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पीयू के यूआईईटी विभाग में स्टूडेंट्स ने किया हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 24 Jan 2017 12:51 AM IST
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Panjab University
- फोटो : amar ujala
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पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में तीन छात्रों को क्लास अटेंड करने की अनुमति नहीं देने पर जमकर हंगामा हुआ।
पीयू स्टूडेंट काउंसिल सदस्य और यूआईईटी छात्रों ने मामले को लेकर करीब दो घंटे तक यूआईईटी के ब्लॉक एक के बाहर जमकर बवाल किया और डायरेक्टर को भी गेट से निकलने नहीं दिया। उधर मामले में डायरेक्टर की धमकी के बाद मामला ओर उलझ गया है।
सेक्टर-25 स्थित यूआईईटी विभाग के दो छात्र और एक छात्रा की कैंपस प्लेसमेंट के तहत बंगलूरू की एक कंपनी ने प्लेसमेंट की थी। तीनों को 6 लाख का पैकेज ऑफर किया गया।
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छह महीने की ट्रैनिंग के लिए तीनों कंपनी के ऑफिस पहुंचे। यूआईईटी छात्र और पीयू छात्र काउंसिल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित कौशिक के अनुसार छात्रों को प्लेसमेंट के समय डिमांड जनरेशन एग्जीक्यूटिव की जॉब ऑफर की गई थी।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कंपनी उनसे कॉल सेंटर प्रोफाइल में काम करवा रही थी। तीनों ही स्टूडेंट्स जॉब छोड़कर वापस यूआईईटी विभाग में पहुंच गए।
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को क्लास करने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही विभाग के प्लेसमेंट ऑफिसर ने कंपनी को लिखकर भेज दिया कि स्टूडेंट्स जल्द ट्रेनिंग ज्वाइन करेंगे।
मामले को लेकर छात्रों ने यूआईईटी विभाग के सामने जमकर बवाल मचाया और छात्रों को ब्लॉक से बाहर और अंदर भी नहीं जाने दिया। उधर मामले में यूआईईटी डायरेक्टर रेणू विज और स्टूडेंट काउंसिल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित कौशिक के बीच भी मामले को लेकर काफी कहासुनी हुई।
लेकिन कोई समाधान नहीं निकाल। छात्रों ने मंगलवार को भी विरोध जारी रखने और मामले की शिकायत वीसी को देने का फैसला लिया है। उधर यूआईईटी डायरेक्टर प्रोफेसर रेणू विज का कहना है कि छात्रों को कंपनी ज्वाइन किए हुए कुछ दिन ही हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान कई तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। विज के अनुसार छात्रों द्वारा ट्रेनिंग छोड़कर आने से भविष्य में कंपनी प्लेसमेंट के लिए भी यूआईईटी नहीं आएगी। स्टूडेंट्स ने यह गलत कदम उठाया है।
यूआईईटी की ओर से प्लेसमेंट के लिए बुलाई गई कंपनी ने स्टूडेंट्स से धोखा किया है। छात्रों से उनके प्रोफाइल की जगह कॉल सेंटर का काम लिया जा रहा था। इस पर छात्रों ने काम करने से मना कर विभाग में क्लास करने का फैसला किया। छात्रों को क्लास करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
-अमित कौशिक ज्वाइंट सेक्रेटरीस, पीयू छात्र काउंसिल
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पीयू स्टूडेंट काउंसिल सदस्य और यूआईईटी छात्रों ने मामले को लेकर करीब दो घंटे तक यूआईईटी के ब्लॉक एक के बाहर जमकर बवाल किया और डायरेक्टर को भी गेट से निकलने नहीं दिया। उधर मामले में डायरेक्टर की धमकी के बाद मामला ओर उलझ गया है।
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सेक्टर-25 स्थित यूआईईटी विभाग के दो छात्र और एक छात्रा की कैंपस प्लेसमेंट के तहत बंगलूरू की एक कंपनी ने प्लेसमेंट की थी। तीनों को 6 लाख का पैकेज ऑफर किया गया।
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छह महीने की ट्रैनिंग के लिए तीनों कंपनी के ऑफिस पहुंचे। यूआईईटी छात्र और पीयू छात्र काउंसिल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित कौशिक के अनुसार छात्रों को प्लेसमेंट के समय डिमांड जनरेशन एग्जीक्यूटिव की जॉब ऑफर की गई थी।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कंपनी उनसे कॉल सेंटर प्रोफाइल में काम करवा रही थी। तीनों ही स्टूडेंट्स जॉब छोड़कर वापस यूआईईटी विभाग में पहुंच गए।
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को क्लास करने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही विभाग के प्लेसमेंट ऑफिसर ने कंपनी को लिखकर भेज दिया कि स्टूडेंट्स जल्द ट्रेनिंग ज्वाइन करेंगे।
मामले को लेकर छात्रों ने यूआईईटी विभाग के सामने जमकर बवाल मचाया और छात्रों को ब्लॉक से बाहर और अंदर भी नहीं जाने दिया। उधर मामले में यूआईईटी डायरेक्टर रेणू विज और स्टूडेंट काउंसिल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित कौशिक के बीच भी मामले को लेकर काफी कहासुनी हुई।
लेकिन कोई समाधान नहीं निकाल। छात्रों ने मंगलवार को भी विरोध जारी रखने और मामले की शिकायत वीसी को देने का फैसला लिया है। उधर यूआईईटी डायरेक्टर प्रोफेसर रेणू विज का कहना है कि छात्रों को कंपनी ज्वाइन किए हुए कुछ दिन ही हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान कई तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। विज के अनुसार छात्रों द्वारा ट्रेनिंग छोड़कर आने से भविष्य में कंपनी प्लेसमेंट के लिए भी यूआईईटी नहीं आएगी। स्टूडेंट्स ने यह गलत कदम उठाया है।
यूआईईटी की ओर से प्लेसमेंट के लिए बुलाई गई कंपनी ने स्टूडेंट्स से धोखा किया है। छात्रों से उनके प्रोफाइल की जगह कॉल सेंटर का काम लिया जा रहा था। इस पर छात्रों ने काम करने से मना कर विभाग में क्लास करने का फैसला किया। छात्रों को क्लास करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
-अमित कौशिक ज्वाइंट सेक्रेटरीस, पीयू छात्र काउंसिल