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फीस बढ़ोत्तरी के नियमों का पालन नहीं किया तो रद्द होगी स्कूल की मान्यता: हाईकोर्ट

Tue, 22 May 2018 10:36 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 22 May 2018 10:36 AM IST
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punjab haryana highcourt orders for private schools in case of fees
प्रवेश के लिए फार्म लेते अभिभावक
निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी को रोकने के लिए दाखिल याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन पर निपटारा कर दिया। इस दौरान केंद्र ने नोटिफिकेशन के बारे में बताते हुए कहा कि यदि किसी शिक्षण संस्थान के खिलाफ शिकायत आती है तो पहली बार में जुर्माना, दूसरी बार दोगुना जुर्माना और तीसरी बार में मान्यता वापस लेने का प्रावधान रखा गया है।
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केस का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब स्कूल आरंभ करना होता है तो रियायती दरों पर इसे पाने के लिए सबसे आगे रहते हो और जब सरकारी नीति के तहत छात्रों को कोई लाभ जारी करना पड़े तो विरोध करने लगते हो। सरकार से कोई रियायत न लो तो हम भी फीस से जुड़ी कोई पाबंदी नहीं थोपेंगे। मामला प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोत्तरी से जुड़ा है जिसे जनहित याचिका के माध्यम से चंडीगढ़ निवासी रितेश पांडेय ने चुनौती दी थी।
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अधिकतम फीस बढ़ोत्तरी की सीमा तय करने को लेकर यूटी प्रशासन द्वारा जो ड्राफ्ट तैयार किया गया था उसे केंद्र सरकार ने मंजूरी देकर इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में सौंप दी। हाईकोर्ट में जानकारी देते हुए असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल ने बताया कि चंडीगढ़ में भी पंजाब की तर्ज पर अधिकतम 8 प्रतिशत फीस बढ़ोत्तरी के प्रावधान को मंजूरी दे दी गई है।
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नोटिफिकेशन के अनुसार मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी करने वाले स्कूलों पर हैवी पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है। इसके लिए शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक रेगुलेटरी कमेटी बनाई जाएगी जो शिकायतों का निपटारा करेगी। पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाए जाने के लिए जो पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन एक्ट-2016 एक्ट लागू किया था उसमें कुछ संशोधन कर उसे अपनाया गया है।

पेनाल्टी की राशि को किया दोगुना
नोटिफिकेशन के अनुसार नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों को पहली बार क्रमश: 60  हजार, 1 लाख व दो लाख की पेनाल्टी का प्रावधान है। दूसरी बार ऐसा करने वाले स्कूलों को क्रमश: 1 लाख 20 हजार, 2 लाख व 4 लाख जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। तीसरी बार गलती दोहराने वाले स्कूलों की मान्यता वापस लेने का अथॉरिटी को अधिकार दिया गया है। शिकायतों को छात्र व उनके परिजन शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में रेगुलेटरी कमेटी को सौंपेंगे और इसे 60 दिन में शिकायत का निपटारा करना होगा।


आय-व्यय का ब्यौरा देना होगा वेबसाइट पर, बीच सत्र नहीं बढ़ेगी फीस
नोटिफिकेशन के अनुसार शिक्षण संस्थानों को अपनी आय-व्यय का पूरा ब्योरा तैयार कर इसे वेबसाइट पर डालना होगा। साथ ही बैलेंसशीट भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। सबसे अहम यह है कि शिक्षण संस्थान आय से किसी व्यक्ति विशेष या किसी कंपनी को कोई राशि नहीं देगा। साथ ही शिक्षण सत्र के आरंभ में बुकलेट में फीस से जुड़ा पूरा ब्योरा सौंपना होगा और इसके अतिरिक्त किसी प्रकार की फीस की डिमांड अवैध होगी। शिक्षण संस्थान सत्र के बीच में किसी प्रकार की कोई फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।
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