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पीयू सिंडीकेट की बैठक: प्रो. जितेंद्र गोस्वामी को हटाया, प्रो. नाहर नए डीएसडब्ल्यू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Nov 2016 01:07 AM IST
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Panjab University
- फोटो : amar ujala
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पंजाब यूनिवर्सिटी में रविवार को हुई सिंडीकेट ने प्रो. जतेंद्र गोस्वामी को हटाकर प्रो. इमेअल नाहर को डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) बनाने की मंजूरी दे दी। वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने प्रो. जितेंद्र गोस्वामी को डीएसडब्ल्यू नियुक्त किया था।
लेकिन उनकी नियुक्ति के विरोध में पीयू सिंडीकेट का एक गुट पूरी तरह से लामबंद हो चुका था। अमर उजाला ने सबसे पहले ही प्रो. नाहर की नियुक्ति की जानकारी दी थी। प्रो. नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू वुमन और प्रो. रतन सिंह को नया एसोसिएट डीएसडब्ल्यू लगाया गया है।
अक्तूबर में पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल और प्रो. नंदिता सिंह ने डीएसडब्ल्यू पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद कुलपति नेे यूआईईटी विभाग के प्रो. जितेंद्र गोस्वामी और डॉ.नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू(वुमन) नियुक्ति कर दिया था।
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लेकिन इस नियुक्ति का सिंडीकेट के एक धड़े ने विरोध किया। पीयू कुलपति के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में पीयू कैश को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। यह मामला बहुत समय से पीयू कैश के पास लंबित है।
बैठक में सिंडीकेट बॉडी की चुनाव संबंधी नई गाइड लाइंस पर भी जमकर बहस हुई। इसमें सिंडीकेट बॉडी के चुनाव लड़ने के इच्छुक कैेंडिडेट को संबंधित क्षेत्र का एक्सपर्ट होना जरूरी कर दिया गया है। 17 दिसंबर को नवगठित पीयू सीनेट की पहली मीटिंग होगी। जिसमें इन नई गाइड लाइंस पर मुहर लग सकती है।
इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
पीजी कॉलेज-11 को को-एड शिक्षण संस्थान का दर्जा देने को भी सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी। बोर्ड ऑफ फाइनेंस बैठक के प्रस्तावित मामले को पास कर दिया गया। डीन एल्युमनी प्रो. अनिल मोंगा के रिसर्च सेंटर संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इसके लिए कॉलेज और पीयू 60-40 प्रतिशत के अनुसार वित्तीय योगदान देंगे। एक कैंडिडेट को पीएचडी में समय संबंधी छूट दिए जाने को भी मंजूरी मिल गई है। जेके लक्ष्मी पंत यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. रोशन लाल 1 लाख का अनुदान देंगे।
उनकेनाम पर अवार्ड शुरू करने को भी मंजूरी मिल गई है। वहीं लॉ विभाग की लाइब्रेरी में इस्तेमाल नहीं की जा रही किताबों संबंधी मामले पर कमेटी बना दी गई है। कमेटी में प्रो. नवदीप गोयल और अनु चतरथ होंगे। पीयू सिंडीकेट ने 4 फैकल्टी मेंबर्स के फैकल्टी विभाग भी बदल दिए।
अनुपम खेर को कला रत्न, अभिनव बिंद्रा पीयू में पढ़ाएंगे
अभिनेता और पीयू अलुमनी अनुपम खेर को कला रत्न, साहित्यकार और पीयू एल्युमनी प्रो. दलीप कौर टिवाणा को साहित्य रत्न और डा. पीडी गुप्ता को विज्ञान रत्न अवार्ड से नवाजे जाने को भी पीयू सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी। ओलंपियन व गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा पीयू के स्टूडेंट् को स्पोर्ट्स केगुर सिखाएंगे। सिंडीकेट ने ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर चेयर की पहली प्रोफेसरशिप के लिए अभिनव बिंद्रा को नाम को मंजूरी दे दी है। अनुपम खेर ने पीयू इंडियन थियेटर डिपार्टमेंट के किसी एक स्टूडेंट को पूरे करिअर के लिए स्कॉलरशिप देने का ऑफर भी दिया है।
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लेकिन उनकी नियुक्ति के विरोध में पीयू सिंडीकेट का एक गुट पूरी तरह से लामबंद हो चुका था। अमर उजाला ने सबसे पहले ही प्रो. नाहर की नियुक्ति की जानकारी दी थी। प्रो. नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू वुमन और प्रो. रतन सिंह को नया एसोसिएट डीएसडब्ल्यू लगाया गया है।
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अक्तूबर में पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल और प्रो. नंदिता सिंह ने डीएसडब्ल्यू पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद कुलपति नेे यूआईईटी विभाग के प्रो. जितेंद्र गोस्वामी और डॉ.नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू(वुमन) नियुक्ति कर दिया था।
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लेकिन इस नियुक्ति का सिंडीकेट के एक धड़े ने विरोध किया। पीयू कुलपति के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में पीयू कैश को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। यह मामला बहुत समय से पीयू कैश के पास लंबित है।
बैठक में सिंडीकेट बॉडी की चुनाव संबंधी नई गाइड लाइंस पर भी जमकर बहस हुई। इसमें सिंडीकेट बॉडी के चुनाव लड़ने के इच्छुक कैेंडिडेट को संबंधित क्षेत्र का एक्सपर्ट होना जरूरी कर दिया गया है। 17 दिसंबर को नवगठित पीयू सीनेट की पहली मीटिंग होगी। जिसमें इन नई गाइड लाइंस पर मुहर लग सकती है।
इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
पीजी कॉलेज-11 को को-एड शिक्षण संस्थान का दर्जा देने को भी सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी। बोर्ड ऑफ फाइनेंस बैठक के प्रस्तावित मामले को पास कर दिया गया। डीन एल्युमनी प्रो. अनिल मोंगा के रिसर्च सेंटर संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इसके लिए कॉलेज और पीयू 60-40 प्रतिशत के अनुसार वित्तीय योगदान देंगे। एक कैंडिडेट को पीएचडी में समय संबंधी छूट दिए जाने को भी मंजूरी मिल गई है। जेके लक्ष्मी पंत यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. रोशन लाल 1 लाख का अनुदान देंगे।
उनकेनाम पर अवार्ड शुरू करने को भी मंजूरी मिल गई है। वहीं लॉ विभाग की लाइब्रेरी में इस्तेमाल नहीं की जा रही किताबों संबंधी मामले पर कमेटी बना दी गई है। कमेटी में प्रो. नवदीप गोयल और अनु चतरथ होंगे। पीयू सिंडीकेट ने 4 फैकल्टी मेंबर्स के फैकल्टी विभाग भी बदल दिए।
अनुपम खेर को कला रत्न, अभिनव बिंद्रा पीयू में पढ़ाएंगे
अभिनेता और पीयू अलुमनी अनुपम खेर को कला रत्न, साहित्यकार और पीयू एल्युमनी प्रो. दलीप कौर टिवाणा को साहित्य रत्न और डा. पीडी गुप्ता को विज्ञान रत्न अवार्ड से नवाजे जाने को भी पीयू सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी। ओलंपियन व गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा पीयू के स्टूडेंट् को स्पोर्ट्स केगुर सिखाएंगे। सिंडीकेट ने ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर चेयर की पहली प्रोफेसरशिप के लिए अभिनव बिंद्रा को नाम को मंजूरी दे दी है। अनुपम खेर ने पीयू इंडियन थियेटर डिपार्टमेंट के किसी एक स्टूडेंट को पूरे करिअर के लिए स्कॉलरशिप देने का ऑफर भी दिया है।