पेश करना होगा तभी पीयू आगे बढ़ पाएगा।
छात्र-शिक्षक अनुपात कैसे पूरा होगा
छात्र व शिक्षक अनुपात पीयू का ठीक नहीं है। शिक्षकों की संख्या काफी कम है। पीयू के अधिकारियों ने यह भर्तियां एमएचआरडी से मान्य करवाई थी। इसके लिए सिफारिशें लगाई गईं। सभी को लगा था कि 26 शिक्षकों की भर्ती से पीयू को लाभ मिलेगा।
छात्रों की पढ़ाई भी बेहतर होगी, लेकिन वह भी धरी रह गई। तमाम रैंकिंग में यह बिंदु पूरा न होने के कारण रैंक नीचे आ रही है। पीयू के सामने अब नैक की रैकिंग सामने है जो वर्ष 2022 में होगी। उससे पहले पीयू इन भर्तियों को कर लेता है तो लाभ मिलेगा, अन्यथा फिर रैंक प्रभावित होगी।
सीनेट व सिंडिकेट के चुनाव के बाद कुछ बात बन सकती है। वह भी तभी जब दोनों सदनों में बदलाव दिखेगा। जानकारों का कहना है कि शिक्षकों की भर्तियों के लिए सिंडिकेट को सकारात्मक नजरिया पेश करना होगा तभी पीयू आगे बढ़ पाएगा।
छात्र-शिक्षक अनुपात कैसे पूरा होगा
छात्र व शिक्षक अनुपात पीयू का ठीक नहीं है। शिक्षकों की संख्या काफी कम है। पीयू के अधिकारियों ने यह भर्तियां एमएचआरडी से मान्य करवाई थी। इसके लिए सिफारिशें लगाई गईं। सभी को लगा था कि 26 शिक्षकों की भर्ती से पीयू को लाभ मिलेगा।
छात्रों की पढ़ाई भी बेहतर होगी, लेकिन वह भी धरी रह गई। तमाम रैंकिंग में यह बिंदु पूरा न होने के कारण रैंक नीचे आ रही है। पीयू के सामने अब नैक की रैकिंग सामने है जो वर्ष 2022 में होगी। उससे पहले पीयू इन भर्तियों को कर लेता है तो लाभ मिलेगा, अन्यथा फिर रैंक प्रभावित होगी।