फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ,pu senate ,pu senate meeting ,senate meeting 2016

पीयू सीनेट में स्टूडेंट काउंसिल को दो सीट दिलाने की तैयारी

Tue, 11 Oct 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 11 Oct 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
,pu senate ,pu senate meeting ,senate meeting 2016
Panjab University - फोटो : amar ujala
पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट में पहली बार पीयू स्टूडेंट काउंसिल सदस्यों को स्थाई सीट मिलेगी। दिवाली से पहले इस संबंध में चांसलर दफ्तर से आदेश जारी होने की उम्मीद है। अब छात्र नेता पीयू कैंपस और 192 एफिलिएटेड कॉलेजों  और लाखों स्टू़डेंट्स से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा सकेंगे। 
विज्ञापन


पंजाब यूनिवर्सिटी की 1 नवंबर को गठित होने वाली नई सीनेट में इस बार पीयू स्टूडेंट काउंसिल को सीट मिलना तय माना जा रहा है। इस संबंध में पंजाब यूनिवर्सिटी चांसलर और देश के उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी के दफ्तर में कुलपति की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। रविवार को पीयू सीनेट में कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने बताया कि इस मामले में वह पहले ही चांसलर दफ्तर में प्रस्ताव रख चुके हैं। 
विज्ञापन


 पीयू सीनेट के इतिहास में पहली बार पीयू कैंपस के 15 हजार स्टूडेंट्स की ओर से चुने गए छात्र नेता को सीनेट में बैठने और बोलने का अधिकार मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार सीनेट में एक सीट मिलना तो यह है, अगर कुलपति की अनुशंसा पर चांसलर दफ्तर की ओर से कार्रवाई हुई तो दो छात्र काउंसिल सदस्यों को भी सीनेट मेंबर नॉमिनेट किया जा सकता है। रविवार पीयू सीनेट में काउंसिल में छात्र काउंसिल के एक सदस्य को नॉमिनेट करने के मुद्दे को पूर्व छात्र नेता डॉ. डीपीएस रंधावा ने पूरे जोरों से उठाया था। मामले में कुलपति प्रो.अरुण ग्रोवर ने कहा कि वह तो चाहते हैं कि महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी की तर्ज पर स्टूडेंट काउंसिल के दो सदस्यों को सीनेट में हिस्सेदारी मिले।  
विज्ञापन
विज्ञापन

,pu senate ,pu senate meeting ,senate meeting 2016
VC Arun Grover On PU - फोटो : File Photo
सीनेट में सीट के लिए पीयू कैंपस में कई सालों से छात्र संगठनों का विरोध चल रहा है। कड़े विरोध के बाद छात्र काउंसिल प्रधान को सीनेट की कार्रवाई देखने की अनुमति तो दी गई, लेकिन उसे अपनी बात रखने का अधिकार नहीं था। दो साल पहले पीयू कुलपति के अनुरोध पर पीयू चांसलर ने विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को सीनेट तक पहुंचाने के लिए पीयू डीएसडब्ल्यू को अस्थायी सीट दी थी। लेकिन अब पीयू काउंसिल की सीट पक्की होने के बाद डीएसडब्ल्यू की सीट खत्म कर दी जाएगी। 
 
पीयू सीनेट में कुलपति का ओर से दो स्टूडेंट काउंसिल सदस्यों का नॉमिनेशन कराने की सिफारिश की गई है। ऐसे में एक प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी पद को सीनेट में सीट मिलेगी। लेकिन पीयू छात्र काउंसिल चुनाव में सभी छात्र संगठन इन दोनों सीटों पर लड़कों को ही उम्मीदवार बनाते हैं। जबकि पीयू कैंपस में 70 फीसदी से अधिक स्टूडेंट छात्राएं हैं। ऐसे में छात्राओं को सीनेट में सीट मिल पाना मुश्किल हो सकता है। छात्रा को सीनेट में सीट दिलाने के लिए पीयू प्रशासन को छात्रा के लिए सीट रिजर्व करनी होगी। 
 
 पीयू स्टूडेंट काउंसिल को सीनेट में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, इस मामले में हम चांसलर दफ्तर को पहले ही जानकारी दे चुके हैं। मेरी इच्छा है कि काउंसिल से महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी की तर्ज पर स्टूडेंट को दो सीट मिलनी चाहिए। इस मामले में अंतिम फैसला चांसलर ऑफिस को करना है।  - प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर कुलपति पीयू 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed