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फर्जी मेडिकल दिया तो खैर नहीं, स्टूडेंट्स के लिए पीयू का सख्त फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 03 Nov 2016 06:13 PM IST
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अब फर्जी मेडिकल देकर अटेंडेंस पूरी करवाने वाले सावधान रहें। पंजाब यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के लिए सख्त फरमान जारी किया है। पीयू प्रशासन ने अटेंडेंस पूरी करने के लिए झूठे मेडिकल सर्टिफिकेट देने वाले स्टूडेंट पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके लिए हाल ही में गठित की गई जांच टीम ने तीन स्टूडेंट के मेडिकल सर्टिफिकेट पूरी तरह बोगस पाए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस संबंध में पीयू ने संबंधित विभागों को तुरंत झूठे मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने वाले स्टूडेंट को नोटिस जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
मामले में पीयू प्रशासन ने पहली बार कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। मामले की पूरी जांच के बाद दोषी पाए जाने पर स्टूडेंट के खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पुलिस में भी मामला दर्ज कराने पर विचार कर रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले को अमर उजाला कई बार उजागर कर चुका है।
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इसके लिए हाल ही में गठित की गई जांच टीम ने तीन स्टूडेंट के मेडिकल सर्टिफिकेट पूरी तरह बोगस पाए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस संबंध में पीयू ने संबंधित विभागों को तुरंत झूठे मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने वाले स्टूडेंट को नोटिस जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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मामले में पीयू प्रशासन ने पहली बार कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। मामले की पूरी जांच के बाद दोषी पाए जाने पर स्टूडेंट के खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पुलिस में भी मामला दर्ज कराने पर विचार कर रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले को अमर उजाला कई बार उजागर कर चुका है।
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तीन स्टूडेंट्स के खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट देने के मामले
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जानकारी अनुसार हाल ही में पंजाब यूनिवर्सिटी के लुधियाना स्थित रीजनल सेंटर से बीए एलएलबी सातवें सेमेस्टर के छात्र खुशवंत सिंह और एमबीए प्रथम वर्ष के छात्र इंदरबीर सिंह गिल तथा पीयू डेंटल कालेज की छात्रा चेतना के खिलाफ फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने का मामला सामने आया था।
पीयू प्रशासन ने संबंधित विभागों को 10 दिन के अंदर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने का कहा है। ऐसा नहीं करने पर पीयू प्रशासन अपने स्तर पर इन स्टूडेंट के खिलाफ कार्रवाई करेगा। दोनों स्टूडेंट को मोहाली स्थित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से डॉ.सीमा की ओर से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
मामले में डॉक्टर से भी पूछताछ होगी। उधर चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित पीयू डेंटल कॉलेज चौथे वर्ष की छात्रा चेतना को भी पीयू प्रशासन द्वारा झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट देने पर शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
छात्रा ने बलौंगी स्थित एक प्राइवेट मेडिकल हेल्थ सेंटर से अटेंडेंस पूरी करने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट पंजाब यूनिवर्सिटी को जमा करवाया था। यह सर्टिफिकेट डॉ.नवीन द्वारा तैयार किया गया है। पीयू अधिकारियों का कहना गलत मेडिकल सर्टिफिकेट देने वाले स्टूडेंट पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीयू प्रशासन ने संबंधित विभागों को 10 दिन के अंदर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने का कहा है। ऐसा नहीं करने पर पीयू प्रशासन अपने स्तर पर इन स्टूडेंट के खिलाफ कार्रवाई करेगा। दोनों स्टूडेंट को मोहाली स्थित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से डॉ.सीमा की ओर से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
मामले में डॉक्टर से भी पूछताछ होगी। उधर चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित पीयू डेंटल कॉलेज चौथे वर्ष की छात्रा चेतना को भी पीयू प्रशासन द्वारा झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट देने पर शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
छात्रा ने बलौंगी स्थित एक प्राइवेट मेडिकल हेल्थ सेंटर से अटेंडेंस पूरी करने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट पंजाब यूनिवर्सिटी को जमा करवाया था। यह सर्टिफिकेट डॉ.नवीन द्वारा तैयार किया गया है। पीयू अधिकारियों का कहना गलत मेडिकल सर्टिफिकेट देने वाले स्टूडेंट पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
500 से अधिक मेडिकल सर्टिफिकेट जमा हुए थे
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पंजाब यूनिवर्सिटी के विभागों में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से अटेंडेंस पूरी करना का फर्जीवाड़ा काफी समय से चल रहा है। स्टूडेंट एक ही क्लीनिक या हॉस्पिटल से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर पंजाब यूनिवर्सिटी के विभागों में जमा कर देते हैं।
2016 सेमेस्टर परीक्षाओं में एक महीने के भीतर कई विभागों से 500 से अधिक मेडिकल सर्टिफिकेट जमा कराए गए। पीयू हेल्थ सेंटर की जांच में अधिकतर मेडिकल सर्टिफकेट गलत पाए गए।
कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट ऐसे अस्पताल से बनावाए गए थे,जो दो साल पहले ही बंद हो चुका था। पूरे मामले में पीयू डीयूआई की ओर से जांच कमेटी गठित की गई थी, जिसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेट नियमों में बदलाव किया गया।
2016 सेमेस्टर परीक्षाओं में एक महीने के भीतर कई विभागों से 500 से अधिक मेडिकल सर्टिफिकेट जमा कराए गए। पीयू हेल्थ सेंटर की जांच में अधिकतर मेडिकल सर्टिफकेट गलत पाए गए।
कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट ऐसे अस्पताल से बनावाए गए थे,जो दो साल पहले ही बंद हो चुका था। पूरे मामले में पीयू डीयूआई की ओर से जांच कमेटी गठित की गई थी, जिसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेट नियमों में बदलाव किया गया।