वीसी ने बताई पीयू के मौजूदा आर्थिक हालातों में फीस बढ़ाने की वजह
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रैंकिंग में देश की नंबर वन पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) आजकल सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। आर्थिक तंगी ने पीयू के लिए दिक्कतें बढ़ी दी हैं। यूजीसी द्वारा ग्रांट नहीं बढ़ाने के फैसले के बाद पीयू ने आर्थिक तंगी से उबरने के लिए नए सिरे से मंथन शुरू कर दिया है।
पीयू कुलपति प्रो.अरुण ग्रोवर का कहना है कि मौजूदा हालात में ट्यूशन फीस बढ़ाना मजबूरी बन गया है। लेकिन विद्यार्थियों के हित की अनदेखी नहीं होगी। उन्होंने माना कि अगले सत्र से फीस बढ़नी तय है।
मंगलवार पीयू कुलपति ने मौजूदा हालात को लेकर सभी 78 विभागाध्यक्षों ,डायरेक्टरों और सेंटर हेड के साथ मीटिंग की। कुलपति ने सभी से 10 जनवरी तक आर्थिक हालत सुधारने के संबंध में सुझाव मांगे हैं।
प्रो.ग्रोवर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी 15 जनवरी तक यूजीसी की ओर से जारी निर्देशों के तहत घाटे को कम करने और अपनी आय बढ़ाने के तरीकों का पूरा प्रपोजल सौंप देगी। पीयू यूजीसी को 3-5 और 10 साल की अवधि के घाटे और इनकम का प्रोजेक्ट तैयार करके भेजेगी।
स्टूडेंट्स को मिलेगी नौकरी, तैयार होगा स्टूडेंट क्लब
मंगलवार करीब दो घंटे चली मीटिंग में प्रो.ग्रोवर ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि अगर अभी कठोर कदम नहीं उठाए गए तो पीयू के सामने ओर भी मुश्किल हालत पैदा हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीयू फिलहाल 7वां पे कमीशन लागू करने की हालत में नहीं है। ऐसा करने पर सैलरी का 80 फीसदी बोझ यूजीसी बजट से आएगा। जबकि 20 फीसदी पीयू और पंजाब सरकार के हिस्से से आएगा।
प्रो.ग्रोवर ने कहा कि बार-बार चिट्ठी लिखने के बाद भी पंजाब सरकार अपने हिस्सा का पूरा 39 करोड़ सालाना बजट नहीं दे रही। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भी कैंपस की मैंटेनेंस के लिए फंड जारी नहीं हो रहा है।
स्टूडेंट्स को मिलेगी नौकरी, तैयार होगा स्टूडेंट क्लब
मीटिंग में प्रो.ग्रोवर ने बताया कि पीयू के सामने आर्थिक तंगी के साथ ही फैकल्टी और अन्य कर्मचारियों की भी कमी है। उन्होंने कहा कि पीयू अब युवाओं की प्लेसमेंट को लेकर विशेष ध्यान देगी।
पीयू खाते में पहुंची 44 करोड़ की ग्रांट
जल्द ही पीयू स्टूडेंट क्लब का गठन करेगी जिसमें नौकरी के योग्य सभी विद्यार्थियों का डाटा तैयार किया जाएगा। पीयू स्टूडेंट्स को जरूरत के हिसाब से पार्ट टाइम काम देने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट डाटा को अगर बाहरी कंपनी को जरूरत होगी तो उसे भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रो.ग्रोवर ने कहा कि जो स्टूडेंट फीस देने में असमर्थ होंगे उन्हें स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी।
पीयू खाते में पहुंची 44 करोड़ की ग्रांट
पंजाब ए़ंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिर यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने पीयू को मंजूर 176 करोड़ की बकाया राशि की अंतिम किस्त 44 करोड़ की ग्रांट जारी कर दी है। यह पैसा मंगलवार को यूजीसी की ओर से चेक के माध्यम से पीयू को मिल गया है। पीयू कुलपति ने खुद इस बात की पुष्टि की है।
यूजीसी चेयरमैन से डिनर पर चर्चा
देश की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी में शामिल पीयू के आर्थिक हालत ने कुलपति से लेकर अन्य अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। यूजीसी से जारी ग्रांट से पीयू प्रशासन सिर्फ दिसंबर महीने का वेतन जारी कर पाएगा।
अगले दो महीने की ग्रांट के लिए कुलपति दिल्ली में यूजीसी और एमएचआरडी अधिकारियों के पास लगातार चक्कर लगा रहे हैं। बुधवार से शहर में सीईसी-यूजीसी फिल्म फेस्टिवल के लिए पहुंचे यूजीसी चेयरमैन प्रो.वेदप्रकाश से प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने मुलाकात की और यूनिवर्सिटी के मौजूदा हालात पर चर्चा भी की।