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पंजाब यूनिवर्सिटी में उठी पुटा का विस्तार करने की मांग, रीजनल सेंटर के शिक्षक बनाएं मेंबर

Thu, 25 Jul 2019 02:42 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 25 Jul 2019 02:42 PM IST
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punjab university administration wants to expand teachers association
फाइल फोटो
पुटा के चुनाव की तैयारियां तेज चल रही हैं। ऐसे में पुटा का हिस्सा पीयू के रीजनल सेंटरों पर कार्य कर रहे शिक्षक भी बनना चाहते हैं। उनको मेंबर बनाने की मांग पीयू के शिक्षकों ने उठाई है। तर्क दिया है कि यदि इन केंद्रों के शिक्षक पुटा के मेंबर बनेंगे तो पुटा की शक्ति भी बढ़ेगी और उसके खजाने में भी हजारों रुपये आएंगे। पुटा की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो जाएगी और बार-बार शुल्क बढ़ाने की नौबत नहीं आएगी।
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पीयू के रीजनल सेंटर होशियारपुर, लुधियाना, कोहनी, मुक्तसर में हैं। इन केंद्रों पर लगभग 100 शिक्षक कार्य कर रहे हैं। इन शिक्षकों के तबादले पीयू या अन्य केंद्रों पर भी हो जाते हैं। इसके साथ ही केंद्रों के शिक्षकों को सीनेट में जगह दी गई है, जो शिक्षा से जुड़े फैसलों में भागीदारी करते हैं। ऐसे में यह शिक्षक पुटा में शामिल हो जाएंगे तो शिक्षकों की ताकत में बढ़ोत्तरी होगी। पीयू के शिक्षक भी चाहते हैं कि रीजनल केंद्रों के शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाए।
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60 शिक्षकों की नहीं कटेगी सैलरी
पुटा के सदस्यता शुल्क की राशि सैलरी से न काटने के लिए 40 शिक्षकों ने पत्र दिया है। बाकी 20 शिक्षकों को ऐसे चिह्नित कर लिया गया जो पत्र नहीं दिए हैं, लेकिन उनके विरोध करने की आशंका है। पुटा के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद खालिद कहते हैं कि परसेप्शन के आधार पर 20 लोगों के नाम की सूची रजिस्ट्रार से अप्रूव करा ली गई जो गलत है। हमने इसके लिए आपत्ति भी दायर नहीं की थी। शुल्क देने में हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सैलरी से कटौती नहीं होनी चाहिए।
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क्या कहते हैं सीनेटर व शिक्षक

रीजनल केंद्रों पर कार्य कर रहे शिक्षकों को पुटा में शामिल किया जाना चाहिए। इससे पुटा की शक्ति और बढ़ेगी। वह भी शिक्षकों के कार्य में हाथ बटा पाएंगे।
-- डॉ. अजय रंगा, सीनेटर

रीजनल केंद्रों के शिक्षकों को सीनेट में जगह मिल रही है तो ऐसे में उन्हें पुटा का सदस्य बनाने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। उन्हें पुटा में स्थान दिया जाना चाहिए।
--- डॉ. केके शर्मा, सीनेटर

पुटा शिक्षकों के हितों के लिए काम करने वाली संस्था है। ऐसे में रीजनल केंद्रों पर काम कर रहे शिक्षकों को भी इससे दूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्हें शामिल करने से शिक्षकों की ताकत बढ़ेगी।
--- प्रो. एसके मेहता, निदेशक सैफ लैब

रीजनल केंद्र पीयू के हैं। वहां के शिक्षकों का पीयू में तबादला भी हो जाता है। यहां के शिक्षक वहां चले जाते हैं। ऐसे में शिक्षकों के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए। वहां के शिक्षक भी पुटा के मेंबर बनने चाहिए।
-- प्रो. एमसी सिद्दू, पूर्व सचिव पुटा
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