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सरकारी टीचर्स के लिए सरकारी ने जारी किया अहम फरमान, वो भी शर्तों के साथ

Tue, 12 Sep 2017 03:22 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 12 Sep 2017 03:22 PM IST
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punjab education board notice for govt teachers
teacher demo pic
सरकारी टीचर्स के लिए पंजाब सरकार ने बेहद अहम फरमान जारी किया है, वो भी कई शर्तों के साथ। हालांकि टीचर्स इसका विरोध कर रहे हैं। नए आदेश के तहत, अब परीक्षाओं के दौरान ड्यूटी से बचने को टीचर दो घंटे की छुट्टी नहीं ले सकेंगे। शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर स्कूल प्रिंसिपल द्वारा ऐसी छुट्टी दिए जाने पर रोक लगा दी है। किसी विशेष स्थिति में टीचरों को जिला शिक्षा अधिकारी से छुट्टी लेनी होगी।
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शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने अब टीचरों की छुट्टी पर शिकंजा कसा है। कृष्ण कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि उनकी जानकारी में आया है कि कई टीचर परीक्षा टीचर से बचने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वह एक बटा तीन (एक तिहाई) छुट्टी ले लेते हैं। वे दिन के पहले दो घंटे की छुट्टी लेते हैं। जिसके चलते उनकी परीक्षा ड्यूटी नहीं लग पाती है। उसका बोझ दूसरे टीचरों को उठाना पड़ता है। दो घंटे बाद वे टीचर स्कूल आकर रूटीन काम करते हैं।
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पत्र में कहा गया है कि इस प्रथा को रोकने के लिए टीचर, शिक्षण संगठन और शिक्षा अधिकारियों से बातचीत की गई। जिसके बाद सभी प्रिंसिपल को निर्देश दिए जाते हैं कि सितंबर और मार्च में होने वाली परीक्षाओं में टीचरों को दिन केपहले समय की एक बटा तीन छुट्टी न दी जाए। अगर छुट्टी बहुत जरूरी है तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी से फोन, एसएमएस या वट्स-एप पर एडवांस में कारण बता कर ली जा सकती है।
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स्कूल प्रिंसिपल यह यकीनी बनाएंगे कि परीक्षाओं के दौरान बिना किसी पक्षपात के सभी टीचरों की बराबर ड्यूटी लगाई जाए। किसी भी टीचर को परीक्षा ड्यूटी से छूट न दी जाए। अगर किसी टीचर को छूट देनी जरूरी है तो पहले जिला शिक्षा अधिकारी से इजाजत लें।

बड़े संघर्ष के बाद मिली थी छुट्टी
सरकारी स्कूलों के टीचरों को पूरे दिन, आधे दिन और एक तिहाई दिन की छुट्टी मिलती है। एक तिहाई या एक बटा तीन छुट्टी दो घंटे की होती है, जो टीचर कभी भी ले सकते हैं। 1982 में तत्कालीन शिक्षामंत्री हरचंद सिंह अजनाला ने इस पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद टीचरों ने संघर्ष किया, कई महीने तक लगातार धरना चला। तब सरकार ने दोबारा इसे बहाल किया था।


बेतुका है आदेश - जीटीयू
गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन के प्रेस सचिव हरनेक मावी ने शिक्षा सचिव केआदेश को बेतुका बताते हुए कहा कि उन्हें गुमराह किया गया है। कोई भी टीचर परीक्षा ड्यूटी से क्यों भागेगा। अगर किसी टीचर को समस्या आ गई, एक्सिडेंट हो गया या बच्चा बीमार हो गया, तो उसे छुट्टी लेने में दिक्कत आएगी। यह टीचरों का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रिंसिपल बेहतर ढंग से जानता है कि टीचरों की क्या समस्या है। इस बारे में यूनियन जल्द शिक्षा सचिव से मिलेगी।
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