हॉस्टलों में रह रहे सात हजार छात्रों को किराये में छूट देने की तैयारी में पंजाब विश्वविद्यालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रह रहे सात हजार से अधिक छात्रों को किराये में छूट मिल सकती है। इसके लिए पीयू प्रशासन कमेटी बनाकर निर्णय लेने की तैयारी में जुटा है। यह इसलिए किया जा रहा है कि छात्र फीस माफी के लिए दबाव बना रहे हैं। छात्रों को हॉस्टल किराये के जरिये कुछ राहत दी जा सकती है। इससे छात्र शांत हो जाएंगे।
पीयू के 20 हॉस्टलों में सात हजार से अधिक विद्यार्थी हर साल दाखिल होते हैं। पिछले शैक्षिक सत्र में भी इतने ही छात्रों ने हॉस्टलों में हिस्सा लिया। जून तक का किराया छात्रों से जनवरी माह में लिया जा चुका है। जुलाई से अलग शैक्षिक सत्र शुरू होता है तो पीयू उसके लिए किराया लेता है। इस बार कोरोना के कारण अधिकांश छात्र अपने घरों में ही हैं।
कुछ ही छात्र हॉस्टल में रह रहे हैं। इसी बीच पीयू ने आदेश जारी कर दिया कि छात्र पहले सेमेस्टर की फीस जमा कर दें। इसका विरोध सभी छात्र संगठनों ने किया। कहीं प्रदर्शन किए जा रहे हैं तो कहीं पर भूख हड़ताल। पीयू प्रशासन छात्रों को मना नहीं पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू प्रशासन हॉस्टलों के किराये में छात्रों को छूट देने की योजना बना रहा है, क्योंकि हॉस्टलों में छात्र नहीं रह रहे हैं। ऐसे में हॉस्टलों का खर्च कम आ रहा है। छात्रों को 10 से 20 फीसदी किराये में छूट प्रदान की जा सकती है।
सूत्र का कहना है कि पीयू फीस इसलिए माफ नहीं करना चाहता कि आगे भी ऐसी परंपरा बन जाएगी और फीस माफ की तो पीयू को बड़ा नुकसान होगा जबकि हॉस्टल किराये में छूट से पीयू के खजाने पर अधिक पैसे खर्च नहीं होंगे। बताया जाता है कि जुलाई व अगस्त माह के किराये में छूट देने की तैयारी है।
फाइनल ईयर वाले छात्र खाली करेंगे हॉस्टल
पीयू के हॉस्टलों में फाइनल ईयर के छात्र रह रहे हैं। यह छात्र परीक्षाएं होने के बाद हॉस्टल खाली कर देंगे। उसके बाद यह कमरे भी खाली ही रहेंगे। क्योंकि पढ़ाई अभी ऑनलाइन ही चलेगी। छात्रों को बुलाया नहीं जाएगा। ऐसे में छात्र हॉस्टल भी नहीं लेंगे और पीयू उन्हें आवंटित भी नहीं करेगा। फाइनल ईयर के छात्रों की संख्या लगभग 2000 है।
पड़ोसी राज्यों के छात्र अपने घर गए
पीयू के हॉस्टलों में रह रहे पड़ोसी राज्यों के अधिकांश छात्र अपने घर चले गए हैं। यह कई माह से हॉस्टलों में ही रह रहे थे। पीयू प्रशासन ने इन छात्रों को समझाया, उसके बाद वह घर गए। अभी हॉस्टल में लगभग 100 विद्यार्थी ही रह रहे हैं। यह दूरस्थ राज्यों के हैं, जिनको जाने में आसानी नहीं होगी। कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो हॉस्टलों से अपना सामान ले गए।
किराये में छूट को लेकर कमेटी निर्णय लेगी। अभी कोई फाइनल निर्णय नहीं हुआ है। हॉस्टलों में रह रहे पड़ोसी राज्यों के छात्र अपने घर गए हैं। वहीं छात्र हॉस्टलों में रुके हैं जिनकी कुछ मजबूरियां हैं। - प्रो. एसके तोमर, डीएसडब्ल्यू