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बोर्ड एग्माज में नकल रोकने को PSEB ने कसी कमर, बड़ा फरमान जारी
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 20 Feb 2017 09:34 AM IST
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परीक्षाथी
10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में नकर रोकने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कमर कस ली है और स्कूलों के लिए बड़ा फरमान जारी किया है। इस बार फ्लाइंग स्क्वैड की संख्या घटाई जाएगी। उनकी जगह ऑब्जर्वर की संख्या बढ़ाकर उन्हें ज्यादा अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। बारहवीं की परीक्षा 18 फरवरी से 24 मार्च और दसवीं की 14-29 मार्च तक होनी है।
बारहवीं की परीक्षा में 318834 और दसवीं में 358545 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इनके अलावा दोनों कक्षाओं के री-अपियर वाले विद्यार्थी भी हैं। इस बार नकल रोकने के लिए ऑब्जर्वर एक सेंटर में प्रश्न पत्र के पैकेट की सील खोलने से लेकर उत्तर पुस्तिकाएं सील करने तक उसी सेंटर में रहेंगे। पहले वे एक सेंटर में पेपर की सील चेक करते, फिर दूसरे सेंटर में उत्तर पुस्तिकाओं की सील लगवाते थे।
इसके लिए बोर्ड 4512 ऑब्जर्वर तैनात करेगा। पर वे एक सेंटर में सिर्फ एक ही दिन रुकेंगे, अगले दिन उनका सेंटर बदल दिया जाएगा। फ्लाइंग स्क्वैड पहले ज्यादा होती थी, इस बार उसे छोटाकर दिया गया है। पहली बार फ्लाइंग स्क्वैड की बीट बनाई जाएगी। वे खास निर्धारित इलाकों में ही चेकिंग करेंगे, जिसका शेड्यूल पहले से बन जाएगा।
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बारहवीं की परीक्षा में 318834 और दसवीं में 358545 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इनके अलावा दोनों कक्षाओं के री-अपियर वाले विद्यार्थी भी हैं। इस बार नकल रोकने के लिए ऑब्जर्वर एक सेंटर में प्रश्न पत्र के पैकेट की सील खोलने से लेकर उत्तर पुस्तिकाएं सील करने तक उसी सेंटर में रहेंगे। पहले वे एक सेंटर में पेपर की सील चेक करते, फिर दूसरे सेंटर में उत्तर पुस्तिकाओं की सील लगवाते थे।
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इसके लिए बोर्ड 4512 ऑब्जर्वर तैनात करेगा। पर वे एक सेंटर में सिर्फ एक ही दिन रुकेंगे, अगले दिन उनका सेंटर बदल दिया जाएगा। फ्लाइंग स्क्वैड पहले ज्यादा होती थी, इस बार उसे छोटाकर दिया गया है। पहली बार फ्लाइंग स्क्वैड की बीट बनाई जाएगी। वे खास निर्धारित इलाकों में ही चेकिंग करेंगे, जिसका शेड्यूल पहले से बन जाएगा।
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एक दिन पहले ही पता चलेगी ड्यूटी कहां
परीक्षार्थी
बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए जाने वाले स्टाफ के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से लिस्टें ले ली हैं। यह पहला मौका होगा जब सेंटर स्टाफ को भी चुनाव ड्यूटी स्टाफ की तरह एक दिन पहले ही पता चलेगा कि उनकी ड्यूटी किस सेंटर पर लगी है।
दस सेंटरों के क्लस्टर पर एक रिजर्व पार्टी भी बनाई जाएगी। अगर कहीं ऐन मौके पर बदलाव करना हो तो रिजर्व पार्टी को भेजा जाएगा। पिछले साल जिन परीक्षा केंद्रों के बारे में शिकायतें थीं, उन पर इस बार सेंटर नहीं बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों की संख्या पिछली बार के बराबर ही है। बोर्ड ने यह भी तरजीह दी है कि जहां तक संभव हो, सेंटर ग्राउंड फ्लोर पर ही बनाया जाए।
आसान नहीं होगा ड्यूटी कटवाना
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की जानकारी में आया था कि बहुत से टीचर जो पहले नियमित स्कूल आ रहे होते हैं, लेकिन परीक्षाएं शुरू होते ही बीमारी का बहाना बनाकर परीक्षा ड्यूटी कटवा लेते हैं। इस बार यह आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से बोर्ड सभी डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखने जा रहा है।
इसमें कहा जाएगा कि किसी भी टीचर को बीमारी की पुष्टि के लिए सिर्फ जिले का सीनियर मेडिकल अफसर ही सक्षम अधिकारी होगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल का कहना है कि परीक्षा ड्यूटी कटवाने के लिए एसएमओ के अलावा किसी अन्य डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट मान्य नहीं होगा।
दस सेंटरों के क्लस्टर पर एक रिजर्व पार्टी भी बनाई जाएगी। अगर कहीं ऐन मौके पर बदलाव करना हो तो रिजर्व पार्टी को भेजा जाएगा। पिछले साल जिन परीक्षा केंद्रों के बारे में शिकायतें थीं, उन पर इस बार सेंटर नहीं बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों की संख्या पिछली बार के बराबर ही है। बोर्ड ने यह भी तरजीह दी है कि जहां तक संभव हो, सेंटर ग्राउंड फ्लोर पर ही बनाया जाए।
आसान नहीं होगा ड्यूटी कटवाना
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की जानकारी में आया था कि बहुत से टीचर जो पहले नियमित स्कूल आ रहे होते हैं, लेकिन परीक्षाएं शुरू होते ही बीमारी का बहाना बनाकर परीक्षा ड्यूटी कटवा लेते हैं। इस बार यह आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से बोर्ड सभी डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखने जा रहा है।
इसमें कहा जाएगा कि किसी भी टीचर को बीमारी की पुष्टि के लिए सिर्फ जिले का सीनियर मेडिकल अफसर ही सक्षम अधिकारी होगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल का कहना है कि परीक्षा ड्यूटी कटवाने के लिए एसएमओ के अलावा किसी अन्य डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट मान्य नहीं होगा।