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ये राज्य चाहेगा, तब पीयू बन पाएगी सेंट्रल यूनिवर्सिटी वरना भूल जाओ

Mon, 08 May 2017 10:02 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 08 May 2017 10:02 AM IST
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punjab politics support compulsory for central university status to punjab university chandigarh
Punjab University Professor Arun Kumar Grover
पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाना है तो वे इस राज्य के हाथ में है। वरना भूल जाओ, सपना बस सपना बनकर ही रह जाएगा। पीयू की सीनेट की बैठक में जहां फी रोलबैक व छात्रों पर दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने के लिए पीयू अथॉरिटी तैयार हो गई है, वहीं इस बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का स्टेट्स दिलवाने की मांग भी जोर-शोर से उठी।
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सीनेटर डॉ. गुरमीत सिंह के इस प्रस्ताव को जहां पहले कुछ सिंडीकेट सदस्यों का समर्थन मिला, वहीं रविवार को सीनेट की बैठक में भी कई सीनेटर्स इस प्रस्ताव के पक्ष में खड़े नजर आए। कई सीनेटर्स ने कहा कि पीयू को आर्थिक संकट से उबारना है तो उसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलवाया जाए। जबकि कई सीनेटर्स का कहना था कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा न दिलवाकर पीयू को सेंट्रल फंडिड यूनिवर्सिटी बनाया जाए।
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इस दौरान सीनेटर डॉ. गुरमीत सिंह ने देश में उन विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए सीनेट को यह बताने का प्रयास किया कि यदि पीयू सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनती है या सेंट्रल फंडिड यूनिवर्सिटी बनती है तो किसी के भी अधिकारों पर कोई खतरा नहीं रहेगा।
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पंजाब चाहेगा तभी आगे बढ़ेगी बात

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पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल चुनाव - फोटो : अमर उजाला
सीनेट की बैठक में पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का स्टेट्स दिलवाने की बात पर चर्चा हुई। पीयू सिंडीकेट के निर्देशों पर गठित एक आठ सदस्यीय मंथन कमेटी भी इस पर विचार कर रही है, लेकिन ये संभव तभी होगा जब पंजाब सरकार चाहेगी।

सीनियर सीनेटर प्रोफेसर रौनकी राम ने सीनेट को बताया कि वर्ष 2008 में भी इसी मसले को लेकर एक बड़ा आंदोलन चला था। जिसके दबाव में आकर प्रकाश सिंह बादल सरकार ने पीयू को सेंट्रल स्टेट्स दिलवाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से अनापत्ति पत्र भी जारी कर दिया था, लेकिन अगले ही दिन तत्कालीन पंजाब सरकार जबरदस्त राजनीतिक दबाव में आकर अपनी एनओसी वापस लेने केलिए केंद्र सरकार को पत्र लिख दिया। जिसके चलते सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मसला वहीं खत्म हो गया।

उनके अनुसार इस बार फिर से ये मसला उठा है तो पहले ये तय करना लेना होगा कि क्या छात्रों के हित में मौजूदा पंजाब सरकार फिर से पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए एनओसी जारी करेगी? उन्होंने कहा कि ये भी संभव है कि पंजाब यूनिवर्सिटी पर मौजूदा पंजाब सरकार कभी अपनी पकड़ नहीं छोड़ेगी। इसलिए पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की बजाए उसे सेंट्रल फंडिड यूनिवर्सिटी बनाया जाए, तो ज्यादा ठीक  रहेगा।

 
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