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दादा-दादी बन गए, तो अब डिग्री की जरूरत क्या, 10 हजार डिग्रियों को स्टूडेंट्स का इंतजार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:57 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस
- फोटो : file photo
पंजाब यूनिवर्सिटी को उन 10 हजार स्टूडेंट्स का इंतजार है, जो अपनी डिग्रियां लेने अभी तक नहीं पहुंचे। विश्वविद्यालय ने उन्हें दो बार लेटर भेजे। उनमें कई का जवाब भी मिला। बताते हैं कि कुछ ने कहा है कि वह दादा-दादी बन गए। परिवार में प्रमोशन मिल गया। अब डिग्रियों की आवश्यकता नहीं है। पंजाब विश्वविद्यालय 1960 से विधिवत रूप से काम करता चला आ रहा है। पहले बैच में 1750 स्टूडेंट थे। उसके बाद संख्या बढ़ती चली गई। अब संख्या 26 हजार के पार है।
70 डिपार्टमेंट हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल विश्वविद्यालय से चार से पांच हजार स्टूडेंट्स पास आउट होते हैं। नियमत: एक साल में उनकी डिग्री तैयार हो जाती है। उसकी सूचना विश्वविद्यालय की ओर से स्टूडेंट्स को लेटर के जरिये दी जाती है। इसके अलावा वेबसाइट पर भी नोटिस होता है। बावजूद इसके लगभग दस हजार स्टूडेंट्स अपनी डिग्रियां लेने नहीं पहुंचे। यह स्नातक व परास्नातक के हैं। बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमकॉम, बीबीए, एमबीए आदि कक्षाएं शामिल हैं।
लगाया गया था डिग्री फेयर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले दिनों डिग्री फेयर लगाया था। अब फिर से तैयारी की जा रही है। स्टूडेंट्स को लेटर जारी किए जाएंगे। सूचना दी जाएगी ताकि वह आ सकें। 170 डिग्रियां ऐसी बताई जा रही हैं, जो 1980 की हैं। उस समय परास्नातक करने वाले स्टूडेंट्स आज 55 से 60 साल के हो गए। दादा-दादी, नाना-नानी बन गए। डिग्री फेयर में कुछ पहुंचे भी थे तो कुछ ओल्ड स्टूडेंट्स का भी यही जवाब था। डिग्री का करेंगे क्या जबकि नौकरी में प्रमोशन के डिग्री जरूरी मानी जाती है।
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डिग्री तैयार होते ही स्टूडेंट को लेटर भेजा जाता है। अन्य माध्यम से भी सूचना दी जाती है लेकिन कई स्टूडेंट्स डिग्री अभी नहीं ले गए हैं। उन्हें फिर सूचित किया जाएगा।
-- रेनुका बी सलवान, निदेशक, पब्लिक रिलेशन पीयू
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70 डिपार्टमेंट हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल विश्वविद्यालय से चार से पांच हजार स्टूडेंट्स पास आउट होते हैं। नियमत: एक साल में उनकी डिग्री तैयार हो जाती है। उसकी सूचना विश्वविद्यालय की ओर से स्टूडेंट्स को लेटर के जरिये दी जाती है। इसके अलावा वेबसाइट पर भी नोटिस होता है। बावजूद इसके लगभग दस हजार स्टूडेंट्स अपनी डिग्रियां लेने नहीं पहुंचे। यह स्नातक व परास्नातक के हैं। बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमकॉम, बीबीए, एमबीए आदि कक्षाएं शामिल हैं।
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लगाया गया था डिग्री फेयर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले दिनों डिग्री फेयर लगाया था। अब फिर से तैयारी की जा रही है। स्टूडेंट्स को लेटर जारी किए जाएंगे। सूचना दी जाएगी ताकि वह आ सकें। 170 डिग्रियां ऐसी बताई जा रही हैं, जो 1980 की हैं। उस समय परास्नातक करने वाले स्टूडेंट्स आज 55 से 60 साल के हो गए। दादा-दादी, नाना-नानी बन गए। डिग्री फेयर में कुछ पहुंचे भी थे तो कुछ ओल्ड स्टूडेंट्स का भी यही जवाब था। डिग्री का करेंगे क्या जबकि नौकरी में प्रमोशन के डिग्री जरूरी मानी जाती है।
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डिग्री तैयार होते ही स्टूडेंट को लेटर भेजा जाता है। अन्य माध्यम से भी सूचना दी जाती है लेकिन कई स्टूडेंट्स डिग्री अभी नहीं ले गए हैं। उन्हें फिर सूचित किया जाएगा।
-- रेनुका बी सलवान, निदेशक, पब्लिक रिलेशन पीयू