विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट का कड़ा फरमान, पेक में ओबीसी कोटे के तहत किसी कीमत पर नहीं मिलेगा दाखिला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 11 Dec 2018 03:10 PM IST
Court
Court
ख़बर सुनें
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में ओबीसी कोटे के तहत प्रवेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि पेक उन संस्थानों में नहीं है, जिन्हें सीधे केंद्र सरकार से ग्रांट आती है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह अहम आदेश गुज्जर समाज कल्याण परिषद की ओर से पेक में ओबीसी कोटे के तहत दाखिला दिए जाने की मांग वाली याचिका पर जारी किए हैं। याचिका में बताया गया था कि पेक को केंद्र ने डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया है और केंद्र पेक को ग्रांट भी जारी करता है। ऐसे सभी शिक्षण संस्थान जो केंद्र सरकार की ग्रांट से चलाए जाते हैं, वहां दाखिलों में ओबीसी कोटे के तहत 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना अनिवार्य होता है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट को बताया गया था कि पेक में सिर्फ फैकल्टी की नियुक्ति में ही ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन दाखिलों में नहीं। याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि इस कोटे के तहत पेक में दाखिला नहीं दिया जा सकता, क्योंकि पेक सीधे तौर पर केंद्र सरकार से ग्रांट नहीं लेता, बल्कि वह चंडीगढ़ प्रशासन के तहत है और उसी के जरिये पेक को ग्रांट मिलती है। पेक एक स्वायत्त संस्था है और इस मामले में पेक पहले ही अपना जवाब दायर कर कह चुका है कि केंद्रीय शिक्षण संस्थानों और उन शिक्षण संस्थानों में जो केंद्र की ग्रांट से चलाए जाते हैं, सिर्फ उन्हीं शिक्षण संस्थानों में ओबीसी कोटे के तहत दाखिला दिया जा सकता है।

पेक केंद्र सरकार की ग्रांट से चलाया जाता है, इस दावे को पेक पूरी तरह खारिज कर चुका है। पेक को केंद्र सरकार या यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) से कोई ग्रांट नहीं मिलती है। लिहाजा प्रशासन के अन्य विभागों में आरक्षण की जो पॉलिसी लागू है, वही पालिसी पेक पर भी लागू होती है। कोर्ट को बताया गया था कि पेक में ओबीसी कोटे को लागू करना या नहीं करना, पूरी तरह से प्रशासन के अधिकार क्षेत्र का मामला है। ऐसे में पेक में इस कोटे को लागू करने पर प्रशासन ही निर्णय ले सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दायर कर कहा था कि पेक में पहले ही अन्य सभी वर्गों को आरक्षण मिल रहा है, अगर अब ओबीसी कोटा भी लागू कर दिया जाये तो आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा हो जाएगा, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उलंघन है। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन

Recommended

प्रथम श्रेणी के दुग्ध उत्पादों के लिए प्रतिबद्ध है धौलपुर फ्रेश
Dholpur fresh

प्रथम श्रेणी के दुग्ध उत्पादों के लिए प्रतिबद्ध है धौलपुर फ्रेश

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Shimla

उपचुनाव के चलते एचपीयू ने बदली परीक्षाओं की तारीख, यहां देखें नया शेड्यूल

एचपीयू ने पच्छाद और धर्मशाला में विधानसभा उपचुनाव और मतगणना की चुनाव प्रक्रिया के मद्देनजर स्नातक डिग्री कोर्स की परीक्षा की तिथियों में बदलाव किया है।

16 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

कांग्रेस अपने परिवार में भारत रत्न समेंटना चाहती है: रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा की वीर सावरकर को भारत रत्न मिलना चाहिए। कांग्रेस सिर्फ अपने परिवार में भारत रत्न समेंटना चाहती है।

16 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree