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चंडीगढ़ः 850 शिक्षकों की नौकरी पर लटकी तलवार हटी, कैट के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
Thu, 28 Nov 2019 01:08 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 28 Nov 2019 01:08 PM IST
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा 850 शिक्षकों को हटाने के आदेश को खारिज करते हुए इनकी नौकरी पर लटकी तलवार हटा दी है। इससे पहले कैट ने शिक्षकों के हक में फैसला दिया था जिसके खिलाफ यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट में अपील की थी जिसे अब हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि इस आदेश से जिन शिक्षकों का नाम एफआईआर में है उन्हें राहत नहीं मिलेगी।
2014 में चंडीगढ़ प्रशासन ने 1150 शिक्षकों की नियुक्तियों के लिए परीक्षा ली थी और बाद में पता चला कि इस पृस्क्ष का प्रश्न पत्र परीक्षा से तीन दिन पहले ही लीक हो गया था। जांच में सामने आया था कि यह प्रश्न पत्र 7 -7 लाख रुपये में बेचा गया था। मामले की जांच पंजाब विजिलेंस ने की थी और चंडीगढ़ प्रशासन को कार्रवाई करने को कहा था।
घोटाले के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने प्रशासक को पूरी भर्ती प्रक्त्रिस्या को खारिज करने के लिए लिखा था। इस मामले में गठित कमेटी ने भी सभी 850 शिक्षकों को नौकरी से हटाने के लिए कहा। इसके बाद 30 मई 2018 को उन्हें हटा दिया गया था। प्रशासन ने 30 मई 2018 को आदेश जारी करते हुए इन 850 शिक्षकों को हटाए जाने के आदेश दे दिए थे।
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शिक्षकों ने इन आदेशों को कैट में याचिका दायर कर चुनौती दे दी थी कैट ने 6 मई को इन शिक्षकों के पक्ष में अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि जिन शिक्षकों के एफआईआर में नाम नहीं हैं उन्हें नौकरी से निकाला जाना पूरी तरह से अवैध है। कैट ने चंडीगढ़ प्रशासन के 30 मई 2018 के उन आदेश को ही रद्द कर दिया था जिसके तहत इन 850 शिक्षकों को निकाला जाना था।
कैट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने हाई कोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दे दी थी। बुधवार को हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की अपील को खारिज करते हुए कैट के फैसले पर अपनी मोहर लगा दी है।
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2014 में चंडीगढ़ प्रशासन ने 1150 शिक्षकों की नियुक्तियों के लिए परीक्षा ली थी और बाद में पता चला कि इस पृस्क्ष का प्रश्न पत्र परीक्षा से तीन दिन पहले ही लीक हो गया था। जांच में सामने आया था कि यह प्रश्न पत्र 7 -7 लाख रुपये में बेचा गया था। मामले की जांच पंजाब विजिलेंस ने की थी और चंडीगढ़ प्रशासन को कार्रवाई करने को कहा था।
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घोटाले के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने प्रशासक को पूरी भर्ती प्रक्त्रिस्या को खारिज करने के लिए लिखा था। इस मामले में गठित कमेटी ने भी सभी 850 शिक्षकों को नौकरी से हटाने के लिए कहा। इसके बाद 30 मई 2018 को उन्हें हटा दिया गया था। प्रशासन ने 30 मई 2018 को आदेश जारी करते हुए इन 850 शिक्षकों को हटाए जाने के आदेश दे दिए थे।
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शिक्षकों ने इन आदेशों को कैट में याचिका दायर कर चुनौती दे दी थी कैट ने 6 मई को इन शिक्षकों के पक्ष में अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि जिन शिक्षकों के एफआईआर में नाम नहीं हैं उन्हें नौकरी से निकाला जाना पूरी तरह से अवैध है। कैट ने चंडीगढ़ प्रशासन के 30 मई 2018 के उन आदेश को ही रद्द कर दिया था जिसके तहत इन 850 शिक्षकों को निकाला जाना था।
कैट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने हाई कोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दे दी थी। बुधवार को हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की अपील को खारिज करते हुए कैट के फैसले पर अपनी मोहर लगा दी है।