फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab SC-ST Commission is serious on not applying roster in Panjab University 

पंजाब यूनिवर्सिटी : रोस्टर लागू न होने पर घिरी पीयू, पंजाब एससी-एसटी आयोग सख्त, रुक सकती है ग्रांट 

Tue, 23 Mar 2021 11:56 AM IST
निवेदिता वर्मा सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 23 Mar 2021 11:56 AM IST
विज्ञापन
Punjab SC-ST Commission is serious on not applying roster in Panjab University 
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में रोस्टर लागू न होने पर पंजाब एससी-एसटी आयोग गंभीर हो गया है। आयोग ने पंजाब सरकार से सिफारिश की है कि पीयू को दी जाने वाली ग्रांट रोक दी जाए। इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी को भी पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि पीयू में रोस्टर लागू करवाने में मदद करें और अग्रिम कार्रवाई की जाए। इस मामले में पीयू घिर गई है, क्योंकि इस प्रकरण को कई दशकों से लंबित किया जा रहा है। 

विज्ञापन


पीयू में एससी, एसटी और बीसी के कर्मचारियों के लिए पदों का निर्धारण व पदोन्नति में आरक्षण के लिए रोस्टर लागू होना था। आजादी के बाद से कई बार इसकी मांग उठी, लेकिन पीयू ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस पर एससी, एसटी व बीसी एसोसिएशन ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया। भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई। कई अन्य रास्ते अपनाए, लेकिन पीयू नहीं जागी।
विज्ञापन



यह प्रकरण चांसलर कार्यालय, केंद्र सरकार और यूजीसी के पास पहुंचा। हाईकोर्ट भी गया, लेकिन इसको लेकर पीयू केवल कागजों तक ही सीमित रही। पंजाब एससी-एसटी आयोग में यह प्रकरण पहुंचा तो उन्होंने पूरे मामले की जांच की और पीयू के अब तक के प्रयासों को देखते हुए निर्णय लिया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने पंजाब सरकार से ग्रांट न देने की बात कही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सीनेट व सिंडिकेट में लगता रहा अड़ंगा
पीयू की ओर से इस पर तीन बार प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को सीनेट और सिंडिकेट में ले जाया गया, लेकिन कुछ कमियां निकालकर इसे लौटा दिया गया। समिति ने फिर इस पर मंथन किया। रोस्टर में सुधार किया और फिर इसे प्रस्तुत किया। सिंडिकेट ने एक बार फिर रोक लगाई। इसके बाद एक और समिति इसके लिए बनी। कुल मिलाकर आज तक रोस्टर लागू नहीं हो पाया। यही हाल शिक्षकों और कर्मचारियों के रोस्टर का है। हालांकि पीयू का दावा है कि इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। 

यूजीसी ने भी रोस्टर वेबसाइट पर अपलोड के लिए कहा, लेकिन अब तक नहीं हो पाया
पिछले महीने यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा था कि रोस्टर वेबसाइट पर अपलोड किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को जानकारी मिल सके। कई विश्वविद्यालयों ने रोस्टर अपलोड कर दिया, लेकिन पीयू यह कार्य नहीं कर पाई। आयोग ने इस बात को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने पीयू से भी इसके बारे में जानकारी मांगी थी। एससी, एसटी और बीसी एसोसिएशन प्रधान हरप्रीत सिंह का कहना है कि रोस्टर लागू करने को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। 

पीयू को 30 करोड़ रुपये देती है पंजाब सरकार
पंजाब सरकार हर साल पंजाब पीयू को लगभग 30 करोड़ रुपये सालाना देती है। आयोग की सिफारिश पर अगर पंजाब सरकार ने यह ग्रांट रोक दी तो पीयू के लिए संकट हो सकता है। इस समय कोरोना काल चल रहा है और पीयू के पास आय के साधन भी कम हो गए हैं। रकम का संकट होगा तो अन्य कार्य प्रभावित होंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed