{"_id":"59b8e1e64f1c1bec7f8b6958","slug":"punjab-school-education-board-special-chance-for-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब बोर्ड ने लाखों स्टूडेंट्स को दिया गोल्डन चांस, जल्दी से फायदा उठाएं","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पंजाब बोर्ड ने लाखों स्टूडेंट्स को दिया गोल्डन चांस, जल्दी से फायदा उठाएं
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:15 PM IST
विज्ञापन
Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड ने अपने लाखों स्टूडेंट्स को गोल्डन चांस देते हुए नया प्रोजेक्ट शुरू किया है। जल्दी से इसका फायदा उठाएं, दोबारा मौका न मिलेगा। दरअसल, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से अब तक पास आउट करोड़ों लोगों को बोर्ड ने बड़ी राहत दी है। यदि किसी के सर्टिफिकेट में नाम, उम्र या किसी भी प्रकार की कोई गलती है तो वह इसे ठीक करवा पाएंगे।
हालांकि लोगों को इसके लिए मोटी रकम अदा करनी पड़ेगी। बोर्ड ने प्रत्येक गलती की फीस एक हजार रुपये तय की है। हालांकि इसके अलावा प्रति साल के हिसाब से लेट फीस भी वसूली जाएगी। ऐसे में एक सर्टिफि केट में सुधार करने के लिए विद्यार्थियों को कम से कम पांच से सात हजार का खर्च आना तय है। जबकि पुराने केस में यह काफी बढ़ सकती है।
जानकारी के मुताबिक यह पहला मौका है जब बोर्ड के गठित होने से लेकर अब तक लोगों को मौका दिया गया । इसमें 1969 से लेकर 2016 तक के केस शामिल हो पाएंगे। हालांकि पहले बोर्ड द्वारा यह दो साल की समय अवधि के बीच में दिया जाता था।
विज्ञापन
इससे पहलें पांच साल या इससे पुराने सर्टिफिकेटों की कमियों को दूर करवाने के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ती थी । लेकिन बोर्ड के इस फैसले से लोगों के समय व पैसे दोनों की बचत होगी।
मोबाइल पर आएंगे मैसेज
वहीं, बोर्ड का दावा है कि सर्टिफिकेट बनाने का काम भी आसान हो जाएगा। विद्यार्थियों को फीस, रसीद नंबर, डायरी नंबर की स्थिति बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट भेजने वाली तिथी, रजिस्ट्ररी नंबर आदि भी लोगों को मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से भेजी जाएगी।
विज्ञापन
हालांकि लोगों को इसके लिए मोटी रकम अदा करनी पड़ेगी। बोर्ड ने प्रत्येक गलती की फीस एक हजार रुपये तय की है। हालांकि इसके अलावा प्रति साल के हिसाब से लेट फीस भी वसूली जाएगी। ऐसे में एक सर्टिफि केट में सुधार करने के लिए विद्यार्थियों को कम से कम पांच से सात हजार का खर्च आना तय है। जबकि पुराने केस में यह काफी बढ़ सकती है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक यह पहला मौका है जब बोर्ड के गठित होने से लेकर अब तक लोगों को मौका दिया गया । इसमें 1969 से लेकर 2016 तक के केस शामिल हो पाएंगे। हालांकि पहले बोर्ड द्वारा यह दो साल की समय अवधि के बीच में दिया जाता था।
विज्ञापन
इससे पहलें पांच साल या इससे पुराने सर्टिफिकेटों की कमियों को दूर करवाने के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ती थी । लेकिन बोर्ड के इस फैसले से लोगों के समय व पैसे दोनों की बचत होगी।
मोबाइल पर आएंगे मैसेज
वहीं, बोर्ड का दावा है कि सर्टिफिकेट बनाने का काम भी आसान हो जाएगा। विद्यार्थियों को फीस, रसीद नंबर, डायरी नंबर की स्थिति बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट भेजने वाली तिथी, रजिस्ट्ररी नंबर आदि भी लोगों को मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से भेजी जाएगी।