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MBBS में दाखिले को लेकर हाईकोर्ट ने स्पष्ट की स्थिति, इस शर्त के साथ मिलेगा यूटी कोटा में प्रवेश

Sat, 01 Sep 2018 12:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 01 Sep 2018 12:04 PM IST
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Punjab Haryana Highcourt Clears Status on Admission in MBBS Course in GMCH 32 Chandigarh
college students - फोटो : demo photo
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में एमबीबीएस दाखिले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने साफ कर दिया है जिन आवेदकों ने दाखिले के समय चंडीगढ़ से बाहर अपने रिहायशी राज्य का चयन किया था वह इस दाखिला प्रक्रिया में अयोग्य माने जाएंगे। जस्टिस महेश ग्रोवर एवं जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु की खंडपीठ ने इस मामले को लेकर दायर कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया है।
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इसके साथ ही चंडीगढ़ से बारहवीं (प्लस टू) पास करने वालों को स्टेट कोटे में शामिल किए जाने वाले नियम को पूरी तरह से गलत बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल वह इस मामले में दखल नहीं दे रहे हैं क्योंकि यह पॉलिसी मैटर है। ऐसे में प्रशासन अगले वर्ष से नियम को रद्द कर सकता है। शुक्रवार को हाईकोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि जिस आवेदक ने दाखिले के समय अन्य राज्य का विकल्प चुना था वह इस दाखिले के अयोग्य है।  हाईकोर्ट ने इसी आधार पर स्क्रूटनी के आदेश भी दे दिए हैं।
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हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया था कि जीएमसीएच में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए स्टेट कोटे के तहत शहर से बारहवीं पास को पैमाना बनाया गया है। इस आधार पर कोई भी बाहरी छात्र चंडीगढ़ के किसी भी स्कूल से सिर्फ बारहवीं पास कर इस कोटे के तहत दाखिला ले सकता है, चाहे इस छात्र ने अपनी ग्यारहवीं तक की क्लास किसी अन्य राज्य से की हो। दूसरी ओर जिस छात्र ने शुरू से ही शहर के स्कूलों में पढ़ाई की है उसके साथ यह अन्याय है। ऐसा जीएमसीएच और प्रशासन की स्टेट कोटे को लेकर स्पष्ट पैमाना नहीं होने के कारण ही हो रहा है। जीएमसीएच में स्टेट कोटे के तहत 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं।
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नीट पास करने वाले शहर के 940 छात्र, लेकिन 1000 से अधिक आए आवेदन
याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि नीट पास करने वाले शहर के 940 छात्र हैं। जबकि जीएमसीएच में स्टेट कोटे के तहत दाखिले के लिए 1000 से अधिक आवेदन आए थे। तय है कि कई आवेदन ऐसे विद्यार्थियों के हैं, जो बाहरी राज्यों के हैं लेकिन जिन्होंने शहर से बारहवीं की है। न तो चंडीगढ़ प्रशासन और न ही जीएमसीएच ही यह जांच करती है कि आवेदक छात्र शहर का निवासी भी है या नहीं।

 
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