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हाईकोर्ट नोटिस के बाद पीयू प्रशासन की गोपनीय बैठक, अफसर बोले- 24 घंटे हॉस्टल खोलने के पक्ष में थे
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:44 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल की गर्ल्स ने किया विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार की अध्यक्षता में वीसी कार्यालय में बेहद गोपनीय बैठक हुई। इस बैठक में यह बात कही गई कि 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने का मन पीयू प्रशासन ने बना लिया था, लेकिन मामला कोर्ट में चला गया। अब हाईकोर्ट के जरिये ही फैसला होगा। सूत्रों के मुताबिक, पीयू प्रशासन कोर्ट में स्टूडेंट्स के हित को ध्यान में रखकर जवाब देने की तैयारी कर रहा है ताकि कोर्ट से छात्राओं के हित में फैसला आए और भविष्य में ये स्टूडेंट्स इस मांग को लेकर प्रोटेस्ट न करें। पीयू प्रशासन के पास भी जवाब होगा कि कोर्ट के आदेश पर सब कुछ किया है।
इसमें सिंडिकेट व सीनेट का भी रोल खत्म हो जाएगा। हालांकि सिंडिकेट व सीनेट जरूरत पड़ने पर कोई भी नियम मध्य सत्र में बदल सकते हैं। मध्य सत्र में नियम बदलने का तोड़ पीयू प्रशासन ने बुधवार को निकालने की कोशिश की है। कुछ एडवोकेट्स से भी राय ली गई है। प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स की मांग यह भी थी कि पीयू में फोर व्हीलरों का बैन हो। इस पर भी कई निर्णय हुए। हालांकि उन निर्णयों पर दोबारा चर्चा प्रो. रोनकी राम की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी करेगी। इस दौरान कहा गया कि पीयू में बाहरी फोर व्हीलरों पर रोक लगाई जाएगी, लेकिन इससे पहले अंदर के ट्रैफिक सिस्टम को सुधारना होगा। इसके लिए सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की गाड़ियों पर स्टीकर लगाने के आदेश जारी किए गए।
इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट में रुचि रखने वाले शिक्षक भी पीयू के सभी गेटों पर खड़े किए जा सकते हैं। इसी के साथ सभी शिक्षक व कर्मचारियों को आई कार्ड लगाकर ड्यूटी समय में रहना होगा ताकि उनकी पहचान की जा सके। टूर ट्रेवल्स वाली गाड़ियों का प्रवेश तभी होगा जब ड्राइवर अपना लाइसेंस गेट पर ही सुरक्षा गार्ड के पास जमा कर देंगे। इससे यह साफ हो जाएगा कि कोई स्टूडेंट्स या शिक्षक या फिर कर्मचारी ने गाड़ी बुक की थी। गेटों पर पार्किंग बनाने व उसकी व्यवस्था देखने का जिम्मा भी किसी व्यक्ति को सौंपने पर बात हुई। मालूम हो कि हाल ही में स्टूडेंट्स लीडर्स के साथ भी पीयू प्रशासन की फोर व्हीलर्स बैन को लेकर बैठक हुई थी।
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इसमें सिंडिकेट व सीनेट का भी रोल खत्म हो जाएगा। हालांकि सिंडिकेट व सीनेट जरूरत पड़ने पर कोई भी नियम मध्य सत्र में बदल सकते हैं। मध्य सत्र में नियम बदलने का तोड़ पीयू प्रशासन ने बुधवार को निकालने की कोशिश की है। कुछ एडवोकेट्स से भी राय ली गई है। प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स की मांग यह भी थी कि पीयू में फोर व्हीलरों का बैन हो। इस पर भी कई निर्णय हुए। हालांकि उन निर्णयों पर दोबारा चर्चा प्रो. रोनकी राम की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी करेगी। इस दौरान कहा गया कि पीयू में बाहरी फोर व्हीलरों पर रोक लगाई जाएगी, लेकिन इससे पहले अंदर के ट्रैफिक सिस्टम को सुधारना होगा। इसके लिए सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की गाड़ियों पर स्टीकर लगाने के आदेश जारी किए गए।
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इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट में रुचि रखने वाले शिक्षक भी पीयू के सभी गेटों पर खड़े किए जा सकते हैं। इसी के साथ सभी शिक्षक व कर्मचारियों को आई कार्ड लगाकर ड्यूटी समय में रहना होगा ताकि उनकी पहचान की जा सके। टूर ट्रेवल्स वाली गाड़ियों का प्रवेश तभी होगा जब ड्राइवर अपना लाइसेंस गेट पर ही सुरक्षा गार्ड के पास जमा कर देंगे। इससे यह साफ हो जाएगा कि कोई स्टूडेंट्स या शिक्षक या फिर कर्मचारी ने गाड़ी बुक की थी। गेटों पर पार्किंग बनाने व उसकी व्यवस्था देखने का जिम्मा भी किसी व्यक्ति को सौंपने पर बात हुई। मालूम हो कि हाल ही में स्टूडेंट्स लीडर्स के साथ भी पीयू प्रशासन की फोर व्हीलर्स बैन को लेकर बैठक हुई थी।
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